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वीडियो: मरीज ने 150 रुपए रिश्वत नहीं दी तो बच्चे की ट्राइसाइकिल से डॉक्टर के पास भेजा

रिश्वत देने से मना करने पर अस्पताल कर्मचारियों ने व्हीलचेयर देने से मना कर दिया।

Author हैदराबाद | March 17, 2017 7:15 PM
यह वीडियो न्यूज एजेंसी एएनआई ने जारी किया है। ( Photo Source: ANI)

हैदराबाद के सरकारी अस्पताल का इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला एक वीडियो सामने आया है। यहां एक मरीज ने 150 रुपए रिश्वत के नहीं दिए तो उसे डॉक्टर के कमरे में जाने के लिए बच्चे की ट्राइसाइकिल से जाने के लिए मजबूर किया गया। रिश्वत नहीं देने पर अस्पताल कर्मचारियों ने मरीज को व्हीलचेयर देने से मना कर दिया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक मरीज बच्चे की ट्राइसाइकिल पर सवार होकर डॉक्टर के कमरे तक जा रहा है। मरीज बड़ी मुश्किल से अपने आपको ट्राइसाइकिल पर सवार करके जाने की कोशिश कर रहा है। वह पैर से साइकिल को चला रहा है। वीडियो में मरीज को इस वजह से हो रही दिक्कत भी देखी जा सकती है। मरीज के साथ एक महिला भी है दिख रही है, जिसने एक बैग पकड़ा हुआ है, यह महिला उस मरीज की मदद कर रही है।

जब मरीज ट्राइसाइकिल पर सवार होकर डॉक्टर के पास जा रहा था, तो वहां मौजूद लोग उसे देख रहे थे। कोई भी उसकी मदद करने को आगे नहीं आया। इसके साथ ही वीडियो में देखा जा सकता है कि सफेद ड्रेस पहने अस्पताल कर्मचारी भी दिख रहे हैं। लेकिन उन्होंने भी उस मरीज की ओर कोई ध्यान ही नहीं दिया। अस्पतालकर्मी किसी और से बात कर रहे थे।

अस्पताल की इंचार्ज डॉ. मंजुला का कहना है, ‘अभी तक हमें कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। हमें इस बारे में मीडिया के माध्यम से पता चला है। हम इस मामले को अभी देख रहे हैं।’ वही इस मामले पर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा, ‘तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने अपने घर पर करोड़ों रुपए खर्च कर दिया। उन्होंने अपने घर में बुलैटफ्रूफ बाथरूम बनवाया है। लेकिन उनके पास एक व्हीलचेयर के लिए पैसे नहीं हैं। यह शर्मनाक है।’

बता दें, सरकारी अस्पताल की लापरवाही के ऐसे कई मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। हालही राजस्थान के करौली जिले के हिण्डौन सिटी में ऐसा मामला देखने के मिला था, जहां एक युवक की तबीयत खराब हो जाने पर उसे ठेले पर लिटाकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां पर उसे डॉक्टरों ने युवक को मृत घोषित कर दिया। बताया गया था कि मृतक के परिवार की आर्थिक स्थिति काफी खराब है। जिस वजह से उसे एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई। युवक की मौत के बाद भी अस्पताल प्रशासन ने पोस्टमार्टम के लिए एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराया। लिहाजा, परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव को ठेले पर रखकर घर ले गए।

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