ताज़ा खबर
 

कोरोना मामले दो लाख पार

देश में कोरोना विषाणु संक्रमण के एक दिन में रेकॉर्ड दो लाख से अधिक मामले सामने आने के बाद संक्रमण के कुल मामले 1,40,74,564 पर पहुंच गए हैं जबकि इस बीमारी का इलाज करा रहे मरीजों की संख्या 14 लाख के पार चली गई है।

नर्द दिल्‍ली | Updated: April 16, 2021 6:03 AM
22 सदस्यों वाली इंडिया टास्क फ़ोर्स ने दावा किया कि भारत में हर महीने सिर्फ 70-80 मिलियन वैक्सीन उत्पादन करने की क्षमता है जबकि सरकार ने 150 मिलियन डोज देने का लक्ष्य रखा है।(फोटो – पीटीआई)

देश में कोरोना विषाणु संक्रमण के एक दिन में रेकॉर्ड दो लाख से अधिक मामले सामने आने के बाद संक्रमण के कुल मामले 1,40,74,564 पर पहुंच गए हैं जबकि इस बीमारी का इलाज करा रहे मरीजों की संख्या 14 लाख के पार चली गई है। देश में प्रतिदिन सामने आने वाले नए मामलों की संख्या एक लाख से दो लाख सिर्फ 11 दिन में पहुंच गई जबकि अमेरिका में ऐसा 21 दिन में हुआ था।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के गुरुवार को सुबह आठ बजे तक जारी आंकड़ों के अनुसार चौबीस घंटे में कोरोना के 2,00,739 नए मामले सामने आए जबकि 1,038 लोगों के जान गंवाने से मृतकों की संख्या बढ़कर 1,73,123 हो गई है। तीन अक्तूबर, 2020 के बाद से एक दिन में मरने वाले लोगों की यह सर्वाधिक संख्या है। लगातार नौवें दिन संक्रमण के मामले एक लाख से अधिक दर्ज किए गए हैं। भारत में नौ दिनों में संक्रमण के 13,88,515 मामले आए हैं। संक्रमण के मामलों में लगातार 36वें दिन वृद्धि हुई है। देश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 14,71,877 हो गई है जो संक्रमण के कुल मामलों का 10.46 फीसद है जबकि स्वस्थ होने वाले लोगों की दर गिरकर 88.31 फीसद रह गई है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) के मुताबिक, 14 अप्रैल तक 26,20,03,415 नमूनों की जांच की जा चुकी है जिनमें से 13,84,549 नमूनों की जांच बुधवार को की गई।

चौबीस घंटों में जिन 1,038 लोगों की मौत हुई है उनमें से 278 की मौत महाराष्ट्र में, 120 की छत्तीसगढ़, 104 की दिल्ली, 73 की गुजरात, 67 की उत्तर प्रदेश, 63 की पंजाब, 51 की मध्य प्रदेश, 38 की कर्नाटक, 31 की झारखंड, 29 की राजस्थान, 25 की तमिलनाडु, 24 की पश्चिम बंगाल, 22 की केरल, 21 की बिहार, 18-18 लोगों की आंध्र प्रदेश व हरियाणा और 13-13 लोगों की मौत उत्तराखंड व हिमाचल प्रदेश में हुई। देश में इस महामारी से अब तक 1,73,123 लोगों की मौत हो चुकी है जिनमें से 58,804 लोगों ने महाराष्ट्र, 13,046 ने कर्नाटक, 12,970 ने तमिलनाडु, 11,540 ने दिल्ली, 10,458 ने पश्चिम बंगाल, 9,376 ने उत्तर प्रदेश, 7,672 ने पंजाब और 7,339 लोगों ने आंध्र प्रदेश में जान गंवाई।

