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स्वराज और हरित के बाद देशभक्ति से रंगा बजट

तीन साल से थीम आधारित बजट ला रही दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार इस बार ‘देशभक्ति’ से ओतप्रोत बजट लेकर आई है। वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया लगातार सातवीं बार दिल्ली का बजट पेश कर रहे हैं।

नई दिल्‍ली | Updated: March 10, 2021 4:28 AM
दिल्‍ली के उपमुख्‍यमंत्री मनीष सिसोदिया बजट पेश करने के लिए जाते हुए। फाइल फोटो।

तीन साल से थीम आधारित बजट ला रही दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार इस बार ‘देशभक्ति’ से ओतप्रोत बजट लेकर आई है। वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया लगातार सातवीं बार दिल्ली का बजट पेश कर रहे हैं।

साथ ही यह पहला मौका है जब दिल्ली में ई-बजट पेश हुआ। सरकारी मद से सभी विधायकों को टैब दिए गए हैं और वे अब आगे की सारी जानकारी सरकार के पोर्टल से ले सकेंगे। बता दें कि सरकार सबसे पहले स्वराज बजट लेकर आई थी। इसके बाद 2018 में पर्यावरण पर फोकस करते हुए हरित बजट पेश किया था। इस बार बजट में 75 हफ्ते तक देशभक्ति के कार्यक्रमों की घोषणा की गई है। इस वजह से आजादी के 75 वर्ष पूरे होने की झलक दिल्ली सरकार के बजट में दिख रही है।

वहीं, राष्ट्रीय ध्वज लहराने के लिए खंभे कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क की तर्ज पर होंगे। कोई भी व्यक्ति अपने घर से दो किलोमीटर भी बाहर निकलता है तो वह तिरंगे को देखेगा और उसके मन में देशभक्ति की भावना पैदा होगी।

बकौल सिसोदिया राज्य के विद्यालयों में देशभक्ति की पढ़ाई के लिए देशभक्तिका घंटा भी शुरू होगा। इसके अलावा 75 हफ्तों के देशभक्ति उत्सव के दौरान भगत सिंह और बीआर आंबेडकर के जीवन पर कार्यक्रम के लिए प्रत्येक के कार्यक्रम के वास्ते 10 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। बकौल सिसोदिया 75 साल की आजादी को मनाने के लिए ढेर सारे कार्यक्रमों को आयोजित करने की रूपरेखा तैयार की गई है।

शहीदों को याद किया जाएगा। खासकर शहीद-ए-आजम भगत सिंह और बाबा साहब डा. अंबेडकर के जीवन और उनके संदेश, उनकी लेखनी को जन-जन तक पहुंचाने के लिए ढेरों कार्यक्रम किए जाएंगे, इसके लिए विशेष तौर पर बजट में प्रावधान किया गया है।
बजट में धन के आबंटन ने साफ कर दिया कि शिक्षा और स्वास्थ्य पर सरकार का सबसे ज्यादा ध्यान है।

कुल बजट आबंटन का करीब 40 फीसद पैसा इन्हीं दोनों क्षेत्रों पर खर्च करने का सरकार ने प्रस्ताव दिया है। वित्त मंत्री ने सदन में कहा-दिल्ली में नया सैनिक स्कूल खोलेंगे, दिल्ली में फिलहाल एक भी सैनिक स्कूल नहीं है। इसके अलावा सरकार का एनडीए की ट्रेनिंग के लिए भी एकेडमिक शुरू करने का भी प्रस्ताव है। सरकार की कोशिश होगी कि शिक्षा को जनांदोलन बनाया जाए। योग व ध्यान की नि:शुल्क व्यवस्था करेंगे।

सिंगापुर की तरह बढ़ाएंगे दिल्ली वालों की आय : केजरीवाल

दिल्ली सरकार ने दिल्ली वालों की प्रति व्यक्ति आय को सिंगापुर के बराबर करने वाला महत्त्वाकांक्षी बजट पेश किया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इस बजट में सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है और इसकी मदद से दिल्ली की आय बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार 2047 तक दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय सिंगापुर के बराबर करना चाहती है। अभी सिंगापुर की प्रति व्यक्ति आय दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय से 16 गुना अधिक है।

