Jansatta Editorial: आधुनिक दौर में विज्ञान और तकनीक की मदद से पृथ्वी से लेकर अंतरिक्ष तक प्रगति के नए आयाम गढ़े जा रहे हैं। मगर समाज का एक हिस्सा अब भी अंधविश्वास के अंधकार से बाहर नहीं निकल पा रहा है। इस तरह की सोच जहां व्यक्तिगत जीवन में परेशानियों के द्वार खुले रखती है, वहीं कई बार यह हिंसा का कारण भी बनती है।
खासकर जादू-टोने के अंधविश्वास में नियम-कानूनों को ताक पर रखकर निर्दोष लोगों की हत्या कर देने या सार्वजनिक तौर पर किसी को अपमानित करने या फिर भीड़ हिंसा में किसी की बेरहमी से पिटाई करना आम बात हो गई है।
यों तो देश के कई हिस्सों से डायन बता कर महिलाओं की हत्या के मामले सामने आते रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ समय के दौरान झारखंड में ऐसी लगातार कई घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है। हाल ही में झारखंड के गुमला में जादू-टोना करने के संदेह में एक महिला की कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या कर दी गई।
सवाल है कि इस तरह के अंधविश्वास को खत्म करने और इससे जुड़ी हिंसा पर अंकुश लगाने के लिए सरकार से लेकर सामाजिक स्तर पर गंभीरता से प्रयास क्यों नहीं हो पा रहे हैं? इसमें दोराय नहीं कि चाहे गांव हो, या शहर हर जगह समाज के एक हिस्से में अंधविश्वास की छाया नजर आती है।
आज जब देश और दुनिया विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में कोसों आगे निकल गए हैं, तब महज अंधविश्वास की वजह से किसी के बीमार होने पर चिकित्सीय इलाज कराने के बजाय जादू-टोने का सहारा लेना किस तरह की सोच को दर्शाता है।
इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि विकास के तमाम दावों के बीच देश में सामाजिक स्तर पर वैज्ञानिक चेतना के प्रसार को लेकर शासन-प्रशासन की ओर से अब तक गंभीर प्रयास नहीं हुए हैं। जबकि देश में वैज्ञानिक दृष्टिकोण के प्रचार एवं प्रसार को प्रोत्साहित करने का दायित्व सरकार और समाज सभी पर है।
हालांकि, कुछ राज्यों में अंधविश्वास से जुड़े अपराध पर नियंत्रण पाने के लिए कानून बनाए गए हैं, लेकिन उन पर कड़ाई से अमल और लोगों में जागरूकता पैदा करने से ही इस समस्या का समाधान संभव हो सकता है।
यह भी पढ़ें: तेजस्वी यादव अगर राज्यसभा का चुनाव लड़े तो क्या जीत हासिल कर पाएंगे?

बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के राज्यसभा का चुनाव लड़ने की चर्चा तेज है। इस चर्चा के बीच ही आरजेडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने रविवार को पार्टी के संसदीय बोर्ड की बैठक बुलाई है। बिहार में राज्यसभा की कुल पांच सीटों के लिए 5 मार्च को चुनाव होगा। पढ़े पूरी खबर