कुंभ मेला : 1701 श्रद्धालु संक्रमित

हरिद्वार कुंभ मेला क्षेत्र में 10 से 14 अप्रैल के बीच 1700 से अधिक लोगों के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बीच आशंका जताई जा रही है कि विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक जमावड़ा कोविड-19 के मामलों में आ रहे जबरदस्त उछाल को और तेज कर सकता है। स्वास्थ्यकर्मियों ने मेला क्षेत्र में इन पांच दिनों में 2,36,751 कोविड जांच कीं, जिनमें से 1701 लोगों की रिपोर्ट में उनके महामारी से ग्रस्त होने की पुष्टि हुई।

हरिद्वार के मुख्य चिकित्साधिकारी शंभु कुमार झा ने कहा कि इस संख्या में श्रद्धालुओं और विभिन्न अखाड़ों के साधु-संतों की हरिद्वार से लेकर देवप्रयाग तक पूरे मेला क्षेत्र में पांच दिनों में की गई आरटी-पीसीआर और रैपिड एंटीजन जांच दोनों के आंकड़े शामिल हैं। उन्होंने बताया कि अभी और आरटी-पीसीआर जांच के नतीजे आना बाकी हैं और इस परिस्थिति को देखते हुए कुंभ मेला क्षेत्र में संक्रमित व्यक्तियों की संख्या 2000 के पार निकलने की पूरी आशंका है।

हरिद्वार, टिहरी और ऋषिकेश सहित देहरादून जिले के विभिन्न भागों में 670 हेक्टेयर क्षेत्रफल में महाकुंभ क्षेत्र फैला हुआ है। सोमवार को सोमवती अमावस्या और बुधवार को मेष संक्रांति और बैसाखी के पर्व पर हुए दोनों शाही स्नानों में गंगा में डुबकी लगाने वाले 48.51 लाख श्रद्धालुओं में से ज्यादातर लोग बिना मास्क पहने और सामाजिक दूरी रखने जैसे कोविड से बचाव के नियमों का उल्लंघन करते नजर आए। इस दौरान पुलिस हर की पैड़ी ब्रह्मकुंड में समय की कमी के चलते अखाड़ों के साधुओं और संन्यासियों को कोविड से बचाव के दिशा-निर्देशों का पालन करवाने में असफल रही। 14 अप्रैल को मेष संक्रांति के शाही स्नान के पहले साधु संत आरटी-पीसीआर जांच के लिए तैयार नहीं हुए। हालांकि, अखाड़ों सहित कुंभ क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर जांच और टीकाकरण अभियान में अब आने वाले दिनों में तेजी आने की संभावना है।


टीका उत्सव के दौरान 1.28 करोड़ टीके लगे

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि चार दिवसीय ‘टीका उत्सव’ के दौरान 1,28,98,314 टीके लगाए गए। उत्सव के दौरान 11 अप्रैल को 29,33,418 और 12 अप्रैल को 40,04,521 टीके लगे। इसी तरह, 13 अप्रैल को 26,46,528 और 14 अप्रैल को 33,13,848 टीके लगाए गए।

मंत्रालय ने कहा कि तीन राज्यों में अब तक एक करोड़ से अधिक टीके लगाए गए हैं। इनमें महाराष्ट्र (1,11,19,018), राजस्थान (1,02,15,471) और उत्तर प्रदेश (1,00,17,650) शामिल हैं। भारत में संवेदनशील वर्ग के लोगों को कोरोनारोधी टीके लगाने के लिए प्रयास तेज किए गए हैं। मंत्रालय ने कहा कि ‘टीका उत्सव’ के दौरान निजी और सार्वजनिक कार्यस्थलों पर कई कार्यस्थल टीकाकरण केंद्र (सीवीसी) संचालित किए गए। टीका उत्सव के दौरान एक दिन में औसतन 45 हजार केंद्रों का संचालन किया गया। पहले दिन 63,800, दूसरे दिन 71,000, तीसरे दिन 67,893 और चौथे दिन 69,974 केंद्र संचालित किए गए। उत्सव के पहले दिन रविवार को रात आठ बजे तक 27 लाख से अधिक टीके लगाए गए।

विदेशी टीकों को तीन
दिन में मिलेगी मंजूरी

सरकार ने गुरुवार को कहा कि भारत का औषधि नियामक विदेश में बने टीकों के सीमित आपात इस्तेमाल के लिए आवेदन मिलने के तीन दिन के भीतर इस पर फैसला कर लेगा। भारत के औषधि महानियंत्रक के नेतृत्व वाला केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) आपातस्थिति में सीमित इस्तेमाल के वास्ते मंजूरी के लिए पंजीकरण प्रमाणपत्रों और आयात लाइसेंस के लिए आवेदन दिए जाने से तीन कामकाजी दिन के भीतर इस पर विचार करेगा।

सरकार ने मंगलवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन या अमेरिका, यूरोप, ब्रिटेन या जापान में नियामकों की मंजूरी प्राप्त कोरोना विषाणु के सभी टीकों को तुरंत मंजूरी देने के फैसला किया था। इसके बाद सीडीएससीओ ने नियामकीय मंजूरी को लेकर विस्तृत निर्देश जारी किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को विदेश में बने टीके के लिए नियामकीय निर्देश जारी किया। इसके मुताबिक, केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने विस्तृत दिशा-निर्देश तैयार किया है जिसमें विदेश में मंजूर टीकों को लेकर जानकारी दी गई है। मंत्रालय ने कहा कि इस फैसले से भारत में विदेशी टीकों की पहुंच हो सकेगी व थोक में दवा सामग्री के आयात और टीका निर्माण क्षमता को प्रोत्साहन मिलेगा व देश के भीतर टीके की उपलब्धता बढ़ेगी।

मंत्रालय ने कहा कि आपातस्थिति में सीमित इस्तेमाल के लिए मंजूरी को लेकर आवेदन सीडीएससीओ में दिए जा सकते हैं। आवेदनकर्ता को अपनी भारतीय सहायक कंपनी या अधिकृत एजंट के जरिए आवेदन देना होगा। मंत्रालय ने कहा कि सीडीएससीओ आपात स्थिति में (टीके के) इस्तेमाल के लिए ऐसे आवेदनों पर गौर करेगा और डीसीजीआइ इस पर विचार करेंगे और आवेदन देने के तीन कामकाजी दिन के भीतर इस पर फैसला होगा। डीसीजीआइ राष्ट्रीय कोरोना टीकाकरण कार्यक्रम के तहत निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने की शर्त के साथ टीके को आपातस्थिति में सीमित इस्तेमाल की अनुमति देगा।

ऐसे टीके की खुराक के पहले 100 लाभार्थियों पर सुरक्षा के लिए सात दिनों तक नजर रखी जाएगी और इसके बाद टीकाकरण कार्यक्रम में इसे शामिल किया जाएगा। सरकार ने 13 अप्रैल को यूएसएफडीए, ईएमए, यूके एमएचआरए, पीडएमडीए जापान द्वारा मंजूर या डब्लूएचओ में सूचीबद्ध कोविड-19 टीकों को अनुमति देने का फैसला किया था। राष्ट्रीय कोरोना रोधी टीकाकरण कार्यक्रम के तहत इस्तेमाल के पहले तय दिशा-निर्देश के अनुसार टीके की खेप जारी करने के संबंध में सीडीएससीओ के मौजूदा नियम के अंतर्गत टीके की प्रत्येक खेप केंद्रीय औषधि प्रयोगशाला (सीडीएल), कसौली से जारी की जाएगी।

निर्देश के मुताबिक सीडीएल की मंजूरी मिलने के बाद आवेदनकर्ता सबसे पहले केवल 100 लाभार्थी को टीके की खुराक देंगे और सुरक्षा संबंधी डाटा सीडीएससीओ को जमा कराएंगे। सीडीएससीओ आवेदनकर्ता द्वारा मुहैया कराए गए सुरक्षा संबंधी आंकड़ों पर गौर करेगा और संतोषजनक पाए जाने पर टीके के इस्तेमाल की अनुमति दे दी जाएगी।

Next Stories
ये पढ़ा क्या?
X