देशभर में महंगाई में बढ़ोतरी के बीच अब लोगों के लिए कहीं आना-जाना भी महंगा साबित होने लगा है। दरअसल, वैश्विक परिस्थितियों की वजह से पहले ही संकट का दायरा फैल रहा है और चीजों की कीमतों में इजाफा हो रहा है। इस बीच हरियाणा में राजमार्गों पर टोल दरों में बेतहाशा वृद्धि की घोषणा आम लोगों के सामने एक नई परेशानी पैदा करने वाली है। इसके अमल में आने के साथ ही निजी वाहनों से यात्रा करने वालों को अब अधिक टोल चुकाना होगा। यह हाल तब है, जबकि अधिकतर राजमार्गों पर बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है, आए दिन लोगों को लंबे जाम का सामना करना पड़ता है।

ऐसे में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा एकल और दोहरी यात्रा में पांच रुपए से लेकर पैंतीस रुपए तक की बढ़ोतरी पर सवाल उठना स्वाभाविक है। मसलन, गुरुग्राम में द्वारका एक्सप्रेस-वे पर बजघेड़ा टोल प्लाजा पर एकल यात्रा के लिए 225 रुपए देना यात्रियों के लिए भारी साबित हो सकता है। दूसरी ओर वाणिज्यिक वाहनों से वसूली का असर भी दिखेगा और आखिरकार आम आदमी पर ही इसकी मार पड़ेगी। सवाल है कि बुनियादी सुविधाओं में सुधार किए बिना टोल दरों में वृद्धि की क्या तुक है। नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही राजमार्गों पर यात्रा महंगी किए जाने से लोगों में निराशा बढ़ेगी।

इस समय ज्यादातर राजमार्गों पर वाहनों का दबाव बढ़ रहा है। वहीं रास्ते में साफ-सुथरे जन-सुविधा परिसरों का अभाव खटकता है। रात में कई मार्गों पर अंधेरा होने से हादसे का अंदेशा बना रहता है। राजमार्ग प्राधिकरण के गश्ती दल तुरंत मौके पर नहीं पहुंचते। इससे लोग असहाय स्थिति में होते हैं। कई बार हादसे के बाद फिर हादसा होना यह बताता है कि प्राधिकरण को टोल की तो चिंता है, लेकिन यात्रियों की जान की नहीं। अक्सर देखा गया है कि टोल नाकों पर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है।

इससे न केवल समय की, बल्कि ईंधन की भी बर्बादी होती है। हालांकि हरियाणा में टोल पर अब केवल फास्टैग या आनलाइन भुगतान ही किया जा सकेगा। ऐसे में संभव है कि वाहनों की कतार कुछ कम हो। फिर भी राजमार्गों पर सुविधाएं बढ़ाए बिना टोल शुल्क बढ़ाना यात्रियों पर नाहक ही बोझ डालने जैसा है।

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शनिवार को नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पहले चरण का उद्घाटन होगा। इससे वाणिज्य और संपर्क को बढ़ावा मिलेगा। यह दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (आइजीआइ) पर भीड़भाड़ कम करेगा। नोएडा हवाई अड्डा भारत की सबसे बड़ी नई हवाई अड्डा परियोजनाओं में से एक है। हवाईअड्डे के पहले चरण को सार्वजनिक-निजी भागीदारी माडल के तहत 11,200 करोड़ की लागत से विकसित किया गया है। इस हवाईअड्डे की यात्री संभालने की क्षमता शुरुआत में प्रतिवर्ष 1.2 करोड़ यात्रियों की होगी। पूरी तरह विकसित होने पर इसे बढ़ाकर प्रतिवर्ष सात करोड़ यात्रियों तक बढ़ाया जा सकेगा। हवाई अड्डे की विशेषताओं में 3,900 मीटर लंबा रनवे शामिल है, जो चौड़े आकार के विमानों को संभालने में सक्षम है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिक