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नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में है उज्ज्वल भविष्य

2017 में भारत में सात लाख से अधिक नौकरियां इस क्षेत्र में युवाओं को मिली थीं। सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और समुद्री ऊर्जा के उपयोग की वजह से इस क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं।

दुनिया की निर्भरता नवीकरणीय या अक्षय ऊर्जा पर निरंतर बढ़ रही है।

किसी देश का विकास और उसकी उन्नति बहुत हद तक ऊर्जा क्षेत्र पर निर्भर करती है। विभिन्न प्रकार की ऊर्जा की उपलब्धता देश के विकास को तेज गति प्रदान करती है। लेकिन बढ़ते प्रदूषण और घटते जीवाश्म र्इंधन को देखते हुए पूरी दुनिया की निर्भरता नवीकरणीय या अक्षय ऊर्जा पर निरंतर बढ़ रही है। यही वजह है कि इस क्षेत्र में नौकरियों की भरमार है। 2017 में भारत दुनिया के उन छह देशों में शामिल था जिन्होंने अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में 70 फीसद नौकरियां दी थीं। अंतरराष्ट्रीय अक्षय ऊर्जा एजंसी (एआरईए) के मुताबिक, 2017 में भारत में सात लाख से अधिक नौकरियां इस क्षेत्र में युवाओं को मिली थीं। सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और समुद्री ऊर्जा के उपयोग की वजह से इस क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं।

योग्यता
नवीकरणीय या अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में बीवोक से लेकर पीजी डिप्लोमा, बीटेक, एमटेक, एमएससी, एमफिल और पीएचडी तक पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। जहां तक बीटेक में दाखिले का सवाल है जो इसके लिए विद्यार्थियों को विज्ञान विषयों में 12वीं पास होना चाहिए। इसके अलावा जेईई मेन में भी पास होना आवश्यक है। यदि आइआइटी में दाखिला लेना है तो उसके लिए जेईई एडवांस्ड में पास होना जरूरी है। एमटेक या एमएससी में प्रवेश के लिए बीटेक की डिग्री होना अनिवार्य है। वहीं, बीवोक में दाखिले के लिए विद्यार्थियों को 12वीं में विज्ञान विषयों के साथ पास होना अनिवार्य है।

पाठ्यक्रम
एमएससी (नवीकरणीय ऊर्जा) ’ एमटेक (ऊर्जा अध्ययन)
एमटेक (ऊर्जा एवं पर्यावरण प्रबंधन) ’ एमटेक (ऊर्जा तकनीक)
एमटेक (ऊर्जा विज्ञान एवं इंजीनियरिंग) ’ एमटेक (ऊर्जा इंजीनियरिंग)
एमटेक (अक्षय ऊर्जा इंजीनियरिंग एवं प्रबंधन) ’ एमफिल (ऊर्जा)
एमई (ऊर्जा इंजीनियरिंग) ’ पीजी डिप्लोमा (ऊर्जा प्रबंधन)
एमवोक (अक्षय ऊर्जा तकनीक) ’ बीवोक (अक्षय ऊर्जा तकनीक)

नौकरी के विकल्प
ऊर्जा इंजीनियर ’ ऊर्जा परीक्षक
पीवी तंत्र स्थापनाकर्ता
सौर उष्ण तंत्र स्थापनाकर्ता
नवीकरणीय ऊर्जा बिक्री प्रतिनिधि
सिस्टम इंजीनियर ’ एप्लीकेशन इंजीनियर
प्रोजेक्ट इंजीनियर

संस्थान
जामिया मिल्लिया इस्लामिया, दिल्ली
पुणे विश्वविद्यालय, पुणे
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मुंबई
भारतीय स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी, जयपुर
तेजपुर विश्वविद्यालय, तेजपुर
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, तिरुचिरापल्ली
राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, भोपाल
अन्नामलाई विश्वविद्यालय, चेन्नई
हैदराबाद विश्वविद्यालय, हैदराबाद

वेतनमान
स्नातक पाठ्यक्रम करने के बाद इस क्षेत्र में 20 से 25 हजार रुपए की नौकरी आसानी से मिल जाती है। वहीं, एमटेक या एमएससी करने वाले विद्यार्थियों को 40 से 45 हजार रुपए नौकरी मिल जाती है। मजदूर सांख्यिकी ब्यूरो की रिपोर्ट के मुताबिक नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के पेशेवरों के वेतन में 2017 से 2025 तक 15 से 20 फीसद सालाना तक की बढ़ोतरी की संभावना है। युवा अपना व्यवसाय भी शुरू कर सकते हैं।

भारत में नवीकरणीय ऊर्जा का क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है। देश में सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और समुद्री ऊर्जा के क्षेत्र में बड़े-बड़े प्रोजेक्ट शुरू हो रहे हैं। इससे रोजगार भी तेजी से बढ़ रहा है। अगले कुछ सालों में इस क्षेत्र में लाखों की संख्या में नौकरियां उपलब्ध होंगी। जो विद्यार्थी आज इस क्षेत्र में पढ़ाई करेंगे उनका भविष्य पूरी तरह से सुरक्षित रहेगा।
– ब्रिगेडियर (डॉक्टर) एसएस पाब्ला, कुलपति, बीएसडीयू

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