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आतंक का वित्त

एजेंसी का दावा है कि ये लोग हवाला के जरिए पाकिस्तान के आतंकी संगठनों और कुछ लोगों से हरियाणा, हिमाचल और दिल्ली के कुछ व्यापारियों के माध्यम से पैसे लेते थे।

Author July 26, 2017 05:12 am
हुर्रियत नेता मीरवाइज उमर फारूख, सैय्यद अली शाह गिलानी के साथ। (फाइल फोटो)

 

राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी ने कश्मीर घाटी में आतंकी गतिविधियां चलाने के लिए पाकिस्तान से वित्तीय मदद लेने के आरोप में सात लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों में हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के कट्टरपंथी अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी का दामाद अल्ताफ अहमद शाह उर्फ अल्ताफ फंटूश तथा हुर्रियत के मीरवाइज गुट का प्रवक्ता एयाज अकबर वगैरह शामिल हैं। एयाज के बारे में कहा जाता है कि उसके संबंध हिज्बुल-मुजाहिद्दीन के सरगठन सलाउद्दीन से हैं। एक आरोपी को दिल्ली और छह को कश्मीर घाटी में गिरफ्तार किया गया। अल्ताफ पहले से ही जम्मू-कश्मीर पुलिस की हिरासत में था। उसे पिछले दिनों एहतियातन नजरबंद कर दिया गया था। इन सभी पर देशद्रोह की धाराएं लग सकती हैं। माना जा रहा है कि इस गिरफ्तारी से कुछ बड़े नामों के पाकिस्तान से संपर्क का सुराग भी हाथ लगा है। एजेंसी का दावा है कि ये लोग हवाला के जरिए पाकिस्तान के आतंकी संगठनों और कुछ लोगों से हरियाणा, हिमाचल और दिल्ली के कुछ व्यापारियों के माध्यम से पैसे लेते थे। इस पैसे का इस्तेमाल आम कश्मीरियों और खासकर छात्रों को भड़का कर सुरक्षा बलों पर पत्थरबाजी कराने, स्कूलों और सरकारी प्रतिष्ठानों को जलाने और दूसरी तरह की क्षति पहुंचाने के लिए किया जाता था।

नब्बे के दशक के बाद पहली बार ऐसा हुआ कि किसी केंद्रीय एजेंसी को अलगाववादियों के वित्तपोषण के सिलसिले में छापेमारी करनी पड़ी। आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने में आरोपियों की संलिप्तता का खुलासा पिछले महीने एक निजी चैनल के स्टिंग आॅपरेशन में हुआ था। इसका प्रसारण होने के बाद एनआइए ने गिरफ्तार किए गए लोगों के ठिकानों पर तीन जून को श्रीनगर, दिल्ली और हरियाणा में छापे मारे थे। छापे में हार्ड डिस्क और पेन ड्राइव मिले, जिससे इन लोगों के कई विदेशी खातों की भी जानकारी मिली, जिनके जरिए कई जगहों से पैसे लिये गए थे। अरब देशों के रास्ते, अफगानिस्तान, नेपाल और श्रीलंका के जरिए पैसों का लेन-देन हुआ। नकद के साथ डिजिटल माध्यमों से भी लेन-देन हुआ है। इन देशों से हवाला का धन हरियाणा, हिमाचल, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से होते हुए कश्मीर तक पहुंचता था। कई तरह की खाताबही, दो करोड़ रुपए और लश्कर-ए-तैयबा, हिज्बुल मुजाहिद्दीन जैसे पाकिस्तान के आतंकी सगठनों के लेटरहेड भी बरामद हुए।

जांच में पाया गया कि ये लोग हिज्बुल मुजाहिद्दीन, दुख्तरान-ए-मिल्लत, लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों से पैसे लेते हैं। अलगाववादी नेता मीरवाइज की संस्था अंजुमन-ए-नुसलत उल (इस्लामिया स्कूल) को लश्कर-ए-तैयबा के मुखौटा संगठन जमात-उद-दावा से धन प्राप्त होने के सबूत मिले हैं। गौरतलब है कि कश्मीर घाटी में करीब एक साल से आतंकी घटनाओं और सुरक्षा बलों पर हमलों में तेजी आई है। इसके अलावा आम नागरिकों को भड़का कर उसने पत्थरबाजी कराने की घटनाएं तो हफ्तों तक जारी रही हैं। कहा जा रहा है कि कुछ लोग युवाओं, ग्रामीणों और मजदूरों को इसके लिए पैसा देते थे। इन गिरफ्तारियों से ऐसे लोगों का नकाब उतरने की उम्मीद बंधी है। इन सबूतों का इस्तेमाल भारत दुनिया को यह बताने के लिए कर सकता है कि कश्मीर घाटी में अशांति के असल कारण क्या हैं। उम्मीद की जानी चाहिए कि अब घाटी में उपद्रवकारी घटनाओं में कुछ कमी आएगी।

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