ताज़ा खबर
 

संपादकीयः रसूख का नशा

राजधानी दिल्ली में रविवार रात एक पांच सितारा होटल में एक युवक ने जिस तरह सरेआम पिस्तौल लहरा कर वहां मौजूद लोगों के बीच आतंक पैदा करने की कोशिश की, वह इस बात का उदाहरण है कि ताकत का दंभ होने पर कैसे कोई व्यक्ति बेलगाम अपराधियों जैसा बर्ताव करने लगता है।

Author Published on: October 17, 2018 1:45 AM
न तो पीड़ित और न होटल की ओर से कानूनी कार्रवाई के लिए पहल की गई। सवाल है कि क्या ऐसा किसी डर की वजह से किया गया या फिर आरोपी युवक के राजनीतिक रसूख के प्रभाव में?

राजधानी दिल्ली में रविवार रात एक पांच सितारा होटल में एक युवक ने जिस तरह सरेआम पिस्तौल लहरा कर वहां मौजूद लोगों के बीच आतंक पैदा करने की कोशिश की, वह इस बात का उदाहरण है कि ताकत का दंभ होने पर कैसे कोई व्यक्ति बेलगाम अपराधियों जैसा बर्ताव करने लगता है। वायरल हुए एक वीडियो से यह सामने आया कि बहुजन समाज पार्टी के पूर्व सांसद राकेश पांडेय का बेटा आशीष पांडेय दिल्ली के पांच सितारा होटल में गया था और महिला टॉयलेट में घुस गया। जब वहां एक महिला ने आपत्ति जताई तो उसने पिस्तौल लहराते हुए उसे जान से मार डालने की धमकी दी। हैरानी की बात यह है कि वहां मौजूद होटल के सुरक्षाकर्मियों ने उसे काबू में करने की कोई कोशिश नहीं की। यह संभव है कि युवक के सिर पर अपने पिता की राजनीतिक हैसियत और छत्रछाया का गुमान रहा हो और उसने इस तरह की अराजक हरकत की। लेकिन इस दौरान जहां सबसे पहले होटल के प्रबंधन को तुरंत पुलिस को बुलाना चाहिए था, वहीं घटना के बाद भी उसकी ओर से शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। बाद में जब टीवी चैनलों पर यह वीडियो दिखाया जाने लगा, तब होटल प्रबंधन ने पुलिस में शिकायत दी। जिस महिला को आशीष पांडेय ने पिस्तौल लहराते हुए धमकी दी, उसने भी शायद डर की वजह से पुलिस में मामला दर्ज कराना जरूरी नहीं समझा।

जाहिर है, एक तरह से यह बहुस्तरीय लापरवाही का मामला है। आरोपी को इस बात की कोई परवाह नहीं थी कि उसने जो किया है, वह गैरकानूनी है। दूसरी ओर, न तो पीड़ित और न होटल की ओर से कानूनी कार्रवाई के लिए पहल की गई। सवाल है कि क्या ऐसा किसी डर की वजह से किया गया या फिर आरोपी युवक के राजनीतिक रसूख के प्रभाव में? ऐसे में होटल में जाने वाले बाकी लोगों की सुरक्षा की क्या गारंटी है? क्या होटल प्रबंधन की ओर से वहां जाने वाले लोगों को पिस्तौल या दूसरे हथियार ले जाने की छूट मिली हुई है? अगर नहीं, तो युवक पिस्तौल लेकर कैसे भीतर चला गया? पांच सितारा होटलों में आमतौर पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने का दावा किया जाता है। लेकिन ताजा घटना से यही लगता है कि ऐसी जगहें भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं।

यों राजनीति में एक खास कद हासिल कर लेने के बाद खुद को सर्वेसर्वा समझ लेने के दंभ में जीते लोगों की बेलगाम हरकतें अक्सर सामने आती रहती हैं। दरअसल, रसूख का नशा जब सिर चढ़ कर बोलने लगता है, तो बाकी लोगों की सुविधा-असुविधा तो दूर, नियम-कायदों या कानून तक का खयाल रख पाना जरूरी नहीं लगता है। इसके पीछे शायद इस बात का भरोसा होता है कि अगर गैरकानूनी या किसी भी आपराधिक वारदात को अंजाम दिया जाए तो भी कुछ खास नहीं बिगड़ेगा। ऐसा होता भी देखा गया है कि अगर किसी राजनीतिक का बेटा या फिर कोई संबंधी या जानकार किसी गलत काम में कानून के शिकंजे में आता है तो उसे आजाद कराने या राहत दिलाने के लिए पूरा जोर लगा दिया जाता है और कई बार कानूनी कार्रवाई इससे प्रभावित भी हो जाती है! ताजा घटना में भी गलत होने के बावजूद युवक के भीतर पिस्तौल लहराते हुए धमकी देने के दुस्साहस के पीछे शायद यही दंभ काम कर रहा होगा कि उसके पिता ऊंची राजनीतिक हैसियत वाले हैं, इसलिए उसका कुछ नहीं बिगड़ेगा। अब यह पुलिस पर निर्भर है कि वह इस मामले में क्या कार्रवाई करती है, ताकि रसूख के दंभ में जीते ऐसे लोगों को सबक मिल सके।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 संपादकीयः जड़ता की जाति
2 संपादकीयः संकट और समाधान
3 संपादकीयः खतरे की उड़ान
जस्‍ट नाउ
X