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हाई कोर्ट के फैसले के बाद बीसीसीआई की सख्त टिप्पणी, कहा- आइपीएल को निशाना बनाया जा रहा है

बीसीसीआइ सचिव अनुराग ठाकुर ने फैसले के बाद मायूस दिखे। उन्होंने किहा कि लीग को लेकर नकारात्मकता पैदा करने की कोशिश की जा रही है।

Author नई दिल्ली | April 14, 2016 1:34 AM
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI)

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआइ) ने बुधवार को मुंबई हाई कोर्ट के फैसले के बाद सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि देश में आइपीएल को निशाना बनाया जारहा है। हमारे लिए मैचों को स्थानांतरित करना बेहद मुश्किल है। बुधवार को मुंबई हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र में सूखे को वजह मानते हुए आइपीएल के तेरह मैचों को राज्य से बाहर स्थानांतरति करने को कहा है। इस आदेश से बीसीसीआइ को झटका लगा है। हाई कोर्ट ने बोर्ड को 17 दिनों की मोहलत दी है। इस बीच छह मैच महाराष्ट्र में ही खेले जाएंगे।

अदालत ने कहा है कि 30 अप्रैल के बाद महाराष्ट्र में होने वाले मैचों को दूसरे राज्यों में कराया जाए। इन मैचों में फाइनल भी शामिल है। महाराष्ट्र में मुंबई, पुणे और नागपुर तीन स्थानों पर आइपीएल मैच होने थे। इस आदेश के बाद बीसीसीआइ ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई है और कहा है कि बिना वजह इस लीग को निशाना बनाया जा रहा है। बोर्ड ने साफ किया कि आइपीएल के बीच में मैचों का स्थानांतरण बेहद मुश्किल काम है। महाराष्ट्र की दो टीमें मुंबई इंडियंस और पुणे राइजिंग स्टार आइपीएल का हिस्सा हैं।

बीसीसीआइ सचिव अनुराग ठाकुर ने फैसले के बाद मायूस दिखे। उन्होंने किहा कि लीग को लेकर नकारात्मकता पैदा करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि हम पीने के पानी का उपयोग नहीं कर रहे हैं। हमने कहा था कि हम केवल सीवेज के साफ किए गए पानी का उपयोग करेंगे। पंचतारा होटलों के कितने स्विमिंग पूल बंद किए गए हैं। क्या लोगों ने अपने बगीचों में पानी देना बंद कर दिया है। ठाकुर ने कहा कि आजकल हर किसी मसले को दूसरा रंग देने की कोशिश की जा रही है। आइपीएल 0.00038 फीसदपानी का उपयोग करता है जिससे पता चलता है कि जरूरत बहुत ज्यादा नहीं है।

आइपीएल अध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा कि आइपीएल का आयोजन बड़े पैमाने पर होता है। सभी तैयारियां पूरी हो चुकीं हैं। अब मैचों को स्थानांतरित करना मुश्किल काम है। उन्होंने कहा कि वैसे अभी तक हमारे पास लिखित आदेश नहीं आया है। जब हमें यह मिल जाएगा तो हम वैकल्पिक योजना पर काम करेंगे। हम हमेशा अदालत का सम्मान करते हैं। हमें अन्य फ्रेंचाइजी से बात करने की जरू रत है। महाराष्ट्र में होने वाले 19 में से 13 मैच स्थानांतरित किये जाएंगे और हमें इस पर काम करना होगा। शुक्ला ने कहा कि अगर मैच स्थानान्तरित किये जाएंगे तो उन्हें कहां आयोजित किया जाएगा और कैसे उनका स्थानान्तरण होगा, ये सभी मसले इससे जुड़े हुए हैं। इससे पहले विश्व टी20 के 24 मैचों को लेकर किसी ने भी कोई चिंता नहीं जतायी थी।

उन्होंने कहा कि छह महीने तक किसी भी यह मसला नहीं उठाया। जो भी जरू रत होती है हम उसे पूरा करने के लिए तैयार थे। इसके साथ ही मैं यह भी साफ करना चाहता हूं कि महाराष्ट्र में कई अन्य खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रम हो रहे हैं जिनके लिए पानी की जरू रत पड़ती है और उन्हें भी मदद करनी चाहिए। शुक्ला ने कहा कि यहां तक कि चीनी मिलों और गोल्फ कोर्स को भी पानी के अपने उपयोग को बंद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल चीनी मिलें ही नहीं निर्माण कार्य भी बंद कर देना चाहिए। सभी गोल्फ कोर्स में बड़ी मात्रा में पानी की जरू रत पड़ती है और इन गोल्फ कोर्स के खिलाफ कुछ भी नहीं किया जा रहा है। बीसीसीआइ ने मुख्यमंत्री सूखा राहत कोष में योगदान देने की पेशकश की थी। शुक्ला ने कहा कि बोर्ड इससे अधिक कुछ नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा कि सबसे मुख्य समस्या किसानों को पानी देना है जिसका हम समाधान ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं। हम पानी देना चाहते थे। हम मुख्यमंत्री राहत कोष में अपना योगदान देना चाहते थे।

किंग्स इलेवन पंजाब के सह मालिक नेस वाडिया ने कहा कि उन्हें खुशी है कि महाराष्ट्र के सूखा प्रभावित क्षेत्र के लोगों की भावनाओं की कद्र की गई। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सूखा ग्रस्त है। यह गंभीर मसला है। मुझे खुशी है कि हमने महाराष्ट्र के अपने बंधुओं का ख्याल रखा। मैं भी मुंबई का रहने वाला हूं।

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