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सौ दिन में तेजी से आगे बढ़ा भारत

सवाल सौ दिन का नहीं है... सरकार की नीयत का है। मोदी सरकार-2.0 के सौ दिन में वह निर्णय हुआ, जिसके बारे में कहा जा रहा है कि देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की गलती को 70 साल बाद किसी ने ठीक करने की हिम्मत जुटाई तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने। धारा 370 संविधान में अस्थायी थी। उसे हटाने का साहस नरेंद्र मोदी सरकार-2.0 ने दिखाया।

Author Published on: September 11, 2019 1:30 AM
इमेज क्रेडिट- द इंडियन एक्सप्रेस।

नरेंद्र मोदी सरकार-2.0 के सौ दिन ने 5 अगस्त 2019 को 15 अगस्त 1947 जैसा बना दिया। देश के गृह मंत्री अमित शाह राज्यसभा में जैसे ही धारा 370 को निष्प्रभावी करने का संकल्प लाए वैसे ही संपूर्ण भारत रोमांचित हो उठा। इस निर्णय से सौ दिन में यह बात देश के सामने आई कि देश के 130 करोड़ नागरिक अब परिपक्व हो चुके हैं। वे समझते हैं कि सरकार का यह निर्णय ऐतिहासिक ही नहीं बल्कि भारत की अखंडता को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया देर से सही पर दुरुस्त कदम था। देश में अब एक विधान, एक निशान पूरी तरह कारगर हो गया।

विकास के नए युग की शुरुआत

मोदी सरकार-2.0 के गठन के 10 सप्ताह के अंदर ही अनुच्छेद 370 और 35ए को निष्प्रभावी किया गया। जो कार्य 70 वर्षों में नहीं किया जा सका, उसे 70 दिनों में पूरा किया गया। अब जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के नौजवान बहन-बेटियां अपने क्षेत्र के विकास की कमान संभालेंगे।

यूएपीए कानून में संशोधन

आतंकवाद पर लगाम कसने के लिए यूएपीए यानी गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम, संशोधन विधेयक-2019 संसद में पारित हुआ। नया यूएपीए कानून आतंकी गतिविधियों में लिप्त या उसे प्रोत्साहित करते मिले किसी व्यक्ति को आतंकी घोषित करने का अधिकार देता है।

तीन तलाक की रूढ़िवादी प्रथा की समाप्ति

मुसलिम महिलाओं को तीन तलाक से मुक्ति दिलाने के लिए निर्णायक कदम उठाया गया। सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल के पहले सत्र में तीन तलाक पर पाबंदी के लिए मुसलिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक 2019 को लोकसभा और राज्यसभा से पारित कराया। इस तरह से एक अगस्त से तीन तलाक देना कानूनन जुर्म बन गया।

जल शक्ति मंत्रालय का गठन

जल संकट की चुनौतियों से निपटने के लिए एक नया और समर्पित जल शक्ति मंत्रालय बनाया गया है। जल जीवन मिशन पर बड़ी दृढ़ता से काम में प्रगति हो रही है। जल संरक्षण जनांदोलन बन रहा है।

किसानों के लिए 14 सूत्रीय रोडमैप

भाजपा ने किसानों को पेंशन देने, उनकी आय दोगुनी करने और उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाने का वादा किया था। शपथ ग्रहण के बाद पहली कैबिनेट बैठक में देश के सभी किसानों को पेंशन देने के लिए किसान सम्मान योजना को मंजूरी दी गई। इस योजना के तरह देश के 15 करोड़ से अधिक किसानों के खाते में 6000 हजार रुपए दिए जाएंगे। किसानों की आय दोगुनी करने के लिए 14 सूत्रीय रोडमैप पर भी काम शुरू हो गया है।

तीन करोड़ खुदरा व्यापारियों को पेंशन

चुनावी वादे के अनुसार पहली कैबिनेट बैठक में छोटे व्यापरियों के लिए पेंशन योजना को मंजूरी दी गई। तीन करोड़ खुदरा व्यापारियों को 60 साल की उम्र के बाद 3000 हजार रुपए हर महीने पेंशन मिलेगी।

100 लाख करोड़ रुपए निवेश का निर्णय

2014 से लेकर 2019 तक का समय लोगों की जरूरतों को पूरा करने का था लेकिन 2019 के बाद का समय देश के लोगों की आकांक्षाओं को पंख देने का है। पांच वर्षों के लिए आधुनिक बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 100 लाख करोड़ रुपए का निर्धारण किया गया है जो जीवन स्तर में सुधार लाने के अलावा नए रोजगार पैदा करेगा।

भारत की साख और धाक बढ़ी

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने दूसरे कार्यकाल के आरंभिक सौ दिन में सात देशों के महत्त्वपूर्ण दौरे किए। वे मालदीव, श्रीलंका और फिर भूटान गए। फ्रांस में वह जी-7 सम्मेलन में शामिल हुए। 23 और 24 अगस्त को संयुक्त अरब अमीरात के दौरे पर रहे। वहां उन्हें यूएई का सर्वोच्च सम्मान मिला। 24-25 अगस्त को बहरीन का दौरा किया। 4 सितंबर को मोदी रूस पहुंचे। वहां उन्होंने कहा कि 2024 तक भारत आर्थिक महाशक्ति बनेगा। रूस ने भी उन्हें सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया।

प्रधानमंत्री देश में यह संदेश देने में सफल हो रहे हैं कि एक व्यक्ति की नीयत यदि ठीक हो, तो वह हर पल का उपयोग कैसे कर सकता है। वे अपनी कार्यकुशलता से हर भारतीय के मन में अपना स्थान बना रहे हैं। वे पहले ऐसे भारतीय प्रधानमंत्री हैं जिनके बारे में हर भारतीय यह कहता है कि वे परिश्रम की पराकाष्ठा करते हैं। वे भाजपा के बारे में नहीं बल्कि भारत के बारे में सोचते हैं। यही कारण है कि भारत का हर नागरिक आज भाजपा के बारे में भी सोचने लगा है। सौ दिन की बानगी में भारत का भविष्य दिखता है। एक बात तो स्पष्ट है कि अब सिर्फ राजनीतिक दल या नेतागण या फिर सरकार ही नहीं, बल्कि पूरा देश अब अपनी आंखों के सामने पहले भारत माता और भारत की ओर देखता है। सरकार की सफलता तो यही होती है कि वह अपने पीछे पूरे समाज और राष्ट्र को खड़ा कर ले।

आज यह कहने में कोई संकोच नहीं कि वर्तमान राजग सरकार के पीछे सारा भारत खड़ा है। सरकार के बढ़ते कदम, भारत के बढ़ते कदम हो रहे हैं। विपक्ष को भी समझ में नहीं आ रहा है वह करे तो क्या करे। जब सरकार के कदमों से विपक्ष अपनी भूमिका भूल जाए तो समझ लेना चाहिए कि सरकार सही दिशा में और नई दिशा में बढ़ रही है।

प्रभात झा (लेखक राज्यसभा सांसद हैं)

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