ताज़ा खबर
 

सबूत और सवाल

आखिरकार पाकिस्तान को यह स्वीकार करना ही पड़ा कि जैश ए मोहम्मद का सरगना मसूद अजहर उसके यहां रह रहा है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री महमूद कुरैशी ने सीएनएन से बातचीत के दौरान पहली बार सार्वजनिक रूप से यह कबूल किया है। वरना अब तक मसूद अजहर की मौजूदगी को लेकर पाकिस्तान झूठ बोलता रहा है। कुरैशी की यह स्वीकारोक्ति ही इस बात का प्रमाण है कि पाकिस्तान अपने यहां आतंकी संगठनों को पाले हुए है और इनका इस्तेमाल भारत के खिलाफ छद्म युद्ध में कर रहा है।

Masood Azahar, Jaish e Mohammad chief Masood Azhar, Jaish e Mohammad, Pakistani media, Pakistani Government, Balakot, Shah Mohammed Qureshi, Jammu Kashmir Pulwama CRPF Attack, CRPF attack, Pulwama Attack, India Air forceजैश-ए-मोहम्मद का चीफ मसूद अजहर। (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

आखिरकार पाकिस्तान को यह स्वीकार करना ही पड़ा कि जैश ए मोहम्मद का सरगना मसूद अजहर उसके यहां रह रहा है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री महमूद कुरैशी ने सीएनएन से बातचीत के दौरान पहली बार सार्वजनिक रूप से यह कबूल किया है। वरना अब तक मसूद अजहर की मौजूदगी को लेकर पाकिस्तान झूठ बोलता रहा है। कुरैशी की यह स्वीकारोक्ति ही इस बात का प्रमाण है कि पाकिस्तान अपने यहां आतंकी संगठनों को पाले हुए है और इनका इस्तेमाल भारत के खिलाफ छद्म युद्ध में कर रहा है। हालांकि भारत तो लंबे समय से इसके ठोस और अकाट्य प्रमाण देता रहा है, लेकिन पाकिस्तान हमेशा इन्हें खारिज करता रहा। ऐसे में अब मसूद अजहर के ठिकाने को लेकर तो कोई संदेह नहीं रह गया है। हालांकि बचते-बचते कुरैशी ने यह भी बता डाला कि मसूद इन दिनों गुर्दे की गंभीर बीमारी से जूझ रहा है और वह घर से कहीं आ-जा नहीं सकता। कुरैशी इतना सब कुछ जानते हैं तो इससे स्पष्ट है कि मसूद अजहर की पल-पल की जानकारी उनके और उनकी सरकार के पास है।

मसूद अजहर लंबे समय से भारत के लिए वांछित है। मुंबई हमले से लेकर पठानकोट, उड़ी और नगरोटा में सैन्य और नागरिक ठिकानों पर आतंकी हमलों का साजिशकर्ता जैश का सरगना मसूद अजहर ही रहा है। हाल में पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमले की जिम्मेदारी भी जैश ने ही ली। भारत पर जब-जब ये हमले हुए, जांच एजेंसियों ने पूरी जांच के बाद पुख्ता सबूत जुटाए और पाकिस्तान को सौंपे। लेकिन पाकिस्तान इन सबूतों को दूर, मसूद अजहर की अपने यहां मौजूदगी तक को मानने को तैयार नहीं था। लेकिन अब पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान जिस तरह से घिर गया है, उसी के दबाव में वह यह मानने को मजबूर हुआ कि मसूद उसके यहां है। इसलिए अब अगर पाकिस्तान वाकई शांति चाहता है तो उसे मसूद अजहर को भारत को सौंपने की दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए। मसूद अजहर भारत में आतंकी हमले करवाने के मामले में वांछित है और उस पर भारतीय कानून के मुताबिक ही कार्रवाई होगी, यह भारत की मांग है।

हालांकि पाकिस्तानी विदेश मंत्री की बात से कोई बहुत उम्मीद नहीं लगती। कुरैशी ने भारत से ऐसे ठोस और अकाट्य सबूत देने को कहा है जो जिनसे पाकिस्तान की अदालत में टिक सकें। जबकि हाल में भी भारत ने जो डॉजियर पाकिस्तान को सौंपा है उसमें मसूद अजहर से संबंधित सारे ठोस प्रमाण हैं। पाकिस्तान की मंशा मामले को सबूतों के जाल में फंसाए रखने की है। अगर भारत द्वारा दिए गए सबूतों को पाकिस्तान की अदालत खारिज कर देती है, तो क्या इससे उस पर सवालिया निशान खड़े नहीं होते? सिर्फ भारत ही नहीं अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन तक मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंधित आतंकी सूची में डालने के लिए प्रयासरत हैं। तब ऐसे में मसूद को आतंकी मानने के लिए पाकिस्तान को किस सबूत की जरूरत रह जाती है? जिसे दुनिया के ज्यादातर देश आतंकी करार दे चुके हैं, उसके बारे में पाकिस्तान का सबूत मांगना हास्यास्पद ही है। मसूद अजहर, हाफिज सईद जैसों को आतंकी मानने के लिए क्या अब किसी सबूत की जरूरत रह गई है! इमरान खान ने प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के पहले और बाद में साफ कहा था और आज भी कह रहे हैं पाकिस्तान शांति चाहता है और इसके लिए भारत एक कदम बढ़े तो वह दो कदम बढ़ने को तैयार है। तो अब मौका है जब इमरान खान पहल करें और जिन-जिन आतंकियों को भारत मांग रहा है, उन्हें भारत के हवाले करें।

Next Stories
1 दुरंगी चाल
2 कूटनीतिक हासिल
3 देश में अभिनंदन
यह पढ़ा क्या?
X