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संपादकीय: जंगल की आग

कैलिफोर्निया के जंगलों में लगी आग ने एक बार फिर रेखांकित किया है कि कुदरत के साथ छेड़छाड़ और मनमानी से तबाही के सिवा कुछ हासिल नहीं होता। यह कैलिफोर्निया के इतिहास में अब तक की सबसे भयावह आग है।

Author Published on: November 12, 2018 2:36 AM
कैलिफोर्निया के जंगलों में लगी आग (AP Photo/Noah Berger)

कैलिफोर्निया के जंगलों में लगी आग ने एक बार फिर रेखांकित किया है कि कुदरत के साथ छेड़छाड़ और मनमानी से तबाही के सिवा कुछ हासिल नहीं होता। यह कैलिफोर्निया के इतिहास में अब तक की सबसे भयावह आग है। चार दिन पहले लगी यह आग लगातार फैलती जा रही है। वहां के जंगलात विभाग के अधिकारियों के अनुसार आग पैंतीस हजार एकड़ से अधिक इलाके में फैल चुकी है। इसकी चपेट में आकर करीब पच्चीस लोग मारे गए, बहुत सारे घर, गाड़ियां और दूसरी संपत्ति नष्ट हो गई। एक लाख से अधिक लोगों को उस इलाके से भाग कर दूसरी जगहों पर शरण लेनी पड़ी है। उत्तरी कैलिफोर्निया के अस्सी से नब्बे फीसद मकान और संपत्ति नष्ट हो चुकी है। इस आग पर काबू पाने के लिए करीब चार हजार कर्मियों को तैनात किया गया है। मगर इस आग पर काबू पाने में संसाधनों और बचाव कार्यों के मामले में सबसे संपन्न और सतर्क माने जाने वाले अमेरिका के भी पसीने छूट रहे हैं। कैलिफोर्निया में आपात स्थिति की घोषणा कर दी गई है।

आग लगने की असली वजह अभी नहीं पता चली है, पर शुष्क मौसम और तेज हवा की वजह से आग तेजी से फैल रही है। हालांकि कैलिफोर्निया के जंगलों में आग लगने की यह पहली घटना नहीं है। सितंबर में भी आग लगी थी, जुलाई में भी लगी थी, इसके पहले भी लगती रही है, पर इस बार उस पर काबू पाने में काफी मुश्किलें पेश आ रही हैं। जंगल की आग पर काबू पाना इसलिए भी आसान नहीं होता, क्योंकि वहां मैदानी और शहरी इलाकों की तरह दमकल की गाड़ियां लगा कर आग बुझाना संभव नहीं होता। हेलिकॉप्टर के जरिए आग बुझाने का प्रयास किया जाता है। पर रात के वक्त यह काम मुश्किल हो जाता है। जंगल की आग को फैलने से रोकना इसलिए भी मुश्किल होता है कि जमीन पर गिरी पेड़ों की पत्तियों से आग लगातार आगे बढ़ती रहती है। खासकर जमीन पर बिछी देवदार जैसे पेड़ों की सूखी पत्तियों में अगर एक बार आग पकड़ लेती है, तो उसे बुझाने में खासी मशक्कत करनी पड़ती है। पर अमेरिका के जिस इलाके में आग लगी है, वह सैर-सपाटे के लिहाज से काफी लोकप्रिय है। उस इलाके में कई नामचीन लोगों के घर हैं। इसलिए माना जाता है कि ऐसे इलाकों में सुरक्षा आदि का विशेष प्रबंध रहता है। फिर थोड़े-थोड़े अंतराल पर वहां आग लगने की घटनाएंहोती रहने की वजह से भी इसे लेकर सतर्कता बरतने की उम्मीद की जाती है। पर हैरानी की बात है कि अमेरिकी प्रशासन इस मामले में विफल साबित हुआ।

कई बार सूखा मौसम होने और तेज हवा चलने की वजह से घने जंगलों में पेड़ों की डालियां आपस में रगड़ने से भी आग लग जाती है। कुछ जगहों पर इस तरह की आग के पीछे जंगलों को नष्ट कर वहां रिहाइशी कॉलोनियां वगैरह बसाने या फिर लकड़ी का कारोबार करने वालों की चाल भी होती है। पर सैर-सपाटे वाली जगहों पर लोगों की लापरवाही जंगल की आग का बड़ा कारण होती है। लोग जंगलों में मौज-मस्ती के लिए आग जलाते हैं, सिगरेट आदि को जलता फेंक देते हैं और वह भयावह हादसे का कारण बनता है। हमारे यहां भी हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के जंगलों में इसी लापरवाही की वजह से कई बार आग लग चुकी है। इसलिए कैलिफोर्निया की आग एक तरह से चेतावनी है।

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