ताज़ा खबर
 

दुनिया मेरे आगे

स्कूल में सांप

जाबिर हुसेन बजाहिर यह खबर इतनी ‘छोटी’ थी कि पढ़े-लिखों का ध्यान अपनी ओर नहीं खींच पाई। बीते सप्ताह मध्य बिहार की एक ‘जागरूक’...

मौत और मान्यताएं

बीनू पिताजी की मामी को हम दादी कह कर बुलाते थे। कुछ समय पहले उनका निधन हो गया। महीने भर की बीमारी के दौरान...

बेटी का समाज

अलका कौशिक टिंबा ने मेरे शहरी दर्प को उस रोज चकनाचूर कर दिया था। नगालैंड के आदिवासी समाज की नुमाइंदगी करने वाला टिंबा अपनी...

दिखावे का रोग

अंजलि सिन्हा अपनी जिंदगी के कोई पल यादगार बन पाएं, इसके लिए कुछ लोग न जाने क्या-क्या जतन करने लगते हैं। कोई खतरों से...

नाम की भूल

शरद तिवारी बात बहुत पुरानी नहीं हुई है। कुछ समय पहले दूरदर्शन की एक अस्थायी समाचार वाचिका ने जब चीन के राष्ट्रपति का नाम...

धर्मांतरण के पहलू

उमाशंकर सिंह धर्मांतरण पर मचे शोरगुल के बीच सत्तारूढ़ भाजपा जोर देकर कह रही है कि वह धर्मांतरण रोकने लिए कानून बनाने के पक्ष...

चेहरे और रंग

निखिल आनंद गिरि संपादन या एडिटिंग एक कमाल का कौशल है। ऐसा कह सकते हैं कि संपादन कला के माध्यम से अखबारी लेखन हो...

आहार का चुनाव

विष्णु नागर हाल ही में शाकाहार के लाभों के बारे में श्रीश्री रविशंकर की एक टिप्पणी एक अखबार में छपी। रविशंकरजी का रुझान साफतौर...

रिश्तों की डोर

शिबन कृष्ण रैणा जब यह तय हो गया कि तबादला निरस्त होने वाला नहीं है और दूसरी जगह जाना ही पड़ेगा तो हम पति-पत्नी...

अनुशासन में शासन

प्रेमपाल शर्मा दर्द है कि हर रोज रिसने के बावजूद कम नहीं हो रहा। दफ्तर खुलते ही दिल्ली स्थित केंद्र के सरकारी कर्मचारी आह...

विषमता का पाठ

अरमान आमना बारह साल की बच्ची है। उसने पिछले दो सालों से दिन-रात एक करके नवोदय विद्यालय की परीक्षा की तैयारी की। तैयारी कराने...

घरौंदे का तिनका

असीमा भट्ट एक सुखद संयोग है कि मैं मुंबई में जहां रहती हूं, वहां की बालकनी से बाहर देखने पर बंगाल में होने का...

सोच और शौचालय

पम्मी सिंह दीवारों पर लिखी कुछ सूचनाएं या वाक्य बरबस हमारे दिमाग पर चोट करते हैं। लेकिन हम आगे बढ़ जाते हैं, कभी नजरअंदाज...

कला के ठिकाने

सीरज सक्सेना करीब चार साल बाद कन्हारपुरी में अपनी ससुराल जाना हुआ। छत्तीसगढ़ का राजनांदगांव अब कन्हारपुरी को भी अपनी सीमा में ले चुका...

किस्सा अड्डे का

गोपेश्वर सिंह अथश्री अड्डा पुराण। आने को फेसबुक पर आ तो गया हूं, लेकिन मेरे मन का संशय अब भी मिटा नहीं है। मुझे...

हमारा किताबघर

प्रमोद द्विवेदी बीते पंद्रह अगस्त को हमें (रामप्रस्थ ग्रींस, वैशाली में) एक छोटा-सा पुस्तकालय मिल गया। इसे बनवाने में भास्कर गांधी ने जो योगदान...

गरीब पर शक

विष्णु नागर दिल्ली के जोहरीपुर इलाके के एक निम्न मध्यवर्गीय परिवार के सत्रह वर्षीय लड़के अनुपम गुप्ता ने कुछ दिन पहले साइकिल चोरी का...

आचार्य के शहर में

ध्रुव शुक्ल रायबरेली पहली बार जाना हुआ। राजनीति की दुनिया में यह स्थान इंदिरा-स्मृति से जुड़ा हुआ है और अब उसकी प्रतिनिधि सोनिया गांधी...