ताज़ा खबर
 

जल्लीकट्टू का बिना उद्घाटन किए बैरंग लौटे मुख्यमंत्री पन्नीरसेल्वम, विरोध-प्रदर्शन की वजह से होटल में ही रहे कैद

प्रदर्शनकारी इस खेल के आयोजन के लिए स्थाई समाधान और पशु अधिकार संगठन पेटा पर पाबंदी लगाने की मांग करते हुए नारेबाजी कर रहे हैं।

Author चेन्नई-मदुरै | January 22, 2017 4:52 PM
तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेलवम ( File Photo)

तमिलनाडु के विभिन्न हिस्सों में रविवार को जल्लीकट्टू का आयोजन किया गया वहीं मदुरै के आलंगनल्लूर में विरोध प्रदर्शन जारी रहे जहां लोगों ने स्थाई समाधान की मांग करते हुए सांड़ को काबू में करने के इस खेल के आयोजन से इनकार कर दिया और इस वजह से मुख्यमंत्री ओ. पनीरसेल्वम को बिना उद्घाटन किये चेन्नई लौटना पड़ा। पनीरसेल्वम ने शनिवार को कहा था कि वह सुबह 10 बजे आलंगनल्लूर में कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। चेन्नई के मरीना बीच समेत राज्य के विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शनकारी अब भी डटे हुए हैं। मरीना बीच पिछले छह दिन से प्रदर्शन का केंद्र बना हुआ है।

प्रदर्शनकारी इस खेल के आयोजन के लिए स्थाई समाधान और पशु अधिकार संगठन पेटा पर पाबंदी लगाने की मांग करते हुए नारेबाजी कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने जहां आयोजन के स्थाई समाधान की मांग की और नारे लगाते हुए कहा कि अध्यादेश केवल अस्थाई उपाय है तो पनीरसेल्वम ने कहा, ‘राज्य सरकार का जल्लीकट्टू पर अध्यादेश का रास्ता स्थाई, सशक्त और टिकाऊ है और इसे आगामी विधानसभा सत्र में कानून बनाया जाएगा।’ उन्होंने कहा कि अध्यादेश लागू होने के बाद कोई प्रतिबंध नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कल चेन्नई में शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में एक विधेयक लाया जाएगा, जिसके बाद अध्यादेश की जगह कानून ले लेगा। चेन्नई रवाना होने से पहले मदुरै में संवाददाताओं से बातचीत में पनीरसेल्वम ने कहा, ‘जल्लीकट्टू पर प्रतिबंध पूरी तरह से हटा लिया गया है। आलंगनल्लूर में स्थानीय लोगों द्वारा तय तारीख पर खेल का आयोजन किया जाएगा।’ उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के सभी हिस्सों में जल्लीकट्टू का आयोजन किया गया और स्थानीय प्रशासन और पुलिस इसके लिए सभी एहतियातन कदम उठा रहे हैं। यहां और तमुक्कम मैदान में लगातार विरोध प्रदर्शन और बंद जारी रहने से पनीरसेल्वम द्वारा जल्लीकट्टू के उद्घाटन पर प्रश्नचिह्न लग गया था।

jallikattu तमिलनाडु के मदुरई में जल्लीकट्टू पर प्रतिबंध का विरोध करते लोग। (PTI Photo)

मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि आलंगनल्लूर में जल्लीकट्टू का उद्घाटन करेंगे लेकिन स्थाई समाधान की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों के आंदोलन के कारण उन्हें यहां होटल में ही रहना पड़ा। जिसके बाद उम्मीद थी कि पनीरसेल्वम डिंडीगुल के नाथम कोविलपट्टी में जल्लीकट्टू का उद्घाटन कर सकते हैं लेकिन वहां भी प्रदर्शन शुरू हो गये। तंजौर के पास मनोजीपट्टी में तनाव फैला रहा जहां ग्रामीणों जल्लीकट्टू का आयोजन करने से मना कर दिया। उन्होंने आयोजन स्थल का रास्ता रोक दिया। कृषि मंत्री दुरईकन्नू को यहां कार्यक्रम का उद्घाटन करना था। पुडुकोट्टई में स्वास्थ्य मंत्री सी विजयभास्कर ने उद्घाटन किया। तंजौर से खबर है कि यहां करीब 500 युवकों ने एक ट्रेन को रोककर रखा। सुप्रीम कोर्ट के मई 2014 के एक आदेश के बाद जल्लीकट्टू पर रोक लगाई गयी थी।

jallikattu, stud bull जल्लीकट्टू के दौरान सांडों को पकड़े हुए लोग। (PTI Photo by R Senthil Kumar)

क्या है जल्लीकट्टू? क्यों हो रहा है इसे लेकर विवाद?

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App