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एरिक युआन : कोरोना काल में बने अरबपति

दिसंबर के बाद चीजें अप्रत्याशित रूप से बदल गईं। दुनिया के सामने कोरोना महामारी आ गई। इस दौरान जब दुनिया भर के वित्तीय बाजार डूब रहे थे, लेकिन जूम के शेयर 14 फीसद की दर से चढ़ रहे थे। दिसंबर तक जूम पर रोजाना एक करोड़ यूजर आते थे, मार्च तक यह संख्या बढ़कर 20 करोड़ हो गई। कंपनी के अपने आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल में अभी तक यह संख्या बढ़कर 30 करोड़ हो गई है। बाजार का अनुमान है कि पिछले तीन महीनों में एरिक युआन की हैसियत चार अरब डॉलर बढ़ गई है।

Author Published on: June 30, 2020 12:43 AM
Eric Yuan, founder of video conferencing company 'Zoom, corona virus pandemicवीडियो कांफ्रेंसिंग कंपनी जूम के मालिक एरिक युआन कोरोना काल में बने अरबपति

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कंपनी ‘जूम’ के संस्थापक एरिक युआन ‘फोर्ब्स’ पत्रिका की अरबपतियों की सूची में शामिल हो गए हैं। इस पत्रिका ने एरिक की संपत्ति 7.8 अरब डॉलर की आंकी है। उन्होंने जूम को पिछले साल अप्रैल में नैस्डैक में सूचीबद्ध कराया था। नैस्डैक में जूम को कामयाबी मिली। क्लाउड सॉफ्टवेयर श्रेणी में जूम सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाली कंपनियों में से एक थी। सितंबर में जब यह सेक्टर संघर्ष कर रहा था, तब भी जूम के लिए हालात अच्छे ही रहे थे।

दिसंबर के बाद चीजें अप्रत्याशित रूप से बदल गईं। दुनिया के सामने कोरोना महामारी आ गई। इस दौरान जब दुनिया भर के वित्तीय बाजार डूब रहे थे, लेकिन जूम के शेयर 14 फीसद की दर से चढ़ रहे थे। दिसंबर तक जूम पर रोजाना एक करोड़ यूजर आते थे, मार्च तक यह संख्या बढ़कर 20 करोड़ हो गई। कंपनी के अपने आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल में अभी तक यह संख्या बढ़कर 30 करोड़ हो गई है। बाजार का अनुमान है कि पिछले तीन महीनों में एरिक युआन की हैसियत चार अरब डॉलर बढ़ गई है। पूरी दुनिया पूर्णबंदी लागू है और लोगों को एक दूसरे से बातचीत के लिए एक आभासी फ्लेटफॉर्म चाहिए था।

एरिक के लिए यह सफर आसान नहीं रहा। वे बिल गेट्स से प्रभावित थे। नब्बे के दशक में कैलिफोर्निया में तकनीकी कंपनियों में शामिल होकर काम करना चाहते थे। अमेरिका में रहने और काम करने की इजाजत मिलने से पहले आठ बार उनका वीजा आवेदन रद्द किया जा चुका था। तमाम चुनौतियों के बावजूद साल 1997 में एरिक युआन 27 साल की उम्र में सिलिकॉन वैली पहुंच गए। टेक्नोलॉजी फर्म ‘वेबएक्स’ में बतौर प्रोग्रामर उनका सफर शुरू हुआ।

दशक भर बाद ‘वेबएक्स’ को एक दूसरी बड़ी कंपनी ‘सिस्को सिस्टम्स’ ने खरीद लिया। वहां एरिक युआन इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख हो गए। साल 2011 में उन्होंने सिस्को के अधिकारियों को एक ऐसा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ऐप बनाने का विचार दिया जो न केवल डेस्कटॉप और टैबलेट से काम करता, बल्कि मोबाइल फोन से भी उसको एक्सेस किया जा सकता था।

सिस्को ने यह विचार खारिज कर दिया। इसके बाद एरिक ने अपना बिजनेस जून शुरू करने के लिए इस्तीफा दे दिया। एक इंटरव्यू में एरिक ने कहा, ‘जब मैंने पहली बार जूम की कल्पना की थी, तो मैं विश्वविद्यालय में पढ़ता था। अपनी महिला मित्र से मिलने के लिए मुझे अक्सर दस घंटे की ट्रेन पकड़नी होती थी। वह अब मेरी पत्नी है। मैं सोचा करता था कि कोई ऐसा तरीका हो कि मैं बिना यात्रा किए अपनी महिला मित्र से मिल आऊं।’ सिस्को छोड़ने के बाद एरिक युआन ने जूम की परियोजना के लिए अपने दोस्तों और परिवार वालों से पैसा उधार लिया।

स्मार्टफोन और क्लाउड स्टोरेज कंपनियों के विस्तार ने जूम के लिए अनुकूल परिस्थितियां पैदा कर दी थीं। जानकार कहते हैं कि जूम की लोकप्रियता के पीछे बड़ी वजह तो यह है कि इसे इस्तेमाल करना आसान है। इस पर यूजर को रजिस्टर करने की जरूरत नहीं होती। एक कॉल कॉन्फ्रेंस में 40 मिनट तक 100 लोग एक साथ जुड़ सकते हैंै। जूम की कल्पना एक बिजनेस मीटिंग टूल के तौर पर की गई थी, लेकिन अब सभी तबकों के लोग बड़े स्तर पर इसका इस्तेमाल कर रहे हैं।

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