अरविंद केजरीवाल ने बजट के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि यह बहुत ही शानदार बजट है। इस बजट में समाज के सभी तबको का ध्यान रखा गया है और कठिन परिस्थिति में यह बजट तैयार किया है। उन्होंने कहा कि बीते एक साल में दिल्ली की आय कम हुई है। इसके बाद भी दिल्ली सरकार ने आम जनता को मुफ्त राशन, मुफ्त खाना, बुजुर्गों को पेंशन व टैक्सी वालों को आर्थिक मदद जारी रही है। यह बजट बीते वर्ष के बजट की तुलना में छह फीसद अधिक है।

उन्होंने कहा कि कोरोनाकाल में भी लोगों ने सरकार को टैक्स देकर अपना सहयोग दिया है। इस बार भी दिल्ली सरकार बिजली, पानी, मुफ्त दवा, महिलाओं के लिए फ्री बस सफर व शिक्षा जैसी योजनाओं का जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि सरकार आने के बाद अब तक घाटे का बजट नहीं हुआ है। इस बार के बजट में 55 फीसद बजट योजनाओं पर खर्च किया जा रहा है।

केंद्र सरकार पेट्रोल व डीजल दाम कम करने के लिए पहल करें

देश में लगातार बढ़ रहे पेट्रोल व डीजल के दामों में कमी लाने के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस दिशा में केंद्र सरकार को पहल करने की अपील की है। अरविंद केजरीवाल ने प्रेसवार्ता में एक सवाल के जवाब में कहा कि राज्य सरकारों के पास आय के साथ बहुत ही सीमित है। केंद्र सरकार को चाहिए कि वह इस मामले में टैक्स कम करने की पहल करें ताकि आम जनता को बड़ी राहत मिल सके। उन्होंने अन्य सवाल के जवाब में पेट्रोल डीजल को भी जीएसटी के दायरे में लाने की सिफारिश की। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार शुरुआत से ही पेट्रोल डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग कर रही है।

2047 के सपने दिखा रही सरकार : आदेश

मंगलवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार आम जनता को 2047 के सपने दिखा रही है लेकिन वर्तमान की योजनाओं को लेकर मौन है। उन्होंने दिल्ली सरकार के बजट को एक छलावा बताया है। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल केवल सपनों के सौदागर हैं।

आदेश गुप्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह देश के किसी भी राज्य का पहला बजट होगा जिसमें सरकार ने 26 साल बाद की दिल्ली की कल्पना तो की है पर वर्तमान में प्रदूषण एवं परिवहन की बिगड़ती स्थिति पर कोई ठोस योजना नहीं रखी है। आज का बजट में वित्त मंत्री ने 2047 तक दिल्ली को सिंगापुर जैसा बनाने का दावा किया है। इसी प्रकार दिल्ली में ओलंपिक खेल कराने की कल्पना की है जो कि हास्यास्पद है। यही सरकार अभी कुछ दिन पहले तक दिल्ली को लंदन जैसा, यमुना को थेम्स जैसा बनाने की बात कहती थी पर आज नए सपने बेचने लगी।

उन्होंने कहा कि सरकार हर वर्ष ऐतिहासिक बजट प्रस्तत करने के दावे करती है। हर वर्ष बजट का शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रदूषण, परिवहन पर आबंटित बजट का एक बड़ा भाग खर्च ही नहीं करती। 2015-16 में सरकार ने 41129 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तुत किया जिसमें से 14.4 फीसद बजट खर्च ही नहीं किया। इसी प्रकार 2016-17 में 46600 करोड़ रुपए में 20 प्रतिशत खर्च, 2017-18 में 48000 करोड़ रुपए में 14.7 फीसद, 2018-19 में 53000 करोड़ रुपए में 12.7 फीसद, 2019-20 में 60000 करोड़ रुपए में से 14.7 फीसद खर्च ही नहीं किया। सम्मेलन में प्रदेश पदाधिकारी हर्ष मल्होत्रा, वीरेन्द्र सचदेवा, हरीश खुराना, प्रवीण शंकर कपूर एवं हरिहर रघुवंशी उपस्थित थे।

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