अपने पराए

संसद के शीतकालीन सत्र का समापन होते ही भाजपा ने दरभंगा से अपने लोकसभा सदस्य कीर्ति आजाद को पार्टी से निलंबित कर दिया। पर इससे वह ‘मैच’ समाप्त नहीं हो जाता..

Author नई दिल्ली | Updated: December 25, 2015 1:08 AM
भाजपा सदस्य कीर्ति आजाद

संसद के शीतकालीन सत्र का समापन होते ही भाजपा ने दरभंगा से अपने लोकसभा सदस्य कीर्ति आजाद को पार्टी से निलंबित कर दिया। पर इससे वह ‘मैच’ समाप्त नहीं हो जाता, जो डीडीसीए यानी दिल्ली एवं जिला क्रिकेट एसोसिएशन में कथित अनियमितता के आरोपों को लेकर शुरू हुआ है। यही नहीं, यह निलंबन पार्टी की भीतरी दरार को और चौड़ा कर सकता है। आजाद के निलंबन के दूसरे दिन लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, यशवंत सिन्हा और शांता कुमार की बैठक यही संकेत देती है। यह कई बार जाहिर हो चुका है कि पार्टी के ‘मार्गदर्शक मंडल’ में गिने जाने वाले ये चारों बुजुर्ग नेता पार्टी में खुद को दरकिनार कर दिए जाने से नाराज हैं। बिहार चुनाव में भाजपा की हार की वास्तविक समीक्षा करने और जवाबदेही तय करने की मांग उठा कर वे कुछ समय पहले पार्टी के भीतर हलचल मचा चुके हैं।

कीर्ति आजाद के निलंबन पर अभी इन नेताओं ने स्पष्ट रूप से भले कुछ न कहा हो, पर उनकी बैठक यह संकेत जरूर देती है कि पार्टी के भीतर सब कुछ सामान्य नहीं है। निलंबन के जरिए पार्टी-नेतृत्व ने यह जताना चाहा है कि अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अन्य असंतुष्टों के लिए यह चेतावनी भी है। पर क्या इसका वैसा असर हुआ है? कीर्ति आजाद ने डीडीसीए मामले की तेजी से जांच कराने के मकसद से याचिका दाखिल करने का इरादा जताया है। साथ ही प्रधानमंत्री से गुजारिश की है कि वे जेटली पर लगे आरोपों की जांच कराएं। वहीं कई बार भाजपा को असहज स्थिति में डाल चुके पार्टी के एक अन्य सांसद शत्रुघ्न सिन्हा फिर खम ठोंक कर खड़े हैं। उन्होंने कीर्ति आजाद को हीरो कहा और पार्टी नेतृत्व को चेताया कि वह किसी के दबाव में कोई कार्रवाई न करे। कीर्ति आजाद को सुब्रमण्यम स्वामी का भी साथ मिला है। अगर शत्रुघ्न सिन्हा की तरह आरके सिंह और भोला सिंह जैसे बिहार के कुछ और असंतुष्ट भाजपा सांसद भी मुखर हो गए, तो पार्टी किस-किस के खिलाफ कार्रवाई करेगी?

हो सकता है पार्टी के भीतर कई लोग जेटली से हिसाब चुकता करना चाहते हों, कुछ की दिलचस्पी अमित शाह की परेशानी बढ़ाने में हो सकती है। पर कीर्ति आजाद के खुलासे को केवल अनुशासनहीनता करार देकर क्या पार्टी-नेतृत्व डीडीसीए मामले से पल्ला झाड़ सकता है? लोकसभा चुनाव में भाजपा ने भ्रष्टाचार के खात्मे को बड़ा मुद््दा बनाया था। पर आज वह वही भाषा बोल रही है जो कांग्रेस बोलती थी। कीर्ति आजाद के खिलाफ उनकी भाभी नंदिनी आजाद ने कुछ दस्तावेज भाजपा नेताओं को सौंपने की पेशकश की है। जाहिर है, झगड़ा भाजपा के भीतर ही नहीं, कीर्ति आजाद के कुल में भी है। अगर नंदिनी आजाद कोई सच्चाई दुनिया को बताना चाहती हैं, तो जरूर बताएं। पर अब तक वे चुप्पी क्यों साधे हुए थीं?

क्या कीर्ति आजाद को डरा कर जेटली को बचाने की तरकीब खोजी जा रही है? हॉकी इंडिया लीग के प्रमुख और पंजाब के पूर्व पुलिस महानिदेशक केपीएस गिल के दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को लिखे पत्र से जेटली के खिलाफ एक और मामला खुल सकता है, और वह है हॉकी इंडिया से जुड़ा हुआ। गिल का आरोप है कि हॉकी इंडिया के जरिए अरुण जेटली की बेटी को बेजा फायदा पहुंचाया गया था। पार्टी अध्यक्ष जेटली के साथ हैं, प्रधानमंत्री भी उनके प्रति सहानुभूति दिखा चुके हैं। मगर जेटली का बचाव करना शायद आसान नहीं होगा, जैसा कि पार्टी समझती है।

Next Stories
1 अदालत में हत्या
2 नाबालिग की उम्र
3 हादसों की उड़ान
ये पढ़ा क्या?
X