jansatta Editorial Incident & Question, Death toll in Kochi's ship factory on Tuesday - संपादकीय: हादसा और सवाल - Jansatta
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संपादकीय: हादसा और सवाल

यह जहाज मरम्मत के लिए महीने भर से इस कारखाने में खड़ा है। ओएनजीसी इस जहाज का इस्तेमाल तेल की खुदाई में करता है। शिपयार्ड के अधिकारियों को अभी यह पता नहीं लग पाया है कि टैंकर में विस्फोट की वजह क्या थी।

Author February 14, 2018 3:23 AM
कोच्चि के जहाज कारखाने में हुए हादसे में पांच मजदूरों की मौत हो गई।(फोटो सोर्स- PTI)

कोच्चि के जहाज कारखाने में मंगलवार को हुआ जानलेवा हादसा देश में गंभीर लापरवाही की वजह से होने वाली औद्योगिक दुर्घटनाओं की ही ताजा कड़ी है। कोच्चि शिपयार्ड में यह हादसा उस वक्त हुआ जब तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) के जहाज ‘सागर भूषण’ की मरम्मत का काम चल रहा था। तभी जहाज के पानी के टैंकर में जबर्दस्त धमाका हुआ। इसमें पांच कामगारों की मौत हो गई और कई झुलस गए। हादसे के वक्त बीस मजदूर काम रहे थे। यह जहाज मरम्मत के लिए महीने भर से इस कारखाने में खड़ा है। ओएनजीसी इस जहाज का इस्तेमाल तेल की खुदाई में करता है। शिपयार्ड के अधिकारियों को अभी यह पता नहीं लग पाया है कि टैंकर में विस्फोट की वजह क्या थी। बंदरगाहों और इसके आसपास जहाजों में ऐसे हादसे पहले भी हुए हैं। इनमें जानमाल का नुकसान तो होता ही है, तेल रिसाव से समुद्र के पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचता है। पिछले साल कांडला के समुद्र तट के पास एक तेल टैंकर में आग लग गई थी। इसमें तीस हजार टन हाईस्पीड डीजल लदा था। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, हालांकि वक्त रहते भारतीय तटरक्षक बल ने चालक दल के सभी छब्बीस सदस्यों को बचा लिया था।

बड़े बंदरगाहों, जहाजों और कारखानों में होते रहने वाले इस तरह के हादसे कई सवाल खड़े करते हैं। इनमें सुरक्षा और तकनीकी खामियों से जुड़े पहलू सबसे महत्त्वपूर्ण हैं। कोच्चि शिपयार्ड की इस दुर्घटना के मूल में आखिरकार था क्या, यह तो जांच के बाद ही सामने आ पाएगा। पर एक बात जिस पर गौर किया जाना चाहिए वह यह कि सागर भूषण नाम का यह जहाज चार दशक से भी पुराना बताया जा रहा है। अगर इस जहाज का इतना पुराना होना हादसे का कारण बना हो तो यह गंभीर चिंता की बात है। इसके अलावा सागर भूषण पर हादसे के वक्त जितने भी मजदूर काम कर रहे थे, वे सब दिहाड़ी मजदूर थे। कारखाने में छुट्टी की वजह से इन्हें काम पर बुलाया गया था। ऐसे में इस सवाल से भी मुंह नहीं मोड़ा जा सकता कि आखिर इनकी सुरक्षा की जिम्मेवारी किसकी मानी जाए। इनके परिवारों की सामाजिक सुरक्षा का जिम्मा कौन उठाएगा? क्या मारे गए मजदूरों के परिवारों को वे सारे लाभ नहीं मिल पाएंगे जिन्हें पाने का एक नियमित कामगार हकदार होता है?

कोच्चि शिपयार्ड जैसे ज्यादातर हादसों में मानवीय और सुरक्षा संबंधी चूक तथा तकनीकी कारण ही ज्यादा देखने को मिलते हैं। इनमें मशीनों का पुराना पड़ जाना, जरूरत और समय के हिसाब से उनका रखरखाव न हो पाना जैसे कारण प्रमुख होते हैं। सागर भूषण जहाज का इस्तेमाल लंबे समय से हो रहा है। इसलिए हो सकता है उसमें कोई न कोई तकनीकी खामी या सुरक्षा-चूक रही होगी जो हादसे का कारण बनी हो। ऐसे कई और सवाल हैं जो इस हादसे की तह में जाने को मजबूर करते हैं। जिन दिहाड़ी मजदूरों को बुलाया गया था, क्या वे उस काम को कर पाने में सक्षम थे? जरूरी है कि इस हादसे की विस्तृत जांच हो, और उससे आगे के लिए सबक भी लिये जाएं।

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