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संपादकीय: संबंधों का विस्तार

बांग्लादेश आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है। वहां महंगाई से पार पाना कठिन बना हुआ है। ऐसे में भारत से उसके व्यापारिक रिश्ते मजबूत होंगे, वहां बेहतरी के कुछ रास्ते खुलेंगे।

बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना भारत पहुंचीं हैं। (Express Photo: Renuka Puri)

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना चार दिन की भारत यात्रा पर हैं। शनिवार को उन्होंने हमारे प्रधानमंत्री से मुलाकात और विभिन्न मुद्दों पर बातचीत की। इस दौरान कई मसलों पर समझौते भी हुए, जिनमें शांति और सुरक्षा के क्षेत्र में दोनों देशों ने अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की। शेख हसीना की यह भारत यात्रा कई मामलों में महत्त्वपूर्ण है। एक ऐसे समय में जब भारत सरकार राष्ट्रीय नागरिक पंजी तैयार कर रही है और उसमें यहां रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के सबसे अधिक प्रभावित होने की चर्चा है, बांग्लादेशी प्रधानमंत्री का यहां आना और दोनों देशों के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण में उस मसले पर बातचीत करना उल्लेखनीय बात है। शेख हसीना ने राष्ट्रीय नागरिक पंजी पर अपनी चिंता जाहिर की, पर भारत ने उन्हें संतुष्ट किया कि सारी प्रक्रिया अदालत की निगरानी में पूरी हो रही है, इसलिए इसे लेकर ज्यादा चिंता करने की बात नहीं है। इसके अलावा दोनों नेताओं की बातचीत में रोहिंग्या शरणार्थियों का मुद्दा भी उठा और दोनों ने इस बात पर सहमति जताई कि म्यांमा के रखाइन क्षेत्र में उनकी सुरक्षित वापसी होनी चाहिए।

बांग्लादेश आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है। वहां महंगाई से पार पाना कठिन बना हुआ है। ऐसे में भारत से उसके व्यापारिक रिश्ते मजबूत होंगे, वहां बेहतरी के कुछ रास्ते खुलेंगे। शेख हसीना की इस यात्रा में पहले से चले आ रहे व्यापारिक समझौतों को बरकरार रखते हुए चटगांव और मंगला बंदरगाहों को भारतीय पोतों को माल ढुलाई के लिए खोलने पर सहमति बनी। पहले ही भारत और बांग्लादेश के बीच व्यापारिक रिश्ते काफी मजबूत हैं, इस यात्रा से उन्हें और मजबूती मिलेगी। इसके अलावा तीस्ता नदी के जल बंटवारे से संबंधित विवाद को जल्दी ही सुलझा लेने का संकल्प दोहराया गया और बांग्लादेश की फेनी नदी का पानी त्रिपुरा के सबरूम में पेयजल के लिए उपलब्ध कराने पर रजामंदी हुई। दोनों नेताओं ने पूर्वोत्तर भारत में रसोई गैस आपूर्ति संबंधी परियोजना का उद्घाटन किया। शेख हसीना की इस यात्रा में उल्लेखनीय समझौता दोनों देशों के बीच सीमाओं को सुरक्षित बनाने को लेकर है। दोनों नेताओं ने अपने सीमा प्रहरियों को सीमा पर बाड़ लगाने की प्रक्रिया के शीघ्र पूरा करने का आदेश दिया। इस तरह शेख हसीना के भारत आने से उन तमाम आशंकाओं पर विराम लगा है, जो राष्ट्रीय नागरिक पंजी को लेकर जताई जा रही थीं।

भारत इन दिनों आतंकवादी गतिविधियों पर विराम लगाने के तमाम पक्षों पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र के मंच से भी इस जरूरत को रेखांकित किया कि जब तक दुनिया के देश इस मुद्दे पर बंटे रहेंगे, तब तक इस पर काबू पाना कठिन बना रहेगा। छिपी बात नहीं है कि भारत में आतंकवादी गतिविधियों को सबसे अधिक बढ़ावा पाकिस्तान से मिल रहा है। उस पर नकेल कसने के लिए जरूरी है कि पड़ोसी देशों को भी चाकचौबंद बनाया जाए। इस लिहाज से बांग्लादेश के साथ आतंकवाद पर काबू पाने के लिए हुए समझौते महत्त्वपूर्ण हैं। तटीय निगरानी बढ़ाने के लिए बांग्लादेश से जुड़ी समुद्री सीमा में भारत करीब दो दर्जन राडार प्रणाली लगाएगा। छिपी बात नहीं है कि पाकिस्तान में पनाह पाए आतंकी संगठन बांग्लादेश की सीमा के जरिए भारत में घुसपैठ करने का प्रयास करते रहे हैं। इस तरह वहां की समुद्री सीमा पर निगरानी चौकस रखने की जरूरत है। नए समझौते से आतंकी गतिविधियों पर लगाम लगाने में काफी मदद मिलने की उम्मीद की जा सकती है।

 

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