उन्नति की उड़ान

हवाई अड्डे न सिर्फ लोगों के आवागमन को सुविधाजनक बनाने के लिए जरूरी होते हैं, बल्कि ये अर्थव्यवस्था को भी उड़ान भरने में मदद करते हैं।

जेवर एयरपोर्ट का शिलान्‍यास करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।

हवाई अड्डे न सिर्फ लोगों के आवागमन को सुविधाजनक बनाने के लिए जरूरी होते हैं, बल्कि ये अर्थव्यवस्था को भी उड़ान भरने में मदद करते हैं। इस दृष्टि से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में एक और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड््डे का शिलान्यास सरकार की दूरदर्शिता का परिचायक है। दिल्ली से करीब सत्तर किलोमीटर की दूरी पर उत्तर प्रदेश के जेवर में दुनिया के चौथे सबसे बड़े हवाई अड््डे का प्रधानमंत्री ने शिलान्यास कर दिया। इस हवाई अड््डे का एलान बहुत पहले कर दिया गया था, पर भूमि अधिग्रहण आदि से संबंधित औपारिकताएं पूरी करने में कुछ समय लग गया। मगर अब जल्दी ही इसके पहले चरण को चालू करने का सरकार ने संकल्प दोहराया है।

कुछ लोग आलोचना कर रहे थे कि जब दिल्ली में एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड््डा है ही, तो एक नए हवाई अड््डे की क्या जरूरत। हालांकि दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड््डे का काफी विस्तार किया गया है, पर सच्चाई यह भी है कि अब उसकी भी क्षमता आधुनिक जरूरतों को पूरा कर पाने की नहीं रह गई है। इसलिए भी जेवर में नया हवाई अड््डा बनाने पर विचार किया गया था। फिर इस हवाई अड््डे की खास बात यह है कि यह मालवाहक विमानों का बड़ा केंद्र बनेगा और विमानों में तकनीकी सुधार आदि से जुड़ी सुविधाएं भी यहां मौजूद होंगी, जिनके लिए अब तक विमानों को विदेश भेजना पड़ता है।

जेवर हवाई अड््डा शुरू होने से एक तो गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा, आगरा, गाजियाबाद, मेरठ आदि के नागरिकों की दिल्ली हवाई अड््डे पर निर्भरता खत्म हो जाएगी। ये सारे शहर जेवर के काफी नजदीक हैं। दूसरे, विदेशी सैलानियों के लिए भी इससे काफी सुविधा होगी। अभी तक जो सैलानी आगरा जाना चाहते हैं, उन्हें दिल्ली उतरना, फिर वहां से दूसरे साधनों से आगरा जाना पड़ता है। अब वे जेवर से सीधा आगरा पहुंच सकेंगे। फिर, गुरुग्राम, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और फरीदाबाद अब व्यावासायिक-वाणिज्यिक दृष्टि से काफी विकास कर चुके हैं, इन शहरों में अनेक बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने अपने कारोबार केंद्र खोले हैं, उन्हें इससे गति मिलेगी।

फिर आगरा, अलीगढ़ और उनके आसपास के इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों के फैलने की गुंजाइश भी बनी है। दिल्ली का फैलाव अब अधिक नहीं हो सकता, इसलिए जेवर के आसपास का इलाका अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक गतिविधियों को विस्तार देगा। इस तरह उन इलाकों में स्वाभाविक रूप से लाखों लोगों के लिए नए रोजगार की संभावनाएं बनेंगी। सबसे अच्छी बात है कि यह हवाई अड््डा माल ढुलाई का बड़ा केंद्र बनेगा।

केंद्र सरकार का हवाई अड््डों, रेलवे और राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार पर विशेष बल है। उत्तर प्रदेश के सभी हवाई अड््डों को परस्पर जोड़ने की योजना पर काम चल ही रहा है, ताकि विदेशी सैलानियों को उत्तर प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंचने में कोई असुविधा न हो। इस तरह आगरा, वाराणसी, कुशीनगर, अयोध्या जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल आपस में जुड़ जाएंगे। जाहिर है, इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

फिर लंबे समय से शिकायत रही है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय वस्तुओं की पहुंच सुगम बनाना मुश्किल बना हुआ है, इस हवाई अड््डे के चालू हो जाने के बाद वह शिकायत भी काफी हद तक दूर हो सकती है, क्योंकि यह उत्तर भारत का सबसे बड़ा माल विपणन केंद्र भी बनने वाला है। हालांकि विपक्षी दल इस हवाई अड््डे के शिलान्यास को आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से जोड़ कर देख रहे हैं। पर इस तरह राजनीतिक नफे-नुकसान के बजाय वास्तविक फायदों की दृष्टि से देखें तो यह हवाई अड््डा निस्संदेह बड़ी उपलब्धि साबित होगा।

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