ताज़ा खबर
 

विराट उपलब्धि

भारत के क्रिकेट प्रेमियों के लिए इससे बड़ी खुशी और क्या हो सकती है कि टैस्ट क्रिकेट में पहली बार टीम इंडिया ने आस्ट्रेलिया में परचम लहराया और जीत के सपने को हकीकत में बदल डाला। सात दशक से भी ज्यादा समय से भारत के लिए आस्ट्रेलिया में टैस्ट सिरीज जीतना एक बड़ा सपना बना हुआ था।

Author January 9, 2019 3:22 AM
विराट कोहली (Source: Reuters)

भारत के क्रिकेट प्रेमियों के लिए इससे बड़ी खुशी और क्या हो सकती है कि टैस्ट क्रिकेट में पहली बार टीम इंडिया ने आस्ट्रेलिया में परचम लहराया और जीत के सपने को हकीकत में बदल डाला। सात दशक से भी ज्यादा समय से भारत के लिए आस्ट्रेलिया में टैस्ट सिरीज जीतना एक बड़ा सपना बना हुआ था। भारत ने 1947-48 में पहली बार लाला अमरनाथ की अगुआई में आस्ट्रेलिया का दौरा किया था और तब उनकी टीम का मुकाबला सर डॉन ब्रेडमैन की टीम से हुआ था। तब से भारत बारह बार ऑस्ट्रेलिया में खेला, लेकिन ऑस्ट्रेलिया को हरा कभी नहीं पाया। लेकिन इस बार विराट कोहली और उनकी टीम ने यह साबित कर दिखाया कि भले ऑस्ट्रेलिया विश्व विजेता रहा हो, पर भारत अब उससे काफी आगे निकल चुका है। यह भारत की ऐतिहासिक जीत है तो ऑस्ट्रेलिया की ऐतिहासिक हार भी। सिडनी का मैदान भारत को इकहत्तर साल बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उसके घर में पहली बार सिरीज जिताने के तौर पर याद रखा जाएगा। इस कामयाबी से भारत आठ देशों में टैस्ट सिरीज जीतने वाला इंग्लैंड के बाद दूसरा देश बन गया है।

पिछले सात दशक में कई भारतीय कप्तानों ने ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया, लेकिन सब खाली हाथ लौटे। कोई भी टीम सिरीज जीतने में कामयाब नहीं हो पाई थी। कई कप्तान सिरीज तो दूर, टैस्ट तक नहीं जीत सके थे। 1947-48 में अपने पहले दौरे में ही भारतीय टीम सारे टैस्ट हार गई थी। भारत ने ऑस्ट्रेलिया से टैस्ट क्रिकेट संबंध स्थापित होने के तीस साल बाद पहला टैस्ट जीता था और इसके इकतालीस साल बाद अब सिरीज जीती। हालांकि भारतीय कप्तान विराट कोहली खुद भी इससे पहले दो सिरीज हारने वाली टीमों का हिस्सा रहे हैं। पर खास बात यह है कि चार साल पहले विराट कोहली ने इस सिडनी क्रिकेट मैदान पर ही पहली बार कप्तानी संभाली थी और अब इस मैदान पर ही भारत को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहली बार सिरीज जिताने वाले पहले भारतीय कप्तान के साथ-साथ एशियाई कप्तान भी हो गए हैं। इसीलिए यह उनके करिअर की एक बड़ी उपलब्धि है।

दरअसल, विराट कोहली में हर अगली सिरीज में परिपक्वता आती गई है। वे ऑस्ट्रेलिया की इस सिरीज तक दुनिया के सर्वश्रेष्ठ कप्तान में बदल चुके हैं। टीम के चयन से लेकर मैदान तक पर हर फैसले में विराट का कोई जवाब नहीं है। भले किसी खिलाड़ी की असफलता को लेकर सवाल उठे हों, लेकिन कोहली करते वही हैं जो उन्हें टीम और खेल के लिए सबसे उपयुक्त लगता है। विराट कोहली के यह इतिहास रचने से पहले भारत ने ग्यारह ऑस्ट्रेलियाई दौरों पर सिर्फ तीन बार सिरीज ड्रॉ कराई थी। यह देखने को मिला है कि जब भी टीम इंडिया का तीसरे नंबर का बल्लेबाज अच्छा खेलता है तब ही उसका प्रदर्शन भी अच्छा रहता है। 2003-04 में भारत ने चार टैस्ट की सिरीज 1-1 से ड्रा खेली थीं, उस समय राहुल द्रविड़ ने 619 रन बनाए थे। इस बार चेतेश्वर पुजारा ने अपनी बल्लेबाजी की धाक जमाई और तीन शतकों से 521 रन बनाए हैं और टीम इंडिया पहली बार सिरीज जीतने में सफल हो गई है। भारत की यह विराट जीत है। टीम इंडिया की औसत उम्र अभी कोई ज्यादा नहीं है। इस जीत ने भारतीय टीम में एक नया जोश और जज्बा पैदा कर दिया है। हालांकि क्रिकेट में भारत की उपलब्धियां कोई कम नहीं हैं, लेकिन इस ऐतिहासिक टैस्ट जीत से भारतीय क्रिकेट को नई दिशा जरूर मिलेगी।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App