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हिमाचल, उत्तराखंड और कश्मीर में भारी बर्फबारी, रुकी वाहनों की रफ्तार, पर्यटक फंसे

हिमाचल प्रदेश के शिमला और किन्नौर क्षेत्र में मौसम की पहली भारी बर्फबारी हुई जिससे यातायात, दूरसंचार संपर्क और बिजली एवं पानी की आपूर्ति में व्यवधान उत्पन्न हुआ।

Author Updated: January 7, 2017 6:55 PM
बर्फ में मस्ती करते पर्यटक। ( Photo Source: PTI)

कश्मीर में भारी बर्फबारी से शनिवार को जहां घाटी में जनजीवन प्रभावित हुआ वहीं इससे हिमाचल प्रदेश भी प्रभावित रहा जबकि उत्तराखंड के पर्यटक नगर नैनीताल में दो वर्ष बाद पहली बर्फ गिरी है। हिमाचल प्रदेश के शिमला और किन्नौर क्षेत्र में मौसम की पहली भारी बर्फबारी हुई जिससे यातायात, दूरसंचार संपर्क और बिजली एवं पानी की आपूर्ति में व्यवधान उत्पन्न हुआ। वहीं बड़ी संख्या में पर्यटक फंसे गए हैं। शिमला से 13 किलोमीटर दूर शोगी से आगे यातायात थम गया जहां आज दोपहर तक 40 सेंटीमीटर बर्फबारी हुई थी। प्रमुख पर्यटक रिसॉर्ट कुफरी, फागू और नरकंडा में 45 से 55 सेंटीमीटर बर्फ गिरी। इस वजह से करीब 50 से ज्यादा पर्यटक फंस गए हैं।

कुल्लू-मनाली रोड पर यातायात सड़क पर फिसलन होने के चलते रोक दिया गया और राज्य परिवहन निगम की 30 बसें विभिन्न स्थानों पर फंसी हुई हैं। रोहतांग दर्रा और आसपास के क्षेत्र पर बर्फ की 60 सेंटीमीटर बर्फ की चादर है। पूरे उत्तर भारत में ठंड बढ़ गई है और शिमला में पारा गिरकर 0.2 डिग्री सेल्सियस हो गया। बर्फबारी और वर्षा से क्षेत्र में सूखे की स्थिति समाप्त हो गई और इससे पर्वतीय राज्यों में सेब उत्पादकों सहित किसानों के चेहरे खिल गए क्योंकि नम मौसम रबी फसलों के लिए अच्छा है।

 ( Photo Source: PTI) ( Photo Source: PTI)

कई क्षेत्रों में भारी बर्फबारी से कश्मीर घाटी का सम्पर्क आज दूसरे दिन भी देश के बाकी हिस्सों से कटा रहा। घाटी के कई क्षेत्रों में पिछले चार दिनों से भारी बर्फबारी हो रही है। कई स्थानों पर पारा जमाव बिंदु से नीचे चला गया है। गुलमर्ग में सबसे कम तापमान शून्य से 8.4 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग भारी बर्फबारी और भूस्खलन के चलते लगातार दूसरे दिन यातायात के लिए बंद रहा। जम्मू कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर शहर और घाटी के अन्य स्थानों पर न्यूनतम तापमान जमाव बिंदु के नजदीक दर्ज किया गया। अगले 24 घंटे के दौरान घाटी में और वर्षा और बर्फ गिरने की संभावना जताई गई है।

(Photo Source: ANI) (Photo Source: ANI)

राज्य के मौसम विभाग निदेशक विक्रम सिंह ने कहा कि उत्तराखंड और कुमांयू और गढ़वाल क्षेत्रों में 2000 मीटर से ऊपर वाले कई स्थानों पर ताजा बर्फबारी हुई है। इसमें नैनीताल और मसूरी भी शामिल है, वहीं मैदानों में अधिकतर स्थानों पर वर्षा हुई है। उन्होंने बताया कि मसूरी के पास स्थित धनोल्टी की पर्वतीय चोटी बर्फ से ढंक गई है जबकि चारधाम भी बर्फ से ढंक गया है। झीलों के शहर नैनीताल में लगभग दो वर्षों में पहली बर्फबारी हुई है। कल रात से ही वर्षा हो रही थी जबकि सुबह से बर्फबारी होने लगी।

 ( Photo Source: PTI) ( Photo Source: PTI)

सप्ताहांत के लिए नैनीताल पहुंचे सैलानियों को मनोरम दृश्य का नजारा देखने को मिला। किलबुरी, अयारपट्टा, नैना चोटी, स्नो व्यू पर नगर के निचले हिस्सों से अधिक बर्फ गिरी। नैनीताल में फरवरी 2015 में भी थोड़ी बर्फ गिरी थी। पर्यावरणविद् रितेश शाह ने बर्फबारी और वर्षा के बाद कहा, ‘यह पर्यावरण के साथ ही ठंड की फसलों के लिए भी अच्छा संकेत है।’

(Photo Source: Indian Express/ Shuaib Masoodi) (Photo Source: Indian Express/ Shuaib Masoodi)

वीडियो-शिमला के पास कुफरी और नरकेंडा में बर्फबारी; तापमान में गिरावट

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