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संक्रमण में रेकॉर्ड उछाल जारी, ऑक्सीजन की कमी से छह मरे

देश में कोरोना विषाणु संक्रमण की रोजाना की दर 12 दिन में दोगुनी होकर 16.69 फीसद हो गई है जबकि साप्ताहिक संक्रमण दर एक महीने में 13.54 फीसद तक पहुंच चुकी है।

Author नई दिल्‍ली | Updated: April 19, 2021 6:58 AM
corona vaccine, india, task force22 सदस्यों वाली इंडिया टास्क फ़ोर्स ने दावा किया कि भारत में हर महीने सिर्फ 70-80 मिलियन वैक्सीन उत्पादन करने की क्षमता है जबकि सरकार ने 150 मिलियन डोज देने का लक्ष्य रखा है।(फोटो – पीटीआई)

देश में कोरोना विषाणु संक्रमण की रोजाना की दर 12 दिन में दोगुनी होकर 16.69 फीसद हो गई है जबकि साप्ताहिक संक्रमण दर एक महीने में 13.54 फीसद तक पहुंच चुकी है। यह जानकारी रविवार को स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी। इस बीच शहडोल जिले के एक शासकीय अस्पताल में एक दर्दनाक घटना में चिकित्सकीय आॅक्सीजन आपूर्ति का दबाव कम हो जाने से कोविड-19 सेंटर के गहन चिकित्सा कक्ष (आइसीयू) वार्ड में भर्ती छह मरीजों की मौत हो गई। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के अस्पताल में चिकित्सकीय आॅक्सीजन आपूर्ति का दबाव कम हो जाने से कोरोना गहन चिकित्सा कक्ष (आइसीयू) वार्ड में भर्ती छह मरीजों की मौत हो गई।

घटना शहडोल जिला मुख्यालय से करीब दो किलोमीटर दूर स्थित शासकीय मेडिकल कॉलेज में शनिवार-रविवार की बीच रात को हुई। शासकीय मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. मिलिंद शिरालकर ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के कोविड-19 सेंटर के आइसीयू वार्ड में 62 गंभीर मरीज भर्ती थे। बीती देर रात तरल आॅक्सीजन का दबाव कम हो जाने से इन मरीजों में से छह मरीजों की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि अन्य गंभीर मरीज सुरक्षित है।

शिरालकर ने बताया कि विशेषज्ञों को बुलाया गया है और इस घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शहडोल मेडिकल कॉलेज में 10 केएलडी भंडारण क्षमता वाला आॅक्सीजन संयंत्र है। इसके लिए तरल आॅक्सीजन बाहर के राज्यों से आती है क्योंकि मध्य प्रदेश में इसका उत्पादन नहीं होता। शिरालकर ने बताया कि शनिवार देर शाम तक आॅक्सीजन खत्म हो रही थी, इसलिए तरल आॅक्सीजन प्रदान करने वाली संस्था से लगातार संपर्क किया जा रहा था, लेकिन वाहन देर रात तक तरल आॅक्सीजन लेकर नहीं पहुंचा, जिसके चलते मरीजों को दी जाने वाली आॅक्सीजन का दबाव कम हो गया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिन से आॅक्सीजन की कमी की समस्या पैदा हो गई है।

इस बीच, मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली प्रदेश की भाजपा नीत सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अब शहडोल में आॅक्सीजन की कमी से लोगों की मौत होने की बेहद दुखद खबर। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, सागर, जबलपुर, खंडवा और खरगोन में आॅक्सीजन की कमी से लोगों की मौत होने के बाद भी सरकार नहीं जागी। आखिर कब तक प्रदेश में आॅक्सीजन की कमी से यूं ही मौत होती रहेंगी? उन्होंने कहा कि शिवराज जी आप कब तक आॅक्सीजन की आपूर्ति को लेकर गलत आंकड़े परोसकर झूठ बोलते रहेंगे। जनता रूपी भगवान रोज दम तोड़ रहा है।

प्रदेश भर में यही स्थिति है और अधिकांश जगह आॅक्सीजन का भीषण संकट है। उधर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक देश में दस राज्यों में कोरोना के नए मामलों में से 78.56 फीसद मामले दर्ज किए गए। इनमें महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, केरल, गुजरात, तमिलनाडु और राजस्थान शामिल हैं। मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि रोजाना संक्रमण की दर पिछले 12 दिनों में आठ फीसद से बढ़कर 16.69 फीसद हो गई है। राष्ट्रीय साप्ताहिक संक्रमण दर 3.05 फीसद से बढ़कर 13.54 फीसद हो गई है। मंत्रालय के मुताबिक छत्तीसगढ़ में सबसे अधिक साप्ताहिक संक्रमण दर 30.38 फीसद है, जिसके बाद गोवा में 24.24 फीसद, महाराष्ट्र में 24.17 फीसद, राजस्थान में 23.33 फीसद और मध्य प्रदेश में 18.99 फीसद है।

