ताज़ा खबर
 

तिरंगा यात्रा पर सवाल उठाने वाले बरेली के डीएम को लोगों ने किया ट्रोल, पूछा-कौन सी पार्टी ज्वाइन करोगे ?

कासंगज हिंसा की घटना के बाद विवादित पोस्ट लिखने पर घिरे बरेली के डीएम राघवेंद्र विक्रम सिंह को सोशल मीडिया पर ट्रोल होना पड़ रहा है। यूजर्स उनसे पूछ रहे हैं कि वे कौन सी पार्टी ज्वाइन करने वाले हैं।
Author नई दिल्ली | January 31, 2018 16:27 pm
बरेली के डीएम राघवेंद्र विक्रम सिंह( फाइल फोटो)

उत्तर प्रदेश में कासगंज हिंसा के बाद फेसबुक पोस्ट लिखकर विवादों में घिरे बरेली के डीएम राघवेंद्र विक्रम सिंह को सोशल मीडिया पर एक धड़े से सराहना  मिल रही है तो तमाम लोग ट्रोल भी कर रहे हैं। कुछ लोग उन्हें निडर होकर सच बोलने वाला अफसर बताकर बधाई दे रहे हैं हैं तो तमाम सोशल मीडिया यूजर्स उन पर तरह-तरह से निशाना साध रहे हैं। उनसे पूछ रहे हैं  कि आगे चलकर  कौन सी पार्टी ज्वाइन करेंगे ?  कासगंज की घटना के बाद लिखी पोस्ट पर सवाल उठने शुरू हुए और शासन ने एतराज जताया तो डीएम ने पोस्ट डिलीट भी कर दी। सोशल मीडिया यूजर्स अब उनकी पूर्व की तमाम पोस्ट खंगालकर वायरल कर रहे हैं। जिसमें डीएम राघवेंद्र सिंह नेताओं, जजों सहित तमाम मुद्दों पर तंज कसते हुए कमेंट किए हैं। बता दें, सेना की नौकरी के बाद यूपी काडर में  आईएएस बने राघवेंद्र विक्रम सिंह अप्रैल में ही रिटायर  होने वाले हैं।

 

लोगों ने कुछ यूं जाहिर की प्रतिक्रियाः डीएम राघवेंद्र सिंह की फेसबुक पोस्ट पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। शुभम ठाकुर नामक यूजर ने ट्रोल करते हुए कहा- आप कौन सी पार्टी ज्वॉइन करेंगे, साहब बता दो, ताकि हम उसे वोट न दें।

 

डीएम राघवेंद्र विक्रम सिंह की पोस्ट पर आ रहीं कुछ यूं प्रतिक्रियाएं ( स्क्रीनशॉट)

नरेश सोलंकी नामक यूजर ने लिखा- डीएम साहब इतना टाइम कैसे निकाल लेते हैं कि सोशल मीडिया पर रोज एक पोस्ट डाल रहे हैं। सॉरी डीएम साहब।

चेतन उपाध्याय ने डीएम को ट्रोल करने वालों को जवाब देते हुए लिखा- मेरी मुलाकात उनसे हुई है, वह पक्के राष्ट्रवादी हैं।

राजनारायन ने लिखा-आज गांधी जी को सच्ची श्रद्धांजलि जिलाधिकारी बरेली ने दी। सच बोलना और उसके लिए आलोचना सहना  साहस का काम है। अमित बिसारिया ने लिखा कि आप अच्छे अफसर के साथ भले इंसान भी हैं।

डीएम पर यूजर्स ने कुछ यूं कसे तंज

 

 

26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर कासगंज में जुलूस के दौरान हुए विवाद में  चंदन नामक युवक की हत्या हो गई थी। जिसके बाद कासगंज में दो संप्रदायों के बीच तनाव पैदा हो गया। इस घटना के बाद राघवेंद्र विक्रम सिंह ने यह पोस्ट  लिखी थी। उन्होंने बाद में पोस्ट में यह भी जोड़ा, ‘चीन तो बड़ा दुश्मन है, तिरंगा लेकर चीन मुर्दाबाद क्यों नहीं कहते ?’

बरेली के डीएम राघवेंद्र विक्रम सिंह की इस पोस्ट पर काफी विवाद हो गया। उन्हें माफी मांगनी पड़ी और तलब किए जाने पर लखनऊ भी जाना पड़ा।

कासगंज में तिरंगा यात्रा जैसे जुलूसों पर सवाल उठाने वाले इस पोस्ट से तूफान मच गया। चूंकि पोस्ट डीएम जैसे अफसर की ओर से किया गया था तो शासन तक आंच जाने लगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुख्यमंत्री स्तर से नाराजगी जताए जाने के बाद डीएम राघवेंद्र विक्रम सिंह ने यह पोस्ट डिलीट कर दी। बाद में डीएम ने दूसरी पोस्ट लिखकर सफाई पेश करते हुए कहा कि उन्होंने बरेली की एक घटना को लेकर पोस्ट लिखी थी, उनका इरादा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था, बहरहाल वो माफी मांगते हैं। उन्होंने कुछ यू दूसरी पोस्ट लिखी- बाद में डीएम ने माफी मांगते हुए यह पोस्ट लिखी-

राघवेंद्र विक्रम सिंह को सफाई देने और माफी मांगने के बावजूद लखनऊ तलब किया गया। योगी आदित्यनाथ सरकार ने कहा कि हम मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और डीएम पर जरूरी कार्रवाई करेंगे।

इससे पहले भी राघवेंद्र विवादित मुद्दों पर विवादित पोस्ट लिखते रहे हैं। वह ब्लॉग और स्थानीय अखबारों में लेख लिखकर भी अपनी बातें सार्वजनिक करते रहे हैं। उनके कुछ पुरानी फेसबुक पोस्ट्स पर एक नजर डालिए। इन पोस्ट्स को शेयर कर सोशल मीडिया पर अब उन्हें ट्रोल किया जा रहा है और उनके राजनीति में जाने के कयास लगाए जा रहे हैं।

हिंदुत्व की राजनीति पर कुछ यूं राय रखते राघवेंद्र विक्रम

 

माननीयों के बारे में डीएम साहब का ख्याल पिछले दिनों एक नेता ने बौद्ध धर्म अपनाने की बात कही थी, क्या डीएम ने उन पर निशाना साधा ? सुप्रीम कोर्ट के जजों के प्रेस कांफ्रेंस मुद्दे पर कुछ यूं कसा तंज पद्मावत फिल्म को लेकर विवाद पर डीएम की टिप्पणी

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.