editorial about threat of kim jong un of north korea - संपादकीयः किम की धमकी - Jansatta
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संपादकीयः किम की धमकी

कुछ दिनों पहले ही अमेरिका और उत्तर कोरिया शिखर वार्ता के लिए राजी हुए और तय हुआ कि बारह जून को सिंगापुर में दोनों देशों के नेता- डोनाल्ड ट्रंप और किम जोंग-उन मिलेंगे।

Author May 17, 2018 4:52 AM
उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन। (फाइल फोटो)

कुछ दिनों पहले ही अमेरिका और उत्तर कोरिया शिखर वार्ता के लिए राजी हुए और तय हुआ कि बारह जून को सिंगापुर में दोनों देशों के नेता- डोनाल्ड ट्रंप और किम जोंग-उन मिलेंगे। पर इसी बीच उत्तर कोरिया ने बड़ा झटका दे दिया है। उसकी ओर से आई धमकी हैरान करने वाली है। उत्तर कोरिया ने अमेरिका को साफ शब्दों में चेता दिया है कि अगर वह परमाणु हथियारों को खत्म करने की अपनी एकतरफा मांग पर अड़ा रहा, तो शिखर वार्ता संभव नहीं है। अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच लंबे समय तक चले तनाव को देखते हुए उत्तर कोरिया की धमकी को हलके में नहीं लिया जा रहा।

दरअसल, अमेरिका का एकमात्र मकसद उत्तर कोरिया को पूरी तरह परमाणु हथियार विहीन करना है। पर इसमें वह कितना कामयाब हो पाएगा, यह कोई नहीं जानता। ताजा विवाद अमेरिका और दक्षिण कोरिया के साझा सैन्य अभ्यास को लेकर उठा है। उत्तर कोरिया ने कहा है कि अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच चल रहा साझा सैन्य अभ्यास उकसावे वाली और दुष्टता भरी कार्रवाई है। इससे उत्तर कोरिया इतना खफा है कि उसने दक्षिण कोरिया के साथ होने वाली एक उच्चस्तरीय बैठक तक रद्द कर दी। कुल मिला कर अमेरिका के इस कदम ने एक नया संकट खड़ा कर दिया है।

अमेरिका की शुरू से रणनीति उत्तर कोरिया को घेरने की रही है। उत्तर कोरिया इस चाल को अच्छी तरह समझ रहा है। अमेरिका अगर उत्तर कोरिया पर हमला करता है तो दक्षिण कोरिया ही उसके लिए सबसे बड़ा सहायक होगा। ट्रंप और किम की शिखर वार्ता में अमेरिका का जोर इस बात पर होगा कि उत्तर कोरिया हमेशा के लिए पूरी तरह से परमाणु हथियार छोड़ दे और इसे सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय निगरानी टीमों को अपने परमाणु हथियार स्थलों के दौरे की इजाजत दे। परमाणु हथियारों की आड़ में वह उत्तर कोरिया को इराक और लीबिया की तरह घेरना चाहता है। पर उत्तर कोरिया किसी कीमत पर यह नहीं होने देगा। उत्तर कोरिया ने कह दिया है कि अगर अमेरिका उस पर हमला करता है तो फिर वह अपनी रक्षा कैसे करेगा। उसे अपनी रक्षा के लिए हथियार चाहिए, इसलिए सारे परमाणु हथियार खत्म नहीं किए जा सकते। हालांकि अमेरिका ने कहा है कि वह शिखर वार्ता की तैयारियों में लगा है और यह होकर रहेगी।

ऐसे में सवाल है कि क्या उत्तर कोरिया सारे परमाणु हथियार खत्म कर देगा? उत्तर कोरिया के एक पूर्व राजनयिक ने कहा भी है कि किम जोंग-उन कभी परमाणु हथियारों को पूरी तरह खत्म नहीं करेंगे। लंबे समय की मेहनत के बाद उत्तर कोरिया परमाणु शक्ति संपन्न देश के रूप में उभरा है। शिखर वार्ता का फायदा यह हो सकता है कि कुछ समय के लिए उत्तर कोरिया परमाणु हथियार कार्यक्रम टाल दे, लेकिन इसे पूरी तरह छोड़ना अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारने जैसा होगा। हालांकि शिखर वार्ता के लिए अनुकूल माहौल बनाने के लिए उत्तर कोरिया ने परमाणु परीक्षण स्थल को तोड़ना शुरू कर दिया है। आने वाले दिनों में वह ऐसे ठिकानों को गिरा देगा, जिनका इस्तेमाल परमाणु हथियार बनाने और उनके परीक्षण में हो रहा था। मगर जिस तरह का विवाद शिखर वार्ता के पहले खड़ा हो गया है और उत्तर कोरिया को धमकी के स्तर पर उतरना पड़ा है, उससे यह अंदेशा तो है ही कि कहीं शिखर वार्ता खटाई में न पड़ जाए।

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