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पहली बार ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में सुनाई सजा, झारखंड के मंत्री को सात साल कैद और 5 लाख जुर्माना

जुर्माना नहीं भरने पर राय को डेढ़ साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।

आय से अधिक संपत्ति के मामले में वह पहले से ही पांच साल जेल कैद की सजा काट रहे हैं।

मधु कोड़ा सरकार के समय मंत्री रहे हरिनारायण राय को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सात साल कैद और पांच लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मनी लॉन्ड्रिंग केस में ऐसा पहली बार हुआ है जब ईडी की विशेष अदालत ने किसी को सजा सुनाई हो। हरिनारायण राय पर 4.83 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप था। जुर्माना नहीं भरने पर राय को डेढ़ साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। मधु कोड़ा की सरकार के समय हरिनारायण राय ने अकूत संपत्ति जुटाई थी। न्यूज एजेंसी एएऩआई से बातचीत में राय ने कहा कि मेरा राजनीति में आने का कोई मकसद नहीं था। मैं सिर्फ पैसा कमाना चाहता था ताकि मैं उसे इन्वेस्ट कर सकूं और चुने हुए विधायक को जो सुविधाएं मिलती हैं, उन्हें पा सकूं।

बीते सात साल से चल रही सुनवाई के बाद ईडी की विशेष अदालत ने पूर्व मंत्री को सजा सुनाई। आय से अधिक संपत्ति के मामले में वह पहले से ही पांच साल जेल कैद की सजा काट रहे हैं। ईडी ने कार्रवाई करते हुए हरिनारायण की करोड़ों की सपत्ति जब्त की थी। हरिनारायण राय के खिलाफ 4 सितंबर 2009 को पहली बार झारखंड में ईडी मे मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था। आरोप था कि 2005 से 2008 के बीच उन्होंने अवैध तरीके से 4 करोड़ 33 लाख 77 हजार रुपए की प्रॉपर्टी बनाई। इसके लिए रिश्तेदारों और दोस्तों के नाम पर इन्वेस्टमेंट किया। ईडी ने उन पर धारा 420, 423, 424, 120बी के उल्लंघन का आरोप लगाया था।

अक्टूबर 2009 में उनसे पूछताछ शुरू हुई और नवंबर 2011 में उनके खिलाफ आरोप तय किए गए। ईडी ने राय पर कुल 83 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया। कोर्ट ने पूर्व मंत्री के परिवार के लोगों ने नाम कई संपत्तियों को भी केस से अटैच कर उनके इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी। हरिनारायण राय जरमुंडी विधानसभा से एमएलए थे। विधायक बनने से पहले वे मछली पालन का काम किया करते थे। उनके परिवार की हालत बहुत अच्छी नहीं थी। गौरतलब है कि मंत्री बनने से पहले हरिनारायण राय ने अपने अकाउंट में केवल 5 हजार रुपये की राशि घोषित की थी। वहीं उस दौरान उनके पास कोई गाड़ी भी नहीं थी। मंत्री बनने के बाद तीन साल में उनके अकाउंट में करोड़ों रुपये जमा हुए और वह एकाएक 6 गाड़ियों के मालिक बन गए।

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