ताज़ा खबर
 

दुनिया मेरे आगे

सियासत की दीवारें

के. विक्रम राव जनसत्ता 11 नवंबर, 2014: सुबह के दैनिक पलट रहा था। अट्ठाईस से तीस तो अमूमन होते हैं। ‘आज का इतिहास’ पीटीआइ...

आजाद उद्यान

प्रयाग शुक्ल जनसत्ता 10 नवंबर, 2014: मैं उन्हें बड़े मनोयोग से संगमरमरी चबूतरे पर गिरे हुए एक-एक सूखे पत्ते, धूल को बुहारते देख रहा...

श्रमेव और संस्कृत

शास्त्री कोसलेंद्रदास जनसत्ता 22 अक्तूबर, 2014: नरेंद्र मोदी की सरकार बनने पर जिस बात की सबसे अधिक उम्मीद की गई, वह संस्कृत के विकास...

गांधी मैदान तब

के. विक्रम राव जनसत्ता 20 अक्तूबर, 2014: भले ही सौराष्ट्र के सींगदाने का बीया बड़ा होता हो, लखनऊ की मूंगफली खाने, साथ में सोंधा...

हिंसा का पाठ

प्रेम सिंह जनसत्ता 17 अक्तूबर, 2014: आनंद विहार इलाके के बाहुबली इंक्लेव पार्क में सुबह-शाम घूमने जाना होता है। वहां हर रोज आरएसएस, यानी...

कृतज्ञता का उत्सव

विजया सती जनसत्ता 16 अक्तूबर, 2014: पिछले महीने विश्वविद्यालय में नया सत्र शुरू होते ही लंबी छुट्टियां मिलीं। जैसे हमारे देश में ईद और...

सफाई का पट्टा

शीतला सिंह जनसत्ता 15 अक्तूबर, 2014: समाजवादी पार्टी के लखनऊ राष्ट्रीय सम्मेलन में वरिष्ठ मंत्री मोहम्मद आजम खां ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी...

मेट्रो में आते-जाते

प्रमोद द्विवेदी जनसत्ता 14 अक्तूबर, 2014: वैशाली से चली उस मेट्रो में मेरे सामने एक मचलता इश्तिहार था। ‘मैनफोर्स’ कॉफी-कंडोम के साथ अपनी खास...

बहार हुसैनाबादी की याद

जाबिर हुसेन जनसत्ता 13 अक्तूबर, 2014: ‘अबनाए जमाना मुझे कब ढूंढ़ेंगे/ गर ढूंढ़ने कहिए तो सबब ढूंढ़ेंगे/ ताजीस्त मेरी कद्र न समझेंगे बहार/ खो...

तहजीब की सरहद

अभिषेक श्रीवास्तव जनसत्ता 10 अक्तूबर, 2014: शहर से उस गांव की दूरी करीब बीस किलोमीटर रही होगी। रास्ते, आकाश और मन में सिर्फ रेत...

अंतिम संस्कार

अजेय कुमार जनसत्ता 9 अक्तूबर, 2014: रिश्ते में वे मेरे जीजा नहीं लगते थे, लेकिन पिता के जीजा होने के कारण घर में हम...

साफ सफाई

विजय विद्रोही जनसत्ता 8 अक्तूबर, 2014: मोदी सरकार ने स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत गांधी जयंती के दिन की। बहुत कम लोगों को पता...

जनेर के गीत

पंकज कुमार झा जनसत्ता 7 अक्तूबर, 2014: बिहार में बाढ़ प्रभावित इलाकों में जब तटबंध और बांध नहीं बने थे, तब वहां के लोकजीवन...

विज्ञापन का परदा

विष्णु नागर जनसत्ता 4 अक्तूबर, 2014: आर्थिक उदारीकरण का युग आने के बाद से खासतौर पर दिल्ली-मुंबई के बड़े अंग्रेजी अखबार बड़े शर्मीले-से हो...

साइप्रस में शादी

महेंद्र राजा जैन जनसत्ता 3 अक्तूबर, 2014: पिछले महीने साइप्रस पहुंचने पर पता चला कि वहां विवाह का ‘सीजन’ है। कुछ समझ में नहीं...

अहिंसा के अभिप्राय

शुभू पटवा जनसत्ता 2 अक्तूबर, 2014: चाहे हिंसा के बरक्स अहिंसा को एक अस्त्र के रूप में इस्तेमाल करने की बात हो धर्म-ध्वजा को...

जीते हुए हारे हुए

प्रदीप कुमार जनसत्ता 1 अक्तूबर, 2014: हॉकी के जादूगर ध्यानचंद के सम्मान में उनके जन्मदिन उनतीस अगस्त को खेल दिवस मनाया जाता है। इसका...

गांव का चेहरा

उमेश चतुर्वेदी जनसत्ता 30 सितंबर, 2014: कुछ घरेलू मजