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पानी की बर्बादी को लेकर आइपीएल पर निशाना जारी, बंगलूर में जनहित याचिका

नेस वाडिया ने समाचार चैनल से कहा कि हम मानवीय आधार पर इस पर विचार कर रहे हैं और काफी गंभीरता से विचार कर रहे हैं। हम आंतरिक रूप से विचार कर रहे हैं।

Author बेंगलुरु/राजकोट/मोहाली | April 12, 2016 12:43 AM
भारतीय बल्लेबाज विराट कोहली ने सोमवार को कहा कि उन्हें बंबई हाई कोर्ट के आदेश का इंतजार है और उन्होंने उम्मीद जताई कि दो संबंधित पक्ष सौहार्दपूर्ण हल निकाल लेंगे। (रॉयटर्स फोटो)

एक पर्यावरण कार्यकर्ता ने सोमवार को कर्नाटक हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर करके कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ स्टेडियम परिसर में पानी का आडिट करने का निर्देश देने की मांग की जिससे कि बंगलूर में होने वाले आइपीएल मैचों के दौरान रोजाना इस्तेमाल होने वाले पानी के इस्तेमाल की जानकारी मिल सके। कार्यकर्ता श्रीनिवास शर्मा ने अपनी याचिका में अदालत को बंगलुरु जल वितरण और सीवेज बोर्ड (बीडब्लूएसएसबी) के अध्यक्ष को निर्देश देने को कहा है कि वे जनता को पानी से महरूम करके आइपीएल को पानी के आबंटन के ‘विवेकहीन’ फैसले को न्यायोचित साबित करेंगे।

शर्मा ने साथ ही अदालत से आग्रह किया है कि बीसीसीआइ और केएससीए को निर्देश दिया जाए कि आइपीएल के संचालन के लिए शहर के पानी की ‘बड़ी बर्बादी’ को सही साबित करें। उन्होंने कहा कि बीडब्लूएसएसबी की कार्रवाई निर्धारित नीतियों और बेंगलुरु व इसके आसपास के इलाके के लोगों के सामने आ रही मुश्किलों के मुताबिक नहीं हैं।

उधर, गुजरात के राजकोट में पूर्व भाजपा सांसद सिद्धार्थ परमार की अगुवाई में राष्ट्रीय दलित महासंघ के सदस्यों ने शहर और गुजरात के अन्य क्षेत्रों में पानी की किल्लत को देखते हुए कांधेरी स्टेडियम में होने वाले आइपीएल मैचों के आयोजन के विरोध के लिए सोमवार को यहां धरना दिया। परमार और उनके समर्थकों ने यहां सिविल अस्पताल सर्कल पर आंबेडकर की मूर्ति के करीब बैठकर धरना दिया। परमार ने कहा कि किसान अपनी फसल के लिए पानी की कमी के कारण आत्महत्या कर रहे हैं। वहीं हजारों गैलन पानी पिच और मैदानों की देखरेख के लिए बरबाद कर दिया जाएगा। कांधेरी में नवनिर्मित स्टेडियम का प्रबंधन सौराष्ट्र क्रिकेट संघ (एससीए) के जिम्मे है और इसमें पांच आइपीएल मैचों की मेजबानी की जाएगी जो 14 अप्रैल से शुरू होंगे। एससीए ने हालांकि कहा कि गुजरात में पानी का संकट पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र जितना विकट नहीं है जहां आइपीएल मैचों के विरोध के लिए बम्बई हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है।

उधर, किंग्स इलेवन पंजाब के सह मालिक नेस वाडिया ने मोहाली में कहा कि उनकी फ्रेंचाइजी अपने तीन आइपीएल मैच सूखे की मार झेल रहे महाराष्ट्र से किसी दूसरे स्थल पर स्थानांतरित करने पर काफी गंभीरता से विचार कर रहे हैं। किंग्स इलेवन पंजाब को महाराष्ट्र में तीन मैच खेलने हैं। टीम को सात मई को नागपुर में दिल्ली डेयरडेविल्स, 13 मई को मुंबई में मुंबई इंडियंस जबकि 21 मई को पुणे में राइजिंग पुणे सुपर जाइंट्स के खिलाफ खेलना है। वाडिया ने समाचार चैनल से कहा कि हम मानवीय आधार पर इस पर विचार कर रहे हैं और काफी गंभीरता से विचार कर रहे हैं। हम आंतरिक रूप से विचार कर रहे हैं।

बंबई हाई कोर्ट ने नौ अप्रैल को मुंबई इंडियंस और राइजिंग पुणे सुपर जाइंट्स के बीच आइपीएल के पहले मैच के आयोजन को स्वीकृति दे दी थी लेकिन राज्य में होने वाली बाकी 19 मैचों पर अब भी अनिश्चितता के बादल छाए हैं। इस बीच, रॉयल चैलेंजर्स बंगलूर के कप्तान विराट कोहली ने सोमवार को कहा कि उन्हें बंबई हाई कोर्ट के आदेश का इंतजार है और उन्होंने उम्मीद जताई कि दो संबंधित पक्ष सौहार्दपूर्ण हल निकाल लेंगे। कोहली ने कहा कि अगर समाधान निकाला जा सकता है तो मुझे यकीन है कि वे (याची और प्रतिवादी) चीजों को आगे बढ़ने का तरीका खोज लेंगे और मुझे यकीन है कि जो भी फैसला किया जाएगा, दोनों पक्ष आपसी सहमति से सही फैसला करेंगे क्योंकि यह सिक्के के दोनों पहलुओं को ध्यान में रखते हुए सर्वश्रेष्ठ हित में लिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि चीजें फिलहाल उसी तरह है जैसी हमें दिख रही हैं और मुझे भी इंतजार है कि फैसला क्या होगा। बंगलुरु के पर्यावरण कार्यकर्ता के कर्नाटक हाई कोर्ट में दायर जनहित याचिका पर कोहली ने उम्मीद जताई कि इस फैसले का हल सर्वश्रेष्ठ संभव तरीके से निकाला जाएगा। कोहली ने जोर देकर कहा कि उनका नजरिया ज्यादा मायने नहीं रखता क्योंकि इसका हल अधिकारियों और शीर्ष पद पर बैठे लोगों को निकालना है।

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