देश में उपचार करा रहे रोगियों की संख्या 18,01,316 हो गई है, जो कुल संक्रमण का 12.18 फीसद है। पांच राज्यों (महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और केरल) में भारत के कुल उपचाराधीन मरीजों के 65.02 फीसद हैं। मंत्रालय ने कहा कि 1,38,423 और लोगों के संक्रमण से उबरने के बाद बीमारी से ठीक हो चुके लोगों की संख्या 1,28,09,643 हो गई है। नौ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में कोरोना से एक भी व्यक्ति के मरने की खबर नहीं है। इन राज्यों में दादरा नागर हवेली और दमन दीव, मेघालय, त्रिपुरा, सिक्किम, मिजोरम, मणिपुर, लक्षद्वीप, नगालैंड और अरुणाचल प्रदेश शामिल हैं।

शनिवार को दुनिया में कोरोना के कुल मामलों में एक तिहाई भारत के

देश में एक दिन में कोरोना विषाणु संक्रमण के 2,61,500 नए मामले सामने आने के साथ संक्रमितों की कुल संख्या 1,47,88,109 तक पहुंच गई। वहीं, 1,501 और संक्रमितों की मौत होने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,77,150 पर हो गई है। शनिवार को दुनिया में कोरोना के कुल आए मामलों में एक तिहाई भारत में दर्ज किए गए। दुनिया में 7,83,709 नए मामले दर्ज किए गए।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से रविवार सुबह आठ बजे जारी आंकड़ों के मुताबिक उपचाराधीन मामले 18 लाख से अधिक हो गए हैं। संक्रमण के मामलों में लगातार 39वें दिन वृद्धि हुई है। देश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 18,01,316 हो गई है जो संक्रमण के कुल मामलों का 12.18 फीसद है जबकि संक्रमित लोगों के स्वस्थ होने की दर गिरकर 86.62 फीसद रह गई है। आंकड़ों के मुताबिक इस बीमारी से स्वस्थ होने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 1,28,09,643 हो गई है और मृत्यु दर गिरकर 1.20 फीसद हो गई है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) के मुताबिक 17 अप्रैल तक 26,65,38,416 नमूनों की जांच की जा चुकी है जिनमें से 15,66,394 नमूनों की जांच शनिवार को की गई।

चौबीस घंटे में जिन 1,501 संक्रमितों की मौत हुई उनमें 419 महाराष्ट्र से, 167 दिल्ली से, 158 छत्तीसगढ़ से, 120 उत्तर प्रदेश से, 97 गुजरात से, 80 कर्नाटक से, 66 मध्य प्रदेश से, 62 पंजाब से और 39 संक्रमित तमिलनाडु से थे। संक्रमण की वजह से राजस्थान व उत्तराखंड में 37-37 लोगों की मौत हुई, बिहार व पश्चिम बंगाल में 34 -34 की, हरियाणा में 32 की, झारखंड में 30 की, केरल में 27 की, तेलंगाना व आंध्र प्रदेश में 15-15 संक्रमितों की और हिमाचल प्रदेश में 12 लोगों की मौत हुई। मंत्रालय की ओर से बताया गया कि कोरोना संक्रमण के कारण मरने वाले कुल 1,77,150 लोगों में से 59,970 महाराष्ट्र से थे, 13,270 कर्नाटक से, 13,071 तमिलनाडु से, 11,960 दिल्ली से, 10,540 पश्चिम बंगाल से, 9,703 उत्तर प्रदेश से, 7,834 पंजाब से और 7,388 आंध्र प्रदेश से थे।


इंजीनियरिंग की संयुक्त प्रवेश परीक्षा स्थगित

केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने रविवार को बताया कि 27 से 30 अप्रैल के बीच होने वाली इंजीनियरिंग की संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) मुख्य, को कोरोना विषाणु संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर स्थगित कर दिया गया है। निशंक ने ट्वीट किया कि कोरोना के मौजूदा हालात के मद्देनजर, मैंने राष्ट्रीय परीक्षा एजंसी (एनटीए) के महानिदेशक को जेईई (मुख्य)- अप्रैल सत्र स्थगित करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि मैं यह दोहराना चाहता हूं कि हमारे विद्यार्थियों की सुरक्षा और उनका अकादमिक करियर बचाना मेरी और शिक्षा मंत्रालय की प्राथमिकता है।

एनटीए के आधिकारिक आदेश में कहा गया है कि कोरोना संबंधी मौजूदा हालात और परीक्षार्थियों व परीक्षा संबंधी पदाधिकारियों की सुरक्षा व कुशलता को ध्यान में रखते हुए जेईई-(मुख्य) अप्रैल सत्र को स्थगित करने का फैसला किया गया है। आदेश में कहा गया कि संशोधित तारीखों की घोषणा बाद में और परीक्षा से कम से कम 15 दिन पहले की जाएगी। इस साल से विद्यार्थियों की सुविधा के लिए यह प्रवेश परीक्षा साल में चार बार आयोजित की जा रही है। विद्यार्थियों को अपना स्कोर बेहतर करने के और मौके मिल सकेंगे। इसके तहत पहला सत्र फरवरी में आयोजित किया गया था और मार्च में दूसरा सत्र। अगला सत्र अप्रैल व मई में आयोजित होना था। पहले सत्र में 6.2 लाख उम्मीदवार उपस्थित हुए थे जबकि परीक्षा के दूसरे सत्र मे 5.5 लाख छात्र बैठे थे । इस सप्ताह सीबीएसई ने दसवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा को रद्द कर दिया था जबकि बारहवीं कक्षा की परीक्षा को स्थगित कर दिया था। इसी तरह सीआइएससीई व कई राज्यों के बोर्ड ने या तो परीक्षा रद्द कर दी या स्थगित की हैं।

बिहार में रात्रि कर्फ्यू का फैसला, स्कूल-कॉलेज 15 मई तक बंद

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को कहा कि राज्य में रात्रि नौ बजे से सुबह पांच बजे तक रात्रिकर्फ्यू लगाने, स्कूलों और कॉलेजों को 15 मई तक बंद रखे जाने का निर्णय लिए जाने के साथ आवश्यकतानुसार धारा 144 लागू करने की जिला प्रशासन को अधिकार दे दिया गया है। कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम सभी जिलाधिकारियों के साथ बैठक के बाद नीतीश ने पत्रकारों से कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है और रविवार को कुछ देर पहले प्राप्त आंकडे के मुताबिक रविवार को एक दिन में 8690 नए मामले सामने आए। उनके अनुसार पिछले वर्ष सर्वाधिक जितने मामले सामने आए थे उस आंकडे पर कल ही हमलोग पहुंच गए थे और आगे बढते चले जा रहे हैं ।

उन्होंने कहा, ‘प्राप्त फीडबैक के आलोक में अब पूरे प्रदेश में प्रतिदिन रात्रि नौ बजे से सुबह पांच बजे तक रात्रिकर्फ्यू लगाने का निर्णय लिया गया है। स्कूलों, कालेजों व अन्य शिक्षण संस्थानों को अब 15 मई तक बंद रखा जाएगा। इस अवधि में किसी प्रकार की शैक्षणिक परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी। नौकरी से संबंधित परीक्षाओं के बारे में आगे हालात के अनुसार निर्णय लिया जाएगा। सभी सिनेमा हाल, माल, कलब, जिम, पार्क व उद्यान 15 मई तक पूरी तरह से बंद कर दिये जाएंगे। सभी दुकान, प्रतिष्ठान, फल-सब्जी की मंडी व मांस एवं मछली की दुकानें अब शाम सात बजे के बजाए छह बजे तक ही खुले रहेंगे।

रेस्टोरेंट, ढाबा व भोजनालय में बैठकर खाना प्रतिबंधित रहेगा परंतु होम डिलीवरी नौ रात्रि तक जारी रहेगा। सभी धार्मिक स्थान अब 30 अप्रैल के बजाय 15 मई तक बंद रहेंगे।’ उन्होंने कहा, ‘सार्वजनिक स्थलों पर किसी प्रकार के आयोजन सरकारी अथवा निजी पर रोक रहेगी लेकिन दफन, दाह संस्कार, पूजा, श्राद्ध, विवाह पर यह लागू नहीं होगा। दफन अथवा दाह संस्कार में अब 50 के बजाए 25 लोगों, शादी-विवाह में 200 के बजाए 100 व्यक्तियों को अनुमति देने का निर्णय लिया गया है।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा आवश्यकतानुसार नगर क्षेत्रों एवं प्रखंड मुख्यालयों में धारा 144 का लगाकर अनावश्यक भीड को नियंत्रित करने के लिए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि आवश्यक सेवाओं से जुड़े कार्यालयों को छोडकर बाकी सरकारी व अन्य कार्यालय अब शाम छह बजे के बजाए पांच बजे तक ही खुले रहेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए ग्रामीण और शहरी इलाके में निषिद्ध क्षेत्र बनाये जाने का निर्णय लिया गया है।उन्होंने कहा कि जो लोग भी बाहर हैं, उन्हें यदि वहां दिक्कत हो रही है तो उनसे आग्रह है कि जितना जल्द हो सके वे अपने लौट आएं और हमलोगों की तरफ जो भी सहयोग संभव होगा वह सब हम करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कहा कि आज की बैठक में अनुमंडल स्तर पर एकांतवास केंद्र बनाने का निर्णय लिया गया है ताकि बाहर से आने घरों में एकांतवास में नहीं रहें। उन्होंने कहा कि पंचायती राज और नगर विकास विभाग के द्वारा हर परिवार को मास्क उपलब्ध कराया जाएगा । मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्साकर्मियों को पिछले साल की भांति इसबार भी एक माह का अतिरिक्त वेतन दिया जाएगा ।

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