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संपादकीय: मौसम की मार

पिछले एक हफ्ते के भीतर मौसम में काफी तेजी से बदलाव आया और तापमान का स्तर खतरे के निशान के पार पहुंचता दिख रहा है। समूचा उत्तर भारत अब प्रचंड गर्मी और लू की चपेट में है। दिल्ली और हरियाणा की स्थिति यह है कि यहां गर्मी ने पिछले दस साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।

Author Published on: May 28, 2020 4:11 AM
उत्तर भारत में गर्मी का असर दिखने लगा। तापमान में लगातार इजाफा हो रहा है।

महज एक पखवाड़े पहले तक मौसम का रुख ऐसा था कि आम लोगों से लेकर मौसम विज्ञानियों तक के बीच इस दौरान तापमान में असामान्य स्थिति को देख कर हैरानी जताई जा रही थी। आमतौर पर जहां मार्च के बाद से ही बढ़ते तापमान के साथ जनजीवन गर्मी का सामना करने की तैयारी करने लगता था, वहीं मई महीने के दूसरे हफ्ते तक तापमान की नरमी चौंकाने वाली थी। अक्सर हो रही बारिश की वजह से तापमान गिर जाता था। जबकि सामान्य स्थितियों में इस समय लू के थपेड़े चलने लगते थे।

देश के उत्तरी क्षेत्रों के अलावा पूरब के मैदानी क्षेत्र, मध्य भारत के विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्र, गुजरात, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना जैसे इलाकों में इस मौसम में तापमान पैंतालीस डिग्री सेल्सियस और राजस्थान में पचास डिग्री सेल्सियस पार पहुंच जाता था। मौजूदा स्थिति के बरक्स भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने तो इस साल सामान्य से अधिक तापमान का अनुमान लगाया था। लेकिन औसत तापमान सामान्य स्तर तक भी नहीं दर्ज होने पर खुद मौसम विज्ञानी भी इस स्थिति को सामान्य नहीं मान रहे थे।

अब हालत यह है कि पिछले एक हफ्ते के भीतर मौसम में काफी तेजी से बदलाव आया और तापमान का स्तर खतरे के निशान के पार पहुंचता दिख रहा है। समूचा उत्तर भारत अब प्रचंड गर्मी और लू की चपेट में है। दिल्ली और हरियाणा की स्थिति यह है कि यहां गर्मी ने पिछले दस साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। दिल्ली के पालम में सामान्य से सात डिग्री ज्यादा यानी करीब साढ़े सैंतालीस डिग्री सेल्सियस तो राजस्थान के चुरू में दिन का तापमान पचास डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

इधर उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में लू के थपेड़ों के बीच आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और इसकी आंच बिहार को भी झुलसा रही है। जो मौसम जानकार दो हफ्ते पहले सामान्य से कम तापमान पर हैरान हो रहे थे, अब उनका कहना है कि अगले कुछ दिन तक मौसम की गर्मी खतरनाक स्तर तक झुलसाती रहेगी। मौसम विभाग की ओर से भी यह चेतावनी जारी की गई है कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते दिल्ली में तेज गर्म हवाएं चल सकती हैं।
जाहिर है, मौसम में इस तेज बदलाव ने आम लोगों का जीना मुहाल कर दिया है और वे झुलसने पर मजबूर हैं।

हालांकि सामान्य तौर पर इस दौरान मौसम में इतनी ही गर्मी रहती है, लेकिन इस साल मामला थोड़ा अलग इसलिए है कि तापमान में अचानक ही तेजी से बढ़ोतरी हुई। यों कोरोना संक्रमण से बचाव की वजह से की गई पूर्णबंदी के चलते आमतौर पर लोग घरों में ही बंद हैं, इसलिए लू का सीधा सामना करने से वे बचे हुए हैं। लेकिन तापमान जब असामान्य रूप से बढ़ जाता है तब घरों के भीतर भी इसकी आंच सताती है।

शरीर में पानी की कमी से लेकर स्वास्थ्य संबंधी दूसरी दिक्कतें पैदा होने की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए घरों के भीतर भी बचाव के पूरे इंतजाम पर ध्यान की जरूरत है। ज्यादातर लोग आमतौर पर अपने स्तर पर गर्मी से बचने की कोशिश करते हैं, लेकिन बचाव के उपायों और जरूरत पड़ने पर स्वास्थ्य सुविधाओं के इस्तेमाल को लेकर सरकारों को संचार के विभिन्न माध्यमों के सहारे जागरूकता अभियान भी चलाना चाहिए। कोरोना के कहर की वजह से पहले ही लोग परेशानहाल हैं, ऐसे में गर्मी की मार ने उनकी जीवन-स्थितियों को और मुश्किल में ही डाला है।

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