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WFI ने सभी कसूरवार पहलवानों को माफी देने का फैसला किया

भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) की अनुशासनात्मक समिति ने हालिया ओलंपिक क्वालीफाइंग स्पर्धा के दौरान अपने मुकाबले से हटने वाले उन सभी पहलवानों को यह कहते हुए माफी दे देने की सिफारिश की है कि इन सभी ने ऐसा पहली बार किया था।

Author नई दिल्ली | May 20, 2016 1:09 AM
भारतीय कुश्ती महासंघ में ओलंपिक क्वालीफाइंग करने वाली मुक्केबाज बबीता कुमारी और गीता

भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) की अनुशासनात्मक समिति ने हालिया ओलंपिक क्वालीफाइंग स्पर्धा के दौरान अपने मुकाबले से हटने वाले उन सभी पहलवानों को यह कहते हुए माफी दे देने की सिफारिश की है कि इन सभी ने ऐसा पहली बार किया था।

अनुशासनात्मक समिति के फोगाट बहनों बबीता कुमारी और गीता पर लगा अस्थाई प्रतिबंध हटाने की उम्मीद है क्योंकि दोनों ने पिछले महीने ओलंपिक क्वालीफाइंग स्पर्धा के दौरान अपने वजन वर्गों का मुकाबला छोड़ने के बाद माफी मांग ली थी। बबीता ने एशियाई ओलंपिक क्वालीफायर में महिलाओं की 53 किग्रा स्पर्धा में मंगोलिया की सुमिया अर्डेनचिमेग के डोप परीक्षण में असफल होने पर रियो ओलंपिक के लिये क्वालीफाई किया है।

डब्ल्यूएफआई के अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह ने खुद अनुशासनात्मक समिति को बबीता को माफी देने का आग्रह किया क्योंकि इस पहलवान ने ओलंपिक का टिकट हासिल कर लिया है और उसे रियो खेलों में भाग लेने की अनुमति दे दी। लेकिन सुमित (पुरुष 125 किग्रा फ्रीस्टाइल) और राहुल अवारे (पुरुष 57 किग्रा फ्रीस्टाइल) को अनुशासहीनता दिखाने के बाद कड़ी सजा देने की उम्मीद थी। हालांकि इन दोनों को भी अनुशासनात्मक समिति ने चेतावनी देकर छोड़ दिया।

डब्ल्यूएफआई के अधिकारी ने कहा, ‘क्योंकि इन सभी ने पहली बार ऐसा किया था और इन्होंने माफी भी मांग ली थी तो अनुशासनात्मक समिति ने उन्हें चेतावनी देकर छोड़ने का फैसला किया।’

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