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खडसे का कराची कनेक्‍शन: पाकिस्‍तान से आए डॉक्‍टर साहब बन गए BJP MLC, हर मुसीबत में आते हैं काम

59 साल के डॉ गुरमुख जगवानी के पास कराची में अभी भी एक छोटा सा घर है वे महाराष्‍ट्र आकर बसने और भाजपा MLC बनने से पहले वहीं रहा करते थे।

Author मुंबई | June 7, 2016 3:17 PM
डॉ जगवानी (दाएं) हर समय खडसे के साथ नजर आते हैं। (FILE PHOTO)

महाराष्‍ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री रहे एकनाथ खडसे ने मुख्‍य रूप से भ्रष्‍टाचार के आरोप लगने के बाद पिछले सप्‍ताह इस्‍तीफा दिया था। लेकिन उन पर भगोड़े डॉन दाऊद इब्राहीम से संबंध रखने के आरोप भी लगे थे। इन आरोपों को झूठा साबित करने के लिए, खडसे ने अपने सबसे भरोसेमंद आदमी को मैदान में उतारा। 59 साल के डॉ गुरमुख जगवानी के पास कराची में अभी भी एक छोटा सा घर है वे महाराष्‍ट्र आकर बसने और भाजपा MLC बनने से पहले वहीं रहा करते थे। पिता के नाम पर उनका घर कराबी के पॉश इलाके क्लिफटन के पड़ोस में स्थित है, जहां कथित तौर पर दाऊद रहता है।

जगवानी का कहना है कि उन्‍होंने कॉल रिकॉर्ड में दर्ज क्लिफटन का पता वेरिफाई करने के लिए अपने संपर्कोंं का इस्‍तेमाल किया, उनका दावा है कि यह सब फर्जी है। जगवानी के मुताबिक, “मूल रूप से पाकिस्‍तान का होने की वजह से, मैं तुरंत पहचान गया कि बिल का फॉरमेट पाकिस्‍तान टेलीकम्‍युनिकेशंस लिमिटेड के बिलों से अलग था।”

क्‍या हैं खडसे पर लगे आरोप, क्लिक कर जानिए

पाकिस्‍तानी डॉक्‍टर से महाराष्‍ट्र के कारोबारी और फिर राजनेता बने जगवानी और खडसे की जोड़ी के बारे खडसे को जानने वाल हर शख्‍स जानता है। विधान परिषद में, जगवानी खडसे के ठीक पीठे बैठते हैं और हमेशा उनकी मदद करते हैं। एक कांग्रेस नेता का कहना है, “सबको पता है कि जगवानी, खडसे के खास हैं। बहुत सारे लोग जो खडसे से मिलना चाहते हैं, पर नहीं मिल सकते वे जगवानी से संपर्क करते हैं।”

पाकिस्‍तान के सिंध प्रांत के सुक्‍कूर में जन्‍मे जगवानी में अपनी सिंध यूनिवर्सिटी के चंडका मेडिकल कॉलेज से पढ़ाई पूरी की। 1981 में हनीमून के लिए वे भारत आए और जलगांव में अपने कुछ रिश्‍तेदारों के यहां रुके। उसके बाद उन्‍होंने यही बसने का फैसला कर दिया।

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जगवानी के मुताबिक, “मुझे भारत का रहन-सहन बहुत अच्‍छा लगा। मुझे लगा कि धर्म के हिसाब से भी मेरे लिए यहां रहना ठीक रहेगा। मैंने एक साल तक कराची में पीडियाट्रीशियन के तौर पर काम किया और जून, 1985 में मुंबई आ गया। 1987 में मैं अपने रिश्‍तेदारों के पास जलगांव आ गया।”

जलगांव आने के बाद जगवानी की नजदीकियां महाराष्‍ट्र के सबसे ताकतवर राजनेताओं में से एक से हुई। जगवानी के अनुसार, “मैं जल्‍द ही भाजपा का हिस्‍सा बन गया और जलगांव आने वाले सभी वरिष्‍ठ नेताओं की सेवा करने का जिम्‍मा संभाल लिया। मैंने एलके आडवाणी जी ने कार से पूरा शहर घुमाया है।” खडसे को अपना बॉस बताने वाले जगवानी की संपत्ति 18.11 (2014 के चुनावी हलफनामे के अनुसार) करोड़ की हो गई है।

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