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संपादकीयः लापरवाही का रोग

संक्रमण की पुष्टि होने के बाद बरती गई मामूली लापरवाही दूसरों के जीवन के लिए भी जोखिम पैदा कर सकता है। अभी दुनिया भर में कोरोना से बचाव के लिए जिन टीकों पर काम चल रहा है, उनके पूरी तरह सुरक्षित होकर आने में थोड़ा वक्त लग सकता है। इसलिए जरूरी है कि लोग इससे बचाव को अपनी जिम्मेदारी समझें।

Author Updated: December 26, 2020 2:39 AM
coronavirus, covid-19, flights, travelling tips in coronavirusपहली सीट जिसे अंग्रेजी में Aisle सीट कहते हैं, वहां बैठे लोगों में संक्रमण का खतरा अधिक हो सकता है

इससे बड़ी विडंबना और क्या होगी कि जिस दौर में कोरोना महामारी से बचाव और इसके संक्रमण को रोकने के लिए हर स्तर पर सावधानी बरतने की जरूरत है, वैसे में इससे संक्रमित कुछ लोगों की लापरवाही न केवल उन्हें जोखिम में डाल रही है, बल्कि उससे दूसरों को भी खतरा पैदा हो रहा है। ऐसी खबरों की पुष्टि हो चुकी है कि ब्रिटेन में अब कोरोना के एक नए प्रकार का संक्रमण फैल रहा है और उससे बचाव के लिए सरकारें जरूरी उपाय कर रही हैं।

खुद ब्रिटेन में बाजार खुलने, सार्वजनिक मेलजोल और आवाजाही आदि के मसले पर पहले के मुकाबले ज्यादा सख्ती बरती जा रही है, ताकि इसके संक्रमण को रोका जा सके। कई देशों ने ब्रिटेन जाने या वहां से आने वाली हवाई उड़ानों पर पूर्ण या आंशिक पाबंदी लगा दी है। जिन देशों में फिलहाल आपात स्थिति में हवाई जहाज से लोग ब्रिटेन से पहुंच रहे हैं, वहां हवाई अड्डे पर ही उनकी जांच की व्यवस्था की गई है। संक्रमित पाए जाने पर उन्हें एकांतवास में रखने और उपचार आदि का भी इंतजाम किया गया है। लेकिन हैरानी की बात है कि ऐसे कई लोग हैं, जो इस हकीकत और खतरे के बावजूद जांच से बचने की तो कोशिश कर रहे हैं, संक्रमित पाए जाने के बाद भी इलाज और निगरानी से भाग रहे हैं।

गौरतलब है कि भारत में ब्रिटेन से लौटे कुछ यात्रियों के दिल्ली में एकांतवास में रखे जाने के बावजूद भागने या चुपके से निकल जाने की खबरें सामने आई हैं। सरकार ने हवाई अड्डे पर ही ब्रिटेन समेत अन्य देशों से यहां आ रहे यात्रियों में कोरोना संक्रमण की जांच के लिए आरटी-पीसीआर कराने की व्यवस्था की है। इसी क्रम में एक महिला संक्रमित पाई गई थी, लेकिन उसके मुताबिक कोई लक्षण न होने की वजह से वह आंध्र प्रदेश के राजमुंदरी स्थित अपने घर चली गई। इसी तरह, दूसरा व्यक्ति पंजाब के लुधियाना चला गया।

हालांकि बाद में इन दोनों को खोजा गया और दिल्ली वापस लाकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। पहले से ही कोरोना के संक्रमण को लेकर जो हालात थे, उसमें दुनिया भर में लोगों को जागरूक किया जा रहा था। इसके बाद ब्रिटेन में नई स्थिति में सरकारी स्तर पर इसके प्रति सावधानी बरतने के लिए संदेशों का जितना प्रचार-प्रसार किया गया है, उसमें यह उम्मीद की जानी चाहिए के सभी लोग इसके बारे में पूरी जानकारी रखते होंगे। खासतौर पर हवाई यात्रा के दौरान सभी यात्रियों को न केवल यात्रा संबंधी, बल्कि मौजूदा परिस्थितियों को लेकर सभी तरह की जानकारी दी जाती है।

ऐसे में यह समझना मुश्किल है कि दिल्ली पहुंचे यात्रियों ने क्यों इस तरह लापरवाही की, जिसके चलते इस बीमारी के फैलने की आशंका बढ़ी। हालांकि ब्रिटेन से आने वाली उड़ानों के जरिए अब तक देश के अलग-अलग राज्यों में कुल बीस यात्रियों को संक्रमित पाया गया है। लेकिन फिलहाल यह साफ नहीं हो सका है कि वे सभी नए प्रकार के कोरोना वायरस से संक्रमित हैं या नहीं। यह ध्यान रखने की जरूरत है कि कोरोना का जोखिम अभी समाप्त नहीं हुआ है।

संक्रमण की पुष्टि होने के बाद बरती गई मामूली लापरवाही दूसरों के जीवन के लिए भी जोखिम पैदा कर दे सकता है। अभी दुनिया भर में कोरोना से बचाव के लिए जिन टीकों पर काम चल रहा है, उनके पूरी तरह सुरक्षित होकर आने में थोड़ा वक्त लग सकता है। इसलिए जरूरी है कि लोग इससे बचाव को अपनी जिम्मेदारी समझें।

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