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संपादकीयः फिर कश्मीर

संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच से एक बार फिर भारत ने पाकिस्तान से दो-टूक शब्दों में कहा है कि कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और इस मुद्दे पर उसे बेतुकी बातें बंद कर देनी चाहिए।

Author Updated: June 28, 2018 3:11 AM
भारतीय प्रतिनिधि ने संयुक्त राष्ट्र में पुरजोर ढंग से अपना पक्ष रखते हुए साफ कहा कि कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान के सारे तर्क और आरोप खोखले हैं।

संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच से एक बार फिर भारत ने पाकिस्तान से दो-टूक शब्दों में कहा है कि कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और इस मुद्दे पर उसे बेतुकी बातें बंद कर देनी चाहिए। संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में ‘जनसंहार, युद्ध अपराध, जातीय संहार और मानवता के खिलाफ अपराध रोकने’ पर चर्चा के दौरान पाकिस्तानी प्रतिनिधि ने कहा कि कश्मीर भी उन जगहों में शामिल है, जहां हत्या और जनसंहार जैसे गंभीर अपराध हो रहे हैं। इस पर भारत ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। पाकिस्तान हमेशा से भारत को घेरने के लिए कश्मीर का मुद्दा उछालता रहा है। सिर्फ संयुक्त राष्ट्र नहीं, सारे वैश्विक मंचों से वह कश्मीर मसले पर भारत के खिलाफ तर्क देता रहा है। इससे स्पष्ट है कि कश्मीर के अलावा उसके पास कोई मुद्दा नहीं है। जबकि इस बारे में एक नहीं, सैकड़ों बार संयुक्त राष्ट्र से लेकर सभी वैश्विक मंचों पर भारत साफ कह चुका है कि कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है। इस पर पाकिस्तान को सकारात्मक रुख दिखाते हुए वार्ता करनी चाहिए। लेकिन पाकिस्तान ने अपनी ओर से ऐसी कोई गंभीर पहल आज तक नहीं की।

भारतीय प्रतिनिधि ने संयुक्त राष्ट्र में पुरजोर ढंग से अपना पक्ष रखते हुए साफ कहा कि कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान के सारे तर्क और आरोप खोखले हैं। कश्मीर में दमन को लेकर पाकिस्तान जो कुछ कहता रहा है, वह झूठ के पुलिंदे से ज्यादा कुछ नहीं है। दुनिया भी इस हकीकत को देख और समझ रही है। पाकिस्तानी खुफिया एजंसी आइएसआइ और सेना का एक सूत्रीय अभियान आतंकवाद फैलाना है। इसके अनेक प्रमाण मौजूद हैं। भारत हो या अफगानिस्तान, दोनों देश पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद से त्रस्त हैं। पाकिस्तान लंबे समय से अपने यहां आतंकी संगठनों को पनाह देकर उनके जरिए भारत को अस्थिर करने की साजिशें रचता रहा है। पहले तो वह संघर्ष विराम पर समझौता करता है और फिर उसका उल्लंघन कर सैन्य और नागरिक ठिकानों पर गोलीबारी करता है। पिछले अट्ठाईस सालों में चौदह हजार से ज्यादा आम नागरिक आतंकवाद का शिकार और पांच हजार से ज्यादा जवान शहीद हुए हैं। अनेक मौकों पर पाकिस्तानी सैनिकों ने जिस तरह भारतीय सैनिकों के साथ बर्बरता की है, वह मानवता को शर्मसार करने वाला है। ऐसी अनगिनत घटनाएं हैं, जो पाकिस्तान को बेनकाब करती हैं।

पाकिस्तान का अब तक का रवैया इस बात का प्रमाण है कि वह कश्मीर मुद्दे को उलझाए रखना चाहता है। वहां का राजनीतिक नेतृत्व भी आइएसआइ और सेना की इच्छा के खिलाफ नहीं जा सकता। ऐसे में पाकिस्तान अगर कश्मीर मसला सुलझाने की बात करता है, तो इससे बड़ा झूठ और क्या हो सकता है! संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस तो यहां तक पेशकश कर चुके हैं कि अगर सभी पक्षों की रजामंदी हो तो कश्मीर समस्या के हल के लिए संयुक्तराष्ट्र मध्यस्थ की भूमिका निभा सकता है। लेकिन इस पर भारत का रुख एकदम स्पष्ट रहा है। भारत साफ कह चुका है कश्मीर दो देशों का आपसी मसला है, इसमें किसी की मध्यस्थता स्वीकार्य नहीं होगी। यह भी जगजाहिर है कि उसामा बिन लादेन, मुल्ला उमर, हाफिज सईद जैसे आतंकी सरगनाओं का ठिकाना पाकिस्तान रहा है। भारत के खिलाफ जहर उगलने वाले हाफिज सईद के संगठन को पाकिस्तान सरकार का संरक्षण है। ऐसे में पाकिस्तान से यह उम्मीद करना फिजूल है कि वह कश्मीर मसले को हल करने की दिशा में कोई कदम उठाएगा।

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