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दुनिया मेरे आगे

लैपटॉप की लॉलीपॉप

श्रीप्रकाश दीक्षित लोकसभा चुनाव में जब अस्सी सीटों वाले उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी को चार-पांच सीटें ही मिलीं तो नेताजी खिसियाए और...

चकमक की रोशनी

विष्णु नागर मेरे घर में शुरू से ‘चकमक’ पत्रिका आती रही है। मैंने अपने दोनों बच्चों को इसे पढ़ाया है और खुद भी पढ़ता...

अपना बेगाना

नीरा जलक्षत्रि कुछ समय पहले बरसों पुरानी मित्र का फोन आया। उसने बताया कि वह भारत लौट रही है। उसके पति को यहां एक...

झील और झुरमुट

प्रयाग शुक्ल कभी-कभी कोई झुरमुट, पौधों का पुंज, कोई कोना अपनी ओर इस तरह खींचता है कि उसमें किसी अरण्य जैसी स्मृति शामिल हो...

नाजुक रेशे रिश्तों के

सूर्यप्रकाश चतुर्वेदी हमारे आसपास, आंखों के सामने और नाक के ठीक नीचे इतना सब घटित होता रहता है और हम उसके प्रति अनजान बने...

प्रकंपित विश्वास

गिरिराज किशोर चौबीस मार्च को प्राइम टाइम में एनडीटीवी पर हाशिमपुरा के नरसंहार पर चर्चा थी। उसमें हिस्सा लेने वालों में उत्तर प्रदेश सरकार...

सेवानिवृत्ति के करीब

प्रेमपाल शर्मा बड़ी विचित्र स्थिति है। सरकारी नौकरी से रिटायर मैं हो रहा हूं, हलचल आसपास हो रही है। कल एक फोन आया, कुछ...

नॉस्टेल्जिया की कीमत

हरजेंद्र चौधरी मेरे जन्म-ग्राम में कुछ ऐसी पुरानी परंपराएं और जगहें हैं, जो तरह-तरह की किंवदंतियों का हिस्सा रही हैं। वहां के एक पुराने...

सफाई के साथ

पिछले दिनों मेरे बेटे के स्कूल में दो दिनों तक चलने वाले स्वच्छता अभियान के तहत स्कूल के बरामदे, दीवारें और कक्षाओं के पंखे...

छोटे शहर का बड़ा आदमी

जगमोहन सिंह राजपूत प्रोफेसर मुरारीलाल ने उनसे पूछा, ‘क्या नाम है आपका?’ वे बोले, ‘जनाब हम तो सब सब्जी वाले ही हैं, उसी नाम...

असाधारण जुनून

विष्णु नागर अपने काम के प्रति पूर्ण समर्पण के उदाहरण तो आज भी कम नहीं हैं। मगर बदनाम पुलिस महकमे की साधारण नौकरी करते...

रागी मन की वापसी

गोपेश्वर सिंह ‘अब आप खतरे से बाहर हैं…! इस नए जीवन का आनंद लें!’ आॅपरेशन के बाद जरूरी हिदायत के साथ अस्पताल से छुट्टी...

उम्मीद के चेहरे

अलका आर्य महिला अधिकारों और अभिव्यक्ति की आजादी की पुरजोर हिमायत करने वाली कवयित्री सिमिन बहबहनी से ईरान में शासन करने वाली ताकतें कितना...

बेटी की जगह

विजय विद्रोही बेटी को मुंबई जाना था। टाटा इंस्टीट्यूट आॅफ सोशल साइसेंज में महिला अध्ययन में लिखित इम्तहान और फिर साक्षात्कार होना था। इसके...

किताब के चार कदम

पिछले दिनों एक पुस्तक-यात्रा के सिलसिले में उत्तराखंड जाना हुआ। करनाल जनपद से विकास नारायण राय के साथ यात्रा शुरू की तो उत्तराखंड देखने...

बचे वक्त में

पेशे से भारतीय प्रशासनिक सेवा में वरिष्ठ पद, शिक्षा से इंजीनियर, मगर शौक से हिंदी साहित्य के पढ़ाकू एक मित्र ने अचानक प्रश्न उछाला...

मोबाइल के साथ

विष्णु नागर पहले सिर्फ (अचलित) फोन होता था और उसे हासिल करने में पसीने छूट जाते थे। कई तरह की तिकड़में लगानी पड़ती थीं,...

हरिश्चंद्र और फ्रायड

राजकिशोर पंडितजी धार्मिक श्रद्धा के साथ सत्य हरिश्चंद्र का किस्सा विस्तार से बताए जा रहे थे और मेरे अधार्मिक मन में फ्रायड चहलकदमी कर...