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जीत की कड़ियां

यह पहला मौका है जब कोई मेहमान टीम चार सौ रनों का स्कोर खड़ा करने के बावजूद भारत में मैच हारी हो।

Author December 14, 2016 02:28 am
टेस्ट टीम के कैप्टन विराट कोहली। (फाइल फोटो)

इंग्लैंड के साथ चल रही पांच टैस्ट मैचों की शृंखला के चौथे मैच में भारत को ऐतिहासिक जीत मिली है। भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली ने उचित ही इसे अपनी कप्तानी की सर्वश्रेष्ठ कामयाबी कहा है। हालांकि उन्होंने इंग्लैंड की टीम को कमतर न आंकने की सलाह भी अपने खिलाड़ियों को दी है। मुंबई में सोमवार को भारतीय टीम ने एक पारी और छत्तीस रन से इंग्लैंड की टीम को हरा कर 3-0 की बढ़त लेते हुए शृंखला जीतने की दिशा में एक कदम और बढ़ा दिया है। आगे के मैच का नतीजा जो हो, शृंखला जीतने का सेहरा भारतीय टीम के सिर बंध चुका है। इस मैच ने यह भी साबित किया कि स्पिनर रविचंद्रन अश्विन और जयंत यादव को टीम में खेलाने का कप्तान कोहली का निर्णय अचूक रहा। इस जीत ने एक बार फिर भारतीय कप्तान की सूझबूझ, सांगठनिक क्षमता और रणनीतिक कुशलता को साबित किया है। दिग्गज स्पिनर अश्विन ने सिर्फ पचपन रन देकर ताबड़तोड़ छह विकेट चटकाकर इंग्लैंड के निचले क्रम को ध्वस्त कर दिया था। इस कारण जीत और आसान हो गई थी। इंग्लैंड के अंतिम छह विकेट महज पंद्रह रन जोड़ पाए।

यह पहला मौका है जब कोई मेहमान टीम चार सौ रनों का स्कोर खड़ा करने के बावजूद भारत में मैच हारी हो। अश्विन का खेल शानदार रहा। उन्होंने सातवीं बार दस या उससे अधिक विकेट लेने का कारनामा अंजाम दिया। भारतीय टीम के कोच अनिल कुंबले ही ऐसे खिलाड़ी रहे हैं, जिनके नाम आठ बार पारी में दस से अधिक विकेट लेने का कीर्तिमान दर्ज है। विराट कोहली की अगुआई में लगातार यह पांचवीं टैस्ट शृंखला है, जिसे भारत ने अघोषित रूप से जीत लिया है। फाइनल मैच चेन्नई में 16 से 20 दिसंबर के बीच खेला जाएगा। पिछले साल भारत ने श्रीलंका से टैस्ट सीरिज 2-1 से जीता था। इसके बाद अपनी जमीन पर दक्षिण अफ्रीका को 3-0 से हराया था। फिर वेस्टइंडीज और न्यूजीलैंड को टैस्ट शृंखलाओं में परास्त किया। सोमवार की सुबह इंग्लैंड के बल्लेबाज कोई चुनौती पेश नहीं कर पाए थे और अश्विन ने चार ओवरों में चार विकेट गिरा कर एक तरह से इंग्लैड की पराजय-गाथा लिख दी थी। अश्विन ने बेयरस्टा को पगबाधा और और फिर क्रिस वोक्स को शून्य रन पर आॅफ ब्रेक बोल्ड किया। इसके बाद तो जैसे ताश के पत्तों की तरह इंग्लैंड के खिलाड़ी ढह गए।

इस शृंखला की खोज जयंत यादव रहे हैं, जिनका चुनाव कप्तान के लिए रामबाण सिद्ध हुआ। जयंत ने अब तक 221 रन बनाए हैं और नौ विकेट हासिल किए हैं। कोहली चारों टैस्टों में अब तक 128 की औसत से 640 रन बना चुके हैं। इससे पहले टैस्ट क्रिकेट में 1993 में अजहरुद््दीन की कप्तानी में भारत ने इंग्लैंड को 3-0 से शिकस्त दी थी। क्रिकेट विशेषज्ञों ने लगातार पांच सीरिज जीतने पर विराट कोहली को करिश्माई कप्तान की संज्ञा दी है। कोहली ने खुद भी इसे पांचोंं शृंखलाओं में सबसे शानदार जीत कहा है। लेकिन भारतीय खिलाड़ियों को सजग रहना होगा, और इस जज्बे को बनाए रखना होगा, क्योंकि इंग्लैंड की टीम एक विश्वस्तरीय टीम है और वह पक्के तौर पर वापसी की कोशिश करेगी।

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