विवाद में केरल के गवर्नर सदाशिवम का बजट भाषण, नहीं पढ़ा मोदी सरकार और आरएसएस की आलोचना वाला पैराग्राफ - Kerala Governor P Sathasivam edits out lines targeting Centre in the assembly - Jansatta
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विवाद में केरल के गवर्नर सदाशिवम का बजट भाषण, नहीं पढ़ा मोदी सरकार और आरएसएस की आलोचना वाला पैराग्राफ

राज्यपाल के 89 मिनट के भाषण के बाद इसकी कॉपियां बांटी गईं, जिससे पता चला कि उन्होंने अपने भाषण में से उन तीन लाइनों को छोड़ दिया था, जिसमें मोदी सरकार और आरएसएस की आलोचना वाली टिप्पणी थी।

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज और वर्तमाल में केरल के राज्यपाल पी सदाशिवम। (फाइल फोटो)

केरल के राज्यपाल पी सदाशिवम विधानसभा में दिए अपने भाषण की वजह से विवादों में आ गए हैं। दरअसल सोमवार (22 जनवरी, 2017) को सुप्रीम कोर्ट के जज रहे सदाशिवम ने बजट सत्र के पहले दिन सयुंक्त सदन को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने अपने लिखित भाषण में मोदी सरकार और आरएसएस की आलोचना वाली टिप्पणी नहीं पढ़ी। राज्यपाल के 89 मिनट के भाषण के बाद इसकी कॉपियां बांटी गईं, जिससे पता चला कि उन्होंने अपने भाषण में से उन तीन लाइनों को छोड़ दिया था, जिसमें मोदी सरकार और आरएसएस की आलोचना वाली टिप्पणी थी। इसपर सत्तापक्ष ने राज्यपाल पर केंद्र सरकार को खुश करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। वहीं विपक्षी दल कांग्रेस ने भी उन्हें निशाने पर लिया है। हालांकि भाजपा का कहना है कि राज्यपाल ने अपनी विवेकाधीन शक्तियों का इस्तेमाल किया था।

बता दें कि सदाशिवम संबोधन शुरू करने के लिए जैसे ही खड़े हुए, नेता प्रतिपक्ष रमेश चेन्निथला खड़े हो गए और कहा कि वह बोलना चाहते हैं और जोर देते हुए कहा कि विजयन सरकार ‘पूरी तरह विफल हो गई है।’ चेन्निथला ने कहा, ‘सरकार कानून व्यवस्था को संभालने, खाद्य पदार्थो का मूल्य बढ़ने से रोकने और चक्रवाती तूफान ओखी के बाद की स्थितियों को संभालने समेत सभी तरह से हर मोर्चे पर विफल हो गई।’ चेन्निथला के बैठने के बाद सतशिवम ने अपना भाषण शुरू किया और कहा कि पिछले कुछ वर्षो में केरल के खिलाफ कई सोशल और औपचारिक मीडिया अभियान हुए हैं। उन्होंने कहा, ‘देश में बेहतरीन कानून व व्यवस्था वाले इस राज्य के खिलाफ कुछ संप्रादायिक ताकतों ने फर्जी आधार पर पूरे भारत में एक माह तक अभियान चलाया।’ राज्यपाल ने जोर देते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने केरल को देश का एकमात्र ऐसा राज्य घोषित किया है, जहां मानव विकास सूचकांक सबसे ज्यादा है। पिछले एक साल के दौरान राज्य के धर्मनिरपेक्ष परंपराओं पर गहरा आघात किया गया है।

सदाशिवम ने कहा, ‘हमारे सामाजिक क्षेत्र की उपलब्धियों पर सवाल उठाए गए, कानून व व्यवस्था की स्थिति का तिरस्कार किया गया। इसके बावजूद केरल के लोग हमारी परंपराओं और उपलब्ध्यिों की रक्षा के लिए एक साथ खड़े हुए।’ उन्होंने आगे कहा, ‘कुछ सांप्रदायिक ताकतों की ओर से कोशिश के बावजूद राज्य में सांप्रदायिक दंगे नहीं हुए।’

केरल प्रवासियों के कल्याण के लिए उठाए गए कदम पर उन्होंने कहा, ‘उनकी सरकार ने नन रेसीडेंट केरलाइट (एनआरके) और सांसद व विधायक समेत विशेष आमंत्रितगण के साथ मिलकर 351 सदस्यीय ‘लोक केरल सभा’ का आयोजन किया।” वित्तमंत्री थॉमस इसाक 2 फरवरी को नए वित्तीय वर्ष के लिए बजट पेश करेंगे।

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