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यूपी में जमीन तलाशने में जुटी कांग्रेस, चुनावी मैदान में उतर सकते हैं रॉबर्ट वाड्रा

कांग्रेस राज्य में वापसी के लिए हर तरह के हथकंडे अपना रही है, इसलिए उसने अपने पूर्व सांसदों और मंत्रियों को इस बार चुनावी मैदान में उतारा है।

अमेठी | May 24, 2016 1:18 AM
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा। (फाइल फोटो)

उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के लिए सभी पार्टियां पूरा दमखम लगा रही हैं। कांग्रेस भी राज्य में वापसी के लिए हर तरह के हथकंडे अपना रही है, इसलिए उसने अपने पूर्व सांसदों और मंत्रियों को इस बार चुनावी मैदान में उतारा है।

कांग्रेस के इस नए फार्मूले पर पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी की मोहर लग चुकी है। सोनिया ने सभी सांसदों को उनके आसपास के दो और विधायकों को सदन भेजने की जिम्मेदारी सौंपी है, जिससे कांग्रेस अपनी पुरानी जमीन वापस पा सके। कहा जा रहा है कि अब तक पार्टी की सियासत से दूर रहीं प्रियंका गांधी वाड्रा भी इस बार विधानसभा चुनाव लडेंÞगी। प्रियंका के पति रॉबर्ट वाड्रा, डॉ संजय सिंह, प्रमोद तिवारी, डॉ अमीता सिंह, दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित, रीता बहुगुणा जोशी, फिल्म अभिनेता राज बब्बर, निर्मल खत्री, अनु टंडन, मधूसूदन मिस्त्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के भी प्रदेश से चुनाव लड़ने की खबर है। पूर्व क्रिकेटर अजहरुद्दीन, कैसर जहां, राजकुमारी रत्ना सिंह, पीएल पुनिया, प्रदीप जैन, जितिन प्रसाद, आदि सभी पूर्व सांसद भी विधानसभा के रास्ते सदन जा सकते हैं।

प्रियंका गांधी के गौरीगंज सीट से विधानसभा से चुनाव लड़ने की खबर है। उनके पति रॉबर्ट वाड्रा भी इस बार सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली से चुनाव लड़ सकते हैं। कहा जा रहा है कि प्रिंयका को उत्तर प्रदेश कांग्रेस का प्रभारी भी बनाया जा सकता है। वह पिछले छह महीने से मिशन 2017 में जुटी हैं।

पूर्व सांसदों और मंत्रियों के चुनाव लड़ने के मुद्दे पर कांग्रेस के राज्यसभा सांसद डॉ संजय सिंह ने कहा कि पूर्व सांसदों और मंत्रियों के चुनाव लड़ने से कांग्रेस को पूर्ण बहुमत वाली सरकार मिल जाएगी। भाजपा पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि के नाम पर सरकार बनाने वाले अयोध्या में मंदिर कभी नहीं बना पाएंगे। भगवान राम के नाम पर भाजपा कई बार सत्ता हथिया चुकी है, लेकिन कांग्रेस हिंदू-मुसलमान के बीच के विवाद का समाधान चाहती है, ताकि मंदिर-मस्जिद के नाम पर खून-खराबा न हो। संजय सिंह ने कहा कि नरेंद्र मोदी की पोल खुल चुकी है।

जनता अब उनकी झूठी बातों में फंसने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को जनता पर भरोसा नहीं है। इसलिए वे हर बार चुनाव क्षेत्र बदल देते हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बनारस की जनता पर यकीन नहीं था, इसलिए उन्होंने गुजरात और बनारस दोनों जगह से चुनाव लड़ा। उन्होंने कहा कि गांधी परिवार का अमेठी से सवा सौ साल पुराना रिश्ता है।

पहले अमेठी की पहचान विकास से होती थी, लेकिन अब यहां की पहचान एक भ्रष्ट मंत्री के नाम से है।
कांग्रेस की पूर्व मंत्री रानी अमीता सिंह ने कहा कि अमेठी के चुनाव में जनता के लिए एक आॅफर है, जिसमें एक विधायक चुनने पर दो सांसद साथ मिलेंगे। इससे विकास ज्यादा होगा। उन्होंने कहा कि चोरी, डकैती, हत्या और लूट की घटनाएं अमेठी की पहचान बन चुकी हैं। सत्ता पक्ष के गुंडे दिन-दहाड़े कई हत्याओं को अंजाम देते रहते हैं और प्रशासन भी सत्ता पक्ष के इशारे पर नाचता रहता है।

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