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संपादकीयः सुविधा का पासपोर्ट

विदेश यात्रा के लिए पासपोर्ट एक अहम दस्तावेज है। यह किसी व्यक्ति के संबंधित देश की नागरिकता और उसकी पुख्ता पहचान का आधिकारिक प्रमाण-पत्र है। इसलिए इसे बनाने में खासी सावधानी बरती जाती है।

Author June 28, 2018 3:13 AM
ऐप के जरिए पासपोर्ट बनवाने की सुविधा उपलब्ध होने से लोगों का श्रम और पैसा बचेगा, बिचौलियों के अवैध धंधे पर विराम लगेगा और इस तरह कुछ हद तक नकली पासपोर्ट बनवाने वालों की भी पहचान हो सकेगी।

विदेश यात्रा के लिए पासपोर्ट एक अहम दस्तावेज है। यह किसी व्यक्ति के संबंधित देश की नागरिकता और उसकी पुख्ता पहचान का आधिकारिक प्रमाण-पत्र है। इसलिए इसे बनाने में खासी सावधानी बरती जाती है। कुछ साल पहले तक सिर्फ वही लोग पासपोर्ट बनवाते थे, जिन्हें दूसरे देश में नौकरी के लिए जाना होता था या कारोबार की वजह से विदेश यात्रा करनी होती थी। पर अब दुनिया सिमटती गई है। बहुत सारे लोग सिर्फ नौकरी-पेशा की वजह से नहीं, बल्कि सैर-सपाटे के लिए भी विदेश यात्राएं करने लगे हैं। इसलिए अब सामान्य लोग भी पासपोर्ट बनवाने लगे हैं। मगर पासपोर्ट संबंधी नियम-कायदे पेचीदा होने, पासपोर्ट केंद्रों की संख्या सीमित होने और आमतौर पर शहरों में होने की वजह से बहुत सारे लोगों के लिए पासपोर्ट बनवाना मुश्किल काम होता था। ऐसे में कुछ बिचौलिए लोगों से मनमानी रकम वसूल कर यह काम करा दिया करते थे। इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए विदेश मंत्रालय ने मोबाइल ऐप के जरिए पासपोर्ट बनवाने की सुविधा शुरू की है। निस्संदेह इससे न सिर्फ दूर-दराज गांवों में रहने वाले लोगों को आसानी होगी, बल्कि पासपोर्ट केंद्र के दफ्तर में घंटों कतार में खड़े होने और कई दिन तक चक्कर काटने की मुश्किलों से भी निजात मिलेगी।

आजकल मोबाइल फोन की पहुंच अधिसंख्य आबादी तक हो चुकी है। इसलिए अनेक सरकारी, गैर-सरकारी, व्यावसायिक सेवाएं और सुविधाएं ऐप और इंटरनेट पर आधारित हो गई हैं। ऐसे में ऐप के जरिए पासपोर्ट बनवाने की सुविधा उपलब्ध होने से लोगों का श्रम और पैसा बचेगा, बिचौलियों के अवैध धंधे पर विराम लगेगा और इस तरह कुछ हद तक नकली पासपोर्ट बनवाने वालों की भी पहचान हो सकेगी। केंद्र सरकार का डिजिटल यानी बिना कागज-पत्र के कामकाज को बढ़ावा देने पर जोर है। इसके तहत अनेक कामों के जटिल नियम-कायदों में बदलाव किए गए हैं। पासपोर्ट बनवाने के मामले में भी कई पेचीदगियों को दूर कर दिया गया है। जन्म प्रमाण-पत्र और विवाह प्रमाण-पत्र जैसे दस्तावेजों की जरूरत लगभग समाप्त कर दी गई है। इसी तरह पुलिस सत्यापन को भी आसान कर दिया गया है। अब उसी क्षेत्र की पुलिस सत्यापन करेगी, जहां से व्यक्ति ने आवेदन किया है। इसमें ऐप के जरिए पते-ठिकाने की पहचान और निशानदेही हो सकेगी। पहले लोगों को उसी क्षेत्र के अधिकृत पासपोर्ट केंद्र पर आवेदन करना पड़ता था, जहां के वे निवासी हैं। पर अब लोग देश के किसी भी हिस्से से पासपोर्ट के लिए आवेदन कर और बनवा सकते हैं।

यों शहरी क्षेत्रों में पासपोर्ट बनवाने के लिए बढ़ती भीड़ को देखते हुए सरकार ने कुछ निजी कंपनियों को भी यह काम सौंपा है, जो आनलाइन आवेदन स्वीकार करती और लोगों की सुविधा के मुताबिक दिन और समय देकर जरूरी दस्तावेजों की जांच करने, फोटो खिंचवाने को बुलाती हैं। पर उससे भी लोगों को बहुत राहत नहीं मिल पाई है। उन्हें घर से दूर जाना ही पड़ता है। ऐप के जरिए यह प्रक्रिया शुरू होगी, तो लोगों को पासपोर्ट केंद्र जाने की झंझट से मुक्ति मिलेगी। अब चूंकि आधार नंबर के जरिए व्यक्तियों की पहचान बहुत आसान हो गई है, इसलिए ऐप के माध्यम से लोगों के जाली पासपोर्ट बनवाने की आशंका भी काफी हद तक नहीं रहेगी। आज जब ज्यादातर दफ्तरों के कामकाज डिजिटल माध्यमों पर निर्भर होते गए हैं, पासपोर्ट बनवाने के लिए लोगों को खिड़की-दर-खिड़की भटकाने का कोई औचित्य नहीं रह गया था।

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