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कान फिल्म समारोह: असगर फरहादी का स्पेनिश में कमाल

फरहादी ने स्पेन में जरूर फिल्म बनाई है पर फार्मूला ईरानी सिनेमा का ही है-नो सेक्स नो वायलेंस एंड हैप्पी एंडिंग। इस फिल्म के बाद असगर दुनिया के बड़े फिल्मकारों में शुमार हो गए हैं।

Author May 11, 2018 4:58 AM
ईरानी फिल्मकार असगर फरहादी की स्पेनिश फिल्म एवरीबॉडी नोज आर्ट हाउस सिनेमा का एक चमकदार पैकेज है

पेरिस में बसे ईरानी फिल्मकार असगर फरहादी की स्पेनिश फिल्म एवरीबॉडी नोज आर्ट हाउस सिनेमा का एक चमकदार पैकेज है जिसमे जेवियर बार्देम और पेनेलोप क्रूज जैसे स्पेन के दो सुपर स्टार कलाकारों ने काम किया है। इससे पहले वे पेरिस मे फ्रेंच अभिनेत्री बेरेनिस बेजो को लेकर द पास्ट बना चुके हैं। इस फिल्म में भी उनकी पिछली फिल्मों की भरपूर छवियां हैं जहां अचानक किसी के गायब होने से लोगों का व्यवहार बदलने लगता है और पति-पत्नी के पुराने विवाहेत्तर संबंधों की परतें खुलने लगती हैं। प्रतियोगिता खंड की इस फिल्म के प्रदर्शन से 71 वें कान फिल्म समारोह की शुरुआत हुई। लौरा (पेनेलोप क्रूज) ब्यूनस ऐरिस (अर्जेंटीना) से अपनी बेटी ईरेना और छोटे बेटे डिएगो के साथ अपनी छोटी बहन अना की शादी मे स्पेन के अपने पैतृक गांव आती है। उसका पति अलेक्जांद्रो (रिकार्डो डेरिन) काम के कारण नहीं आ पाता। शादी की पार्टी की रात अचानक बिजली चली जाती है। जब बिजली आती है तो पता चलता है कि लौरा की जवान हो रही बेटी ईरेना गायब है। उसका फिरौती के लिए अपहरण कर लिया गया है।

फिल्म आगे बढ़ती है तो पता चलता है कि ईरेना लौरा के पूर्व प्रेमी पाको (जेवियर बार्देम) से जन्मी है और परिवार के ही किसी ने पैसे और जमीन के लालच में अपहरण कराया है। पाको अपना वाइनयार्ड बेचकर ईरेना को मुक्त कराता है। असगर ने इस छोटी सी कहानी में स्पेन के कंट्री साइड कल्चर की बेमिसाल झलक पेश की है। बीस मिनट तक शादी की रात में सामूहिक नृत्य का विलक्षण फिल्मांकन है। उन्होंने हुसैन जाफरान और महमूद कलारी जैसे अपने पुराने छायाकारों की वजाय पेद्रो अलमोदोवार के प्रिय सिनेमैटोग्राफर जोश लुई अलकेन को चुना है जिनका कैमरा घरेलू गतिविधियों से लेकर सड़क, जंगल , गली नुक्कड़, अंगूर के खेतों तथा पुराने विशाल चर्च को रहस्यमय चमक के साथ दिखाता है।

फरहादी ने स्पेन में जरूर फिल्म बनाई है पर फार्मूला ईरानी सिनेमा का ही है-नो सेक्स नो वायलेंस एंड हैप्पी एंडिंग। इस फिल्म के बाद असगर दुनिया के बड़े फिल्मकारों में शुमार हो गए हैं। ईरान से बाहर यह उनकी पहली बड़ी फिल्म है जैसे उनके गुरु अब्बास किरोस्तामी ने इटली में सर्टीफायड कॉपी (2010), बनाई थी। वे दुनिया के चौथे फिल्मकार बन गए है जिंन्हें दो बार विदेशी भाषा की श्रेष्ठ फिल्म की श्रेणी मे आॅस्कर मिला है (अ सेपरेशन, 2012 और द सेल्समैन, 2017)। असगर को जब टाइम पत्रिका ने संसार के सौ सबसे प्रभावशाली लोगों में शामिल किया था (2010) तो किसी को आश्चर्य नहीं हुआ था। 69 वें कान फिल्मोत्सव में उन्हें दो पुरस्कार मिल चुके हैं। उनकी फिल्म -द सेल्समैन के लिए सर्वश्रेष्ठ पटकथा और अभिनेता शहाब होस्सेनी को सर्वश्रेष्ठ अभिनय का पुरस्कार दिया गया है। इससे पहले द पास्ट (2013) में उम्दा अभिनय के लिए बेरोनिस बेजो को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार दिया गया था।

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