Bihar Floods: बिहार हर वर्ष बाढ़ की विभीषिका का सामना करता है। इसका मतलब यह होता है कि इसकी प्रकृति को समझ कर इससे बचाव के इंतजाम किए जा सकते हैं। मगर इतने वर्षों से अमूमन हर वर्ष बाढ़ की तबाही के बावजूद राज्य को इस प्राकृतिक आपदा से बचाने के लिए कभी ठोस उपाय नहीं किए गए।
इस बार भी नदियां उफान पर हैं। कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश और नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में भारी वर्षा की वजह से राज्य के चौदह जिलों में स्थिति गंभीर हो गई है। चालीस लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। बड़ी संख्या में लोग बेघर हो गए हैं।
राहत शिविरों की अपनी सीमा है। गौरतलब है कि हर साल नेपाल से आने वाली नदियां तबाही लेकर आती हैं। बावजूद इसके राज्य सरकार इन नदियों के पानी को संभालने और आम लोगों को राहत के लिए कोई ठोस तंत्र विकसित नहीं कर पाई है। हर वर्ष बाढ़ राहत कार्यों पर निर्भरता के बजाय अगर सरकार बाढ़ नियंत्रण के उपायों पर ध्यान केंद्रित करती, तो इस समस्या को सुलझाने की दिशा में काफी आगे बढ़ा जा सकता था।
नागरिकों की सुरक्षा के लिए बनाए गए तटबंध आज नाकाम साबित हो रहे हैं, तो इस समस्या की जड़ में जाने की जरूरत है। यह निराशाजनक ही है कि हर साल बाढ़ राहत के नाम पर रस्मी कवायद कर अगले वर्ष फिर बाढ़ की प्रतीक्षा की जाती है। एक बड़ी चुनौती यह है कि हिमालयी नदियां हर बार अपने साथ भारी मात्रा में गाद लेकर आती हैं, जो राज्य की नदियों में जमा होती जाती हैं।
नतीजा यह कि उथली हो रही नदियों का पानी रिहाइशी इलाकों को अपनी चपेट में ले लेता है। सुशासन का दावा करने वाली सरकार ने इस समस्या को गंभीरता से लिया होता, तो राज्य में जल प्रबंधन की नई तस्वीर बन सकती थी।
यह बेवजह नहीं है कि देश के अन्य राज्यों की तुलना में बिहार को इस आपदा से सबसे अधिक नुकसान होता है। सही है कि बाढ़ को रोका नहीं जा सकता, लेकिन धरातल पर योजनाओं को साकार कर जन-जीवन को व्यापक नुकसान से जरूर बचाया जा सकता है।ॉ
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बिहार में गंगा और उसकी सहायक नदियों के उफान से बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग (SDMA) के अनुसार, 12 जिलों के 22 लाख से अधिक लोग इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हैं। स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने राहत और बचाव कार्यों का विस्तार किया है। महज एक दिन में कम्युनिटी किचन की संख्या 80 से बढ़ाकर 190 कर दी गई है। पढ़िए पूरी खबर…
