रेल सेवा आम लोगों के लिए जीवन रेखा मानी जाती है, मगर यह सुविधा कई बार यात्रियों की जान पर भारी पड़ जाती है। सरकार की ओर से देश के रेल सेवा तंत्र को विश्वस्तरीय बनाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी सच्चाई यह है कि कब और कहां रेल हादसा हो जाए, इसकी आशंका हमेशा बनी रहती है। पिछले दो दिन में तीन रेल हादसों ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता को और गहरा कर दिया है।

बिहार के सासाराम में सोमवार को प्लेटफॉर्म पर खड़ी एक यात्री रेलगाड़ी में आग लग गई, जिससे एक डिब्बा पूरी तरह जल गया। दूसरा हादसा उत्तराखंड में ऋषिकेश के योगनगरी रेलवे स्टेशन पर रात को हुआ, जब ट्रैक बदलते समय उज्जैनी एक्सप्रेस पटरी से उतर गई। इससे पहले रविवार को मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में राजधानी एक्सप्रेस के एक डिब्बे में आग लगने की घटना सामने आई थी। गनीमत रही कि इन तीनों हादसों में कोई जनहानि नहीं हुई। मगर सवाल है कि इस तरह के हादसों से सबक लेकर हर स्तर पर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए जाने को लेकर गंभीरता आखिर नदारद क्यों है?

यह विचित्र विडंबना है कि एक ओर सुरक्षित सफर के लिए रेल सेवाओं को आधुनिक तकनीक से लैस करने पर जोर दिया जा रहा है, तो दूसरी तरफ बुनियादी सुरक्षा उपाय विभागीय अनदेखी की वजह से कमजोर पड़ते जा रहे हैं। खबरों के मुताबिक, सासाराम में रेलगाड़ी की एक बोगी में आग की घटना के समय स्टेशन पर अग्निशमन की माकूल व्यवस्था नहीं थी। न तो वहां रेलगाड़ी में पानी भरने के लिए बिछाई गई पाइपलाइन से तत्काल पानी उपलब्ध हो पाया और न ही स्टेशन पर रखे गए अग्निशमन सिलेंडरों में गैस थी। आग कैसे लगी, इसका भी कोई स्पष्ट कारण अभी तक सामने नहीं आया है।

यह बात छिपी नहीं है कि इस तरह के रेल हादसों में नाममात्र की कार्रवाई होती है और बाद में जांच के नतीजे भी सार्वजनिक नहीं किए जाते हैं। कहने को रेलवे बोर्ड के लिए यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है, लेकिन व्यवस्थागत खामियों को जब तक दुरुस्त नहीं किया जाएगा और हर स्तर पर जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक सुरक्षित सफर की उम्मीद धुंधली ही रहेगी।

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उत्तराखंड के ऋषिकेश में सोमवार रात उज्जैन एक्सप्रेस हादसे का शिकार हो गई। योग नगरी रेलवे स्टेशन के पास खांड गांव क्षेत्र में रात करीब 9:30 बजे ट्रेन के तीन डिब्बे पटरी से उतर गए। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय ट्रेन में कोई यात्री सवार नहीं था। शुरुआती जांच में ब्रेक फेल होने की आशंका जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि ट्रेन की नियमित मेंटेनेंस के दौरान यह हादसा हुआ। दुर्घटना के बाद पूरे ट्रेन के मूवमेंट को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिक