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विजेंद्र गुप्ता के कार्यालय में तैनात कर्मचारियों को सरकार ने हटाया

केजरीवाल सरकार की ऐप प्रीमियम बस सेवा की शिकायत भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) में करने के बदले में भाजपा नेता विजेंद्र गुप्ता के कार्यालय में तैनात सात कर्मचारियों को दिल्ली सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने वापस बुला लिया है।

Author नई दिल्ली | June 4, 2016 2:44 AM
भाजपा नेता विजेंद्र गुप्ता

केजरीवाल सरकार की ऐप प्रीमियम बस सेवा की शिकायत भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) में करने के बदले में भाजपा नेता विजेंद्र गुप्ता के कार्यालय में तैनात सात कर्मचारियों को दिल्ली सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने वापस बुला लिया है।
वहीं विधानसभा में विपक्ष के नेता गुप्ता ने शुक्रवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल उनकी हत्या करवाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि उनका कसूर सिर्फ इतना है कि वे रोजाना केजरीवाल सरकार के भ्रष्टाचार के मामलों को उजागर कर रहे हैं।

प्रेस कांफ्रेंस में उनके साथ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतीश उपाध्याय और राष्ट्रीय सचिव आरपी सिंह भी मौजूद थे। भाजपा ने कहा कि वह इस मामले में जल्द ही केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात करेगी। केजरीवाल सरकार की ओर से किए जा रहे भ्रष्टाचार को लेकर दिल्ली भाजपा के वरिष्ठ नेता शनिवार सुबह राजघाट पर सरकार की सद्बुद्धि के लिए प्रार्थना भी करेंगे। गुप्ता ने दिल्ली सरकार के कुछ अधिकारियों की शिकायत संसद मार्ग थाने में की है और उनके खिलाफ एफआइआर दर्ज करने की मांग भी की है।

पत्रकारों को संबोधित करते हुए सतीश उपाध्याय ने कहा कि केजरीवाल सरकार ने सत्ता में आने के बाद ही संकेत दे दिए कि उसे विपक्ष और विरोध दोनों ही स्वीकार्य नहीं है। उपाध्याय ने कहा कि भाजपा लगातार 400 करोड़ रुपए के जल बोर्ड घोटाले की जांच की मांग और केजरीवाल सरकार के कार्यकाल में हुए भर्ती घोटाले, सीएनजी घोटाले, आॅटो परमिट घोटाले को उठाती रही है। विजेंद्र गुप्ता और अन्य विधायकों ने अतिथि शिक्षक मामले में सरकार के दोगले रवैए और उसके बाद प्रीमियम बस सेवा के मुद्दे में भ्रष्टाचार की शिकायत एसीबी से भी की है।

उन्होंने बताया कि आए दिन तुगलकी फरमान जारी करने वाली केजरीवाल सरकार को विपक्ष की आवाज सहन नहीं है जिसके चलते गुरुवार को सरकार ने एक परिपत्र जारी कर नेता प्रतिपक्ष कार्यालय में नियुक्त सभी कर्मचारियों को वहां से हटा लिया और शुक्रवार सुबह नेता प्रतिपक्ष को मिली सरकारी गाड़ी के ड्राइवर को मुख्यमंत्री के सचिव राजेंद्र कुमार के कार्यालय से फोन कर गाड़ी वापस लाने को कहा गया।
उपाध्याय व गुप्ता ने कहा कि सरकार के इस प्रतिशोध के बाद भाजपा विधायकों और कार्यकर्ताओं का केजरीवाल सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष का निश्चय और अटल हो गया है।

भाजपा कार्यकर्ता अब सड़क से सदन तक केजरीवाल शासन में हुए भर्ती घोटाले, सीएनजी घोटाले, आॅटो परमिट घोटाले, चीनी व प्याज घोटाले, विधायकों की अराजकता, शीला दीक्षित सरकार के कार्यकाल के घोटालों की लीपापोती, दिल्ली जल बोर्ड के 400 करोड़ रुपए के पानी टैंकर घोटाले सहित प्रीमियम बस सेवा घोटाले पर मुख्यमंत्री केजरीवाल से जवाब मांगेंगे।
उन्होंने कहा कि नई प्रीमियम एप बस सेवा का विरोध होते ही केजरीवाल सरकार ने बदले की जो भावना दर्शाई है, उससे साफ पता चलता है कि इसमें कोई घोटाला है वरना सरकार को जांच से डर क्यों लग रहा है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल को समझना होगा कि वह दिल्ली के बादशाह नहीं, मुख्यमंत्री हैं और लोकतंत्र में विपक्ष हमेशा सरकारी भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाता रहेगा।

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