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रसोई का रखरखाव

घरों में आमतौर पर सफाई और साज-सज्जा का ध्यान बैठक तक केंद्रित रहता है, जबकि रसोई घर सबसे अहम हिस्सा होता है। पुराने समय में रसोई घर को सबसे पवित्र स्थान इसीलिए माना जाता था कि वहां नियमित सफाई होती रहे। रसोई और रसोई घर में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की साफ-सफाई और उनका रखरखाव इसलिए भी जरूरी होता है कि उनके मामले में बरती जाने वाली लापरवाही अनेक बीमारियों का कारण बनती है। इसलिए रसोई घर के रखरखाव में कौन-कौन-सी सावधानियां बरतनी जरूरी होती हैं, पेश हैं मुकुल प्रधान के सुझाव।

Author February 11, 2018 03:53 am
प्रतीकात्मक तस्वीर।

मुकुल प्रधान

क्सर घरों में सबसे अधिक ध्यान बैठक यानी ड्राइंगरूम की साज-सज्जा और सफाई पर दिया जाता है। रसोई और रसोई के काम आने वाले उपकरणों के रखरखाव में प्राय: लापरवाही बरतते देखा जाता है। जबकि रसोई में समुचित सफाई न होने से न सिर्फ गंदगी जमा होती रहती है, उपकरण जल्दी खराब हो जाते हैं, बल्कि तिलचट्टे यानी काक्रोच और दूसरे तरह के कीट पैदा होकर सेहत के लिए खतरा पैदा करते हैं। रसोई के फर्श और उपकरणों में जमा हुई मैल में हानिकारक बैक्टीरिया पैदा होते हैं, जो भोजन में मिल कर पेट संबंधी समस्या पैदा करते हैं। इसलिए घर में रसोई और उपकरणों की सफाई का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। एक अच्छे रसोइए की पहचान है कि वह भोजन पकाने के साथ-साथ सफाई भी करता चले। जैसे रसोई के प्लेटफार्म यानी पट्टे या फर्श पर अगर कुछ गिरता है, तो उसकी उसी समय सफाई कर देनी चाहिए। इसी तरह रसोई में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों का उपयोग के तुरंत बाद सफाई कर ली जानी चाहिए। सब्जी काटने की पटरी की रोज रगड़ कर सफाई होनी चाहिए, नहीं तो उस पर सब्जियों का रस जमता रहता है, जो धीरे-धीरे काला पड़ जाता है। इस मैल में बैक्टीरिया पैदा होते हैं और भोजन में मिल कर सेहत को खराब करते हैं। मगर आजकल शहरी जीवन में जहां पति-पत्नी दोनों कामकाजी हैं, भोजन पकाने का काम आमतौर पर मेड या रसोइए करते हैं। वे रसोई की सफाई और उपकरणों आदि के रखरखाव में लापरवाही बरतते हैं। दरअसल, जो लगाव घर की मालकिन का रसोई और उसमें इस्तेमाल होने वाले बर्तनों, उपकरणों आदि से होता है, वह नौकरों में नहीं होता। इसलिए उन्हें लगातार समझाते रहने, उनके काम पर नजर रखने की जरूरत होती है।

भोजन बनाते समय सफाई

भोजन बनाते समय दो कपड़ों का उपयोग करें। एक कपड़ा बर्तनों की सफाई के लिए और दूसरा फर्श आदि की सफाई के लिए। जब भोजन पका रहे हों और कड़ाही, कुकर आदि से भोजन के छींटे फर्श पर फैलें, तो उसे तुरंत साफ कर लें, क्योंकि कई चीजों के छींटे सूखने के बाद जल्दी साफ नहीं होते। उसी प्रकार मिक्सर आदि उपकरणों का इस्तेमाल करने के तुरंत बाद पानी से उसे धोएं और संभव हो तो तुरंत उसे साबुन से भी धो दें। ध्यान रखें कि उसके ढक्कन और पेंदे में खाद्यपदार्थ चिपका न रहने पाए। इसलिए उसे उसी समय सूखे कपड़े से पोंछ कर रखें। बाद में धोने से उसकी समुचित सफाई न हो पाने की आशंका रहती है।

भोजन पकाने के बाद

भोजन पकाने के बाद नियम है कि चूल्हे को बिना साफ किए न छोड़ें। इसलिए हमेशा रसोई बनाने के बाद एक कटोरे में गरम पानी लें, उसमें फिटकरी, नीबू का रस या फिर बर्तन धोने वाला साबुन डाल कर साफ कपड़े से चूल्हे को पोंछ कर ठीक से साफ कर लें। ध्यान रखें कि गैस के पाइप को भी पोंछें। गैस के पाइप पर तेल और चिकनाई चिपकती रहने से उसके जल्दी खराब होने और उसमें से गैस रिसने की आशंका बनी रहती है।
इसी तरह सब्जी काटने वाले पट्टे को गरम पानी और साबुन से रगड़ कर साफ करना चाहिए। रसोई के प्लेटफार्म पर रोज साबुन से सफाई होनी चाहिए, नहीं तो वहां मैल जमती रहती है।

उपकरणों का रखरखाव

रसोई में जिन उपकरणों का रोजमर्रा इस्तेमाल होता है, उनकी ठीक से सपाई जरूरी है, नहीं तो उनमें से दुर्गंध आने लगती है, हानिकारक बैक्टीरिया पैदा होते हैं और मनके कल-पुर्जों में मैल जमा होती रहने से वे जल्दी काम करना बंद कर देते हैं। इसलिए उपकरणों के रखरखाव पर खास ध्यान रखने की जरूरत होती है।

फ्रिज : फ्रिज की हफ्ते में कम से कम एक बार जरूर ठीक से सफाई होनी चाहिए। प्रिज की सपाई करते समय उसे बंद कर दें। उसका प्लग निकाल दें और सारा सामान बाहर निकाल कर गरम पानी और साबुन से उसकी सफाई करें। फिर ठीक से सूखे कपड़े से पोंछ कर सुखा लें, तभी उसमें सामान रखें। फ्रिज की नियमित सफाई न होने से उसमें दुर्गंध आने लगती है। खासकर जो लोग मांसाहार रखते हैं, उन्हें फ्रिज की सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

ओवन : ओवन में भोजन पकाने से चिकनाई उसकी दीवारों पर जमने लगती है। इसलिए भोजन बनाने के बाद उसकी नियमित सफाई होती रहनी चाहिए। ओवन की प्लेट और जालियों को निकाल कर बर्तन धोने वाले साबुन से तुरंत धोना चाहिए। हफ्ते में कम से कम एक बार ओवन की दीवारों की सावधानीपूर्वक सफाई होनी चाहिए। इसके लिए एक कांच की कटोरी में पानी में नीबू का रस निचोड़ कर गरम होने रख दें। उससे उठने वाली भाप उसकी दीवारों पर चिपकी मैल को नरम कर देगी। फिर ओवन को बंद करके गीले कपड़े से उसकी दीवारों को पोंछ कर साफ कर लें।

मिक्सर ग्राइंडर : मिक्सर ग्राइंडर के जारों की सफाई ठीक से करें, नहीं तो उसका बेयरिंग जाम हो जाता है और बार-बार उसे ठीक कराना पड़ता है। इसी तरह मशीन के उपर गिरे पदार्थों को भी गीले कपड़े से पोंछ कर साफ करना चाहिए। ध्यान रखें कि पानी उसके भीतरी हिस्से में न पहुंचने पाए, नहीं तो मशीन काम करना बंद कर देगी।

चिमनी : चिमनी की सफाई महीने में कम से कम एक दिन अवश्य करें। गरम पानी में नीबू का रस या बर्तन धोने वाला साबुन डाल कर ठीक से सफाई करें। चिमनी की जालियों को निकाल कर साबुन मिले गरम पानी में आधे घंटे तक भिगो कर रखें और फिर ब्रश से रगड़ कर उसमें जमी चिकनाई को साफ करें। फिर पानी पूरी तरह सूख जाए, तभी उन्हें लगाएं। वैसे, गैस स्टोव और चिमनी की सफाई के लिए बाजार में अलग से क्लीनर उपलब्ध होते हैं, उनका इस्तेमाल कर सकते हैं।

कुकिंग रेंज : कुकिंग रेंज केवल गैस का चूल्हा नहीं होता, वह कई उपकरणों का मिला-जुला रूप है, इसलिए जब भी उसकी सफाई करें केवल चूल्हे की नहीं, सभी उपकरणों की करें। चूल्हे के बर्नर और जालियों को साबुन मिले गरम पानी में भिगो कर रखें और ब्रश से साफ करें। ऐसा महीने में कम से कम एक या दो बार अवश्य करें।

रसोई का फर्श, कोने और आलमारियां

रसोई में तमाम सावधानियों के बावजूद फर्श, उसके कोनों और आलमारियों पर चिकनाई जमा होती रहती है। आमतौर पर लोग चूल्हे वाले प्लेटफार्म की सफाई करके रसोई की सफाई का काम पूरा समझ लेते हैं। पर महीने में कम से कम एक दिन गरम पानी और साबुन से फर्श और कोनों को ब्रश से रगड़ कर जरूर साफ करना चाहिए। इसी तरह आलमारियों के कांच और भीतरी हिस्सों की सफाई होती रहना चाहिए, नहीं तो न सिर्फ उनके भीतर बल्कि उन बर्तनों पर भी चिकनाई और फिर धूल जमती रहती है, जिनका रोजमर्रा इस्तेमाल नहीं होता।

सफाई के कपड़े

रसोई घर में सफाई के लिए इस्तेमाल होने वाले कपड़ों को रोज साबुन से धोएं। ऐसा नहीं कि सिर्फ पानी से धोकर सुखा दें। सफाई के कपड़े से ठीक से नहीं धुलते तो उनमें पैदा हुए बैक्टीरिया बर्तनों, भोजन आदि में चिपक कर सेहत को खतरा पैदा कर सकते हैं।

 

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