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संपादकीय: बचाव के लिए

ध्यान रखने की जरूरत है कि जहां धूम्ररहित तंबाकू उत्पादों की बिक्री होती है, वहां कई बार काफी लोग एक साथ इकट्ठा हो जाते हैं और इससे सामाजिक दूरी बनाए रखने के निर्देश का उल्लंघन होता है। एक तरह से धूम्ररहित तंबाकू उत्पाद कई स्तरों पर कोरोना वायरस के फैलने का आसान जरिया बन जाते हैं।

कोविड संकट के दौरान धूम्रपान और तंबाकू पर रोक जरूरी।

फिलहाल दुनिया भर के देशों के सामने सबसे बड़ी चुनौती कोरोना वायरस को फैलने से रोकने की है। इसी मकसद से दुनिया के ज्यादातर देशों ने पूर्णबंदी लगाने जैसा सख्त फैसला भी किया। खासकर उन बिंदुओं की पहचान की गई, जिनके जरिए यह वायरस अपने पांव फैलाता है। शारीरिक दूरी बनाने और मास्क पहनने के निर्देश उसी के तहत जारी किए गए हैं।

इसका उद्देश्य यह है कि लोगों के खांसने, छींकने से होने वाले संक्रमण को सीमित किया जाए। लेकिन ऐसे नाजुक समय में भी लोग इस निर्देश का मर्म और उसके पीछे छिपी चिंता नहीं समझ पा रहे हैं तो निश्चित रूप से यह एक गंभीर समस्या है। ऐसे दृश्य अब भी देखे जा सकते हैं, जिसमें लोग पान, गुटखा खैनी या दूसरे तंबाकू उत्पादों का सेवन करते हैं। इस क्रम में वे जहां-तहां थूकते हैं। यानी कोरोना वायरस के प्रसार का जो सबसे बड़ा और संवेदनशील जरिया है, उसी से बचने को लेकर लेकर लापरवाही देखी जा रही है। निश्चित रूप से यह कोविड-19 के खिलाफ देश की लड़ाई को कमजोर कर सकता है।

शायद यही वजह है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध और सार्वजनिक स्थानों पर थूकने पर रोक लगाने की अपील की है। यह किसी से छिपा नहीं है कि पान, गुटखा, खैनी आदि का सेवन करने वाले लोगों में सार्वजनिक स्थानों पर थूकने की आदत होती है। उन्हें इस बात का खयाल रखना जरूरी नहीं लगता कि उनकी इस आदत की वजह से कई तरह के संक्रामक रोगों का प्रसार हो सकता है।

धूम्ररहित तंबाकू उत्पादों के लती लोगों की इस आदत की वजह से वातावरण अस्वच्छ होता है और कोरोना, तपेदिक, स्वाइन फ्लू और इंसेफेलाइटिस जैसे रोगों के तेजी से फैलने का खतरा बढ़ता है। इसके अलावा, यह भी ध्यान रखने की जरूरत है कि जहां धूम्ररहित तंबाकू उत्पादों की बिक्री होती है, वहां कई बार काफी लोग एक साथ इकट्ठा हो जाते हैं और इससे सामाजिक दूरी बनाए रखने के निर्देश का उल्लंघन होता है। एक तरह से धूम्ररहित तंबाकू उत्पाद कई स्तरों पर कोरोना वायरस के फैलने का आसान जरिया बन जाते हैं।

गौरतलब है कि स्वास्थ्य मंत्री से पहले भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद ने भी लोगों से धूम्ररहित तंबाकू उत्पादों के सेवन से बचने और सार्वजनिक स्थानों पर न थूकने की अपील की थी। विडंबना है कि हमारे यहां अलग-अलग रूपों में तंबाकू का सेवन आम है। इसके लती लोगों को इसका खयाल रखने की जरूरत नहीं महसूस होती कि उनकी इस आदत से न केवल आसपास की जगह दूषित होती है, बल्कि इससे लार के जरिए फैलने वाले रोग का खतरा भी बढ़ता है।

इसलिए तंबाकू उत्पादों की बिक्री और लोगों के सार्वजनिक जगहों पर थूकने पर रोक लगाने की अपील महत्त्वपूर्ण है। इससे बिक्री के समय होने वाले जमावड़े पर भी नियंत्रण किया जा सकता है। पर यह भी ध्यान रखने की जरूरत है कि शराब की बिक्री को छूट देने के बाद लोगों के बीच आपस में दूरी बनाए रखने के नियम का बड़े पैमाने पर उल्लंघन देखा गया। जाहिर है, आपस में शारीरिक दूरी बनाए रखने में दूसरी वैसी स्थितियों पर भी रोक लगाने की जरूरत है, जिससे आपस में दूरी बनाए रखने का नियम बड़े पैमाने पर बाधित होता है। यह सब लोगों को बीमारी से बचाने के लिए है और दुनिया के हित में है।

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