हरियाणा के हांसी में एक जिम संचालक की सरेआम गोली मारकर हत्या कर देने की घटना ने एक बार फिर इस बात को उजागर किया है कि अपराधियों को कानून का कोई खौफ नहीं है। जब अपराधी खुलेआम हथियार लेकर घूमते हों और मौका पाकर इस तरह की वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाएं, तो कानून व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। इससे न केवल आमजन में असुरक्षा की भावना बढ़ती है, बल्कि सरकार के सुरक्षा एवं जांच तंत्र पर उनका भरोसा भी डगमगाने लगता है।
सवाल है कि आखिर अपराधियों के भीतर कानून का भय क्यों खत्म हो गया है? इसे सुरक्षा एजेंसियों की लापरवाही और नाकामी नहीं, तो और क्या कहा जाएगा कि हत्या जैसी संगीन वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी आसानी से फरार हो जाते हैं? सरकार की ओर से अक्सर यह दावा किया जाता है कि सार्वजनिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए समूची प्रणाली को आधुनिक तकनीक से लैस किया जा रहा है। इसके बावजूद अगर अपराध कम नहीं हो रहा, तो इसके लिए कौन जिम्मेदार है?
गौरतलब है कि हांसी में जिम संचालक की गुरुवार सुबह उस वक्त गोली मारकर हत्या कर दी गई, जब वह लोगों के एक समूह को खुले में व्यायाम करा रहे थे। मोटरसाइकिल पर आए हमलावरों ने दस गोलियां चलाईं। यानी हमलावर यह सुनिश्चित करना चाहते थे कि जिम संचालक किसी भी हाल में जिंदा न बचे। इस वारदात की सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई, लेकिन हमलावर फरार होने में कामयाब रहे।
इस घटना के कुछ घंटों बाद दिल्ली के पश्चिम विहार इलाके में मोटरसाइकिल सवार दो लोगों ने एक जिम पर गोलीबारी की, जिसकी जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े एक समूह ने ली है। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या इन दोनों घटनाओं का आपस में कोई संबंध है। फिलहाल पुलिस इस बारे में जांच कर रही है।
मगर शासन-प्रशासन को इस पर गंभीरता से विचार करना होगा कि सिर्फ कानून बना देने से सुरक्षा व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त नहीं हो जाती। जब तक सुरक्षा एवं जांच तंत्र में हर स्तर पर सतर्कता, संवेदनशीलता और जवाबदेही तय नहीं की जाएगी, तब तक कानून व्यवस्था में सुधार की उम्मीद नहीं की जा सकती।
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उत्तर प्रदेश के लखनऊ से दर्दनाक मामले सामने आया है। यहां एक सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर मानसी अपने ससुराल में मृत पाई गई। मृतका के परिजनों का आरोप है कि पति सागर राजपूत और अन्य ससुराल वाले मानसी को लगातार दहेज के लिए प्रताड़ित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वो कार की मांग कर रहे थे। मांग पूरी नहीं होने पर उन्होंने मानसी की हत्या कर दी और शव को फंदे से लटका दिया ताकि हत्या को आत्महत्या का रूप दिया जा सके। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिक
