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अंजलि सिंह : भारत की पहली महिला सैन्य राजनयिक

41 वर्षीय अंजलि शुरू से ही सेना में जाना चाहती थीं। वे अपने पिता की तरह की सेना में जाकर देश की सेवा करना चाहती थीं। अंजलि के पिता मदन प्रसाद सिंह भारतीय वायुसेना में फ्लाइट लेफ्टिनेंट के पद से सेवानिवृत्त हैं।

समस्तीपुर जिले की विंग कमांडर अंजलि सिंह

विंग कमांडर अंजलि सिंह देश के किसी भी सशस्त्र बल की पहली महिला अधिकारी हैं, जिन्हें विदेश में भारतीय मिशन में सैन्य राजनयिक के तौर पर नियुक्त किया गया है। उन्होंने मॉस्को मेंं भारतीय दूतावास में डिप्टी एअर अताशे के रूप में पदभार ग्रहण किया है। आज बिहार का समस्तीपुर जिला अंतरराष्ट्रीय फलक पर है। कारण कि समस्तीपुर जिले की विंग कमांडर अंजलि सिंह को भारतीय मिशन में विदेश में तैनात होनेवाली पहली महिला सैन्य राजनयिक का सम्मान प्राप्त हुआ है। देश के सैन्य इतिहास में यह पहला मौका है कि जब किसी महिला को यह सम्मान प्राप्त हुआ है। भारतीय वायु सेना ने उन्हें मॉस्को भेजा है। मिग-29 लड़ाकू विमान उड़ाने में प्रशिक्षित अंजलि ने इसी महीने की 10 तारीख को रूस की राजधानी मॉस्को में डिप्टी एअर अताशे के रूप में भारतीय दूतावास में पदभार संभाला है।

41 वर्षीय अंजलि शुरू से ही सेना में जाना चाहती थीं। वे अपने पिता की तरह की सेना में जाकर देश की सेवा करना चाहती थीं। अंजलि के पिता मदन प्रसाद सिंह भारतीय वायुसेना में फ्लाइट लेफ्टिनेंट के पद से सेवानिवृत्त हैं। उनकी तीन बहनें और एक भाई हैं। भाई-बहनों में अंजलि दूसरे नंबर पर हैं। अंजलि की स्कूली पढ़ाई जलंधर से हुई। वे पढ़ने में अच्छी थीं, समसामयिक विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ थी। बारहवीं की परीक्षा पास करने के बाद अंजलि पुणे आ गईं। पुणे विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशन में इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। इसके बाद उत्तर प्रदेश के कोटद्वार में एक निजी कंपनी में दो वर्षों तक काम भी किया। लेकिन उनका लक्ष्य भारतीय वायुसेना था। अपने लगन के बलबूते उन्होंने एसएसबी की परीक्षा पास की और साल 2002 में उनका चयन वायुसेना में हुआ। 2010 में अंजलि सिंह की शादी बेगूसराय के महना निवासी इंजीनियर राजकुमार के साथ हुई। उनका आठ साल का बेटा भी है।

अंजलि भारतीय वायुसेना (आईएएफ) के एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग शाखा से हैं। अपने 17 साल के सैन्य करिअर के दौरान उन्होंने लड़ाकू स्क्वाड्रन के साथ सेवा दी है। अब उन्हें मास्को में डिप्टी एअर अताशे के रूप में भारतीय दूतावास में नियुक्ति दी गई है। इसकी जानकारी बीते दिनों मास्को में भारतीय दूतावास की तरफ से दी गई। भारतीय दूतावास ने ट्वीट किया, ‘विंग कमांडर अंजलि सिंह ने 10 सितंबर को डिप्टी एअर अताशे का कार्यभार संभाल लिया। उन्हें विदेश में किसी भी भारतीय मिशन में सैन्य राजनयिक के रूप में तैनात होने वाली पहली महिला भारतीय सशस्त्र बल अधिकारी होने का गौरव प्राप्त हुआ है।’

एयर अताशे एक वायुसेना अधिकारी होता है जो एक राजनयिक मिशन का हिस्सा होता है। एक एअर अताशे आम तौर पर विदेश में अपने घरेलू वायु सेना के प्रमुख का प्रतिनिधित्व करता है, जहां वह सेवा करता है। अब तक रक्षा अताशे पदों पर महिलाओं की तैनाती नहीं होती थी, इन पदों पर पुरुष अधिकारियों का ही कब्जा रहा है। यह पहला मौका है जब किसी महिला को रक्षा अताशे बनाया गया है। ऐसे में अंजलि सिंह की तैनाती उन लड़कियों के लिए प्रेरणास्रोत है जो वायु सेना में बड़े पद पर जाना चाहती हैं।

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