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दुनिया मेरे आगे

मसिजीवियों की दिक्कत

राजेंद्र उपाध्याय मसिजीवियों की दिक्कत दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। हाल ही में हमारी एक रचना राजस्थान साहित्य अकादमी की पत्रिका ‘मधुमती’ में छपी।...

नकल की बीमारी

शिक्षा संस्थाओं को विद्या का मंदिर माना जाता है। लेकिन आज देश के ज्यादातर स्कूल-कॉलेज और विश्वविद्यालय भी दो समस्याओं से त्रस्त हैं। एक...

बेटियों की जगह

महेंद्र राजा जैन महिलाओं को सक्षम और सशक्त बनाने के लिए लंबे समय से अलग-अलग सामाजिक अंदोलन चल रहे हैं। खुद सरकार भी विभिन्न...

आंदोलन बनाम अड़ंगा

‘आए थे हरिभजन को, ओटन लगे कपास’। आमजन का काम करने का संकल्प लेकर सत्ता में आए लोग आपसी मनमुटाव की निरर्थकता में लगे...

प्रकृति के आगे हम

राजकिशोर भूकम्प कैसे आता है, यह जब तक हमें पता नहीं था, इसके बारे में तरह-तरह की कहानियां थीं। एक कहानी यह थी कि...

संवाद बनाम रस्म अदायगी

जाबिर हुसेन कभी मैंने अपनी तहरीरों में लोक-शासन के लिए एक वैकल्पिक या समांतर शब्द ‘संवाद’ का इस्तेमाल किया था। यही शब्द आगे चल...

किसान की जान

विजय विद्रोही दिल्ली के जंतर मंतर पर आम आदमी पार्टी की रैली के दौरान गजेंद्र सिंह राजपूत नाम के एक किसान ने पेड़ पर...

आस्था की दीवार

प्रेमपाल शर्मा तिरुपति शहर को ‘भगवान तिरुमाला तिरुपति बालाजी’ के नाम से ज्यादा जाना जाता है। कुछ समय पहले सरकारी ड्यूटी की मजबूरी में...

शहर की हवा

लक्ष्मीकांता चावला दिल्ली को सुंदर बनाने की चर्चा और इस दिशा में कुछ काम हर सरकार करती रही है, पर इस सुंदरता के साथ...

जिंदा रहेंगी किताबें

रामधारी सिंह दिवाकर मुख्य रूप से हिंदी पट्टी में, जहां किताबों के लिए घर में कोई कोना-अंतरा नहीं बचा है, जहां पुस्तक-संस्कृति का लगभग...

अलबेला खिलाड़ी

के. विक्रम राव कानपुर के ग्रीनपार्क स्टेडियम की ऐतिहासिकता रिशी बेनो के चले जाने से गहरा जाती है। लखनऊ के हम श्रमजीवी पत्रकारों के...

विकृत पूजा

विष्णु नागर जिस दिन भारत के अधिकतर क्रिकेटप्रेमी भारत-आस्ट्रेलिया के बीच क्रिकेट का विश्वकप मैच देख रहे थे, उस दिन एक खबर के अनुसार...

अभाव के सामने

केसी बब्बर पिछले दिनों एक मित्र के साथ रेलगाड़ी से दिल्ली जाने का सुयोग बना। हालांकि हमारे शहर हांसी से दिल्ली के लिए सार्वजनिक...

भाड़े की खुशी

पम्मी सिंह विवाह समारोह के शोर-शराबे और हंसी-ठिठोली के बीच एक आवाज मुझे चौंका गई। एक पुरुष स्त्री जैसी आवाज में विवाह की रस्मों...

निज भाषा

हेमंत कुमार फ्रांस की निवासी और जर्मनी की शोधार्थी कैमिली बुआ इन दिनों बिहार के दौरे पर हैं। वे बिहार में पलायन के इतिहास...

जीत की हार

रागिनी नायक सुदर्शन की कहानी में तो ‘हार की जीत’ हो जाती है! दीन दुखिया अपाहिज का वेश धर कर डाकू खड्ग सिंह बाबा...

दिखावे की शिक्षा

महेंद्र राजा जैन आजकल अंगरेजी का आकर्षण इस कदर बढ़ गया है कि हर मां-बाप और अच्छे खाते-पीते या संपन्न घरों के लोगों से...

लैपटॉप की लॉलीपॉप

श्रीप्रकाश दीक्षित लोकसभा चुनाव में जब अस्सी सीटों वाले उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी को चार-पांच सीटें ही मिलीं तो नेताजी खिसियाए और...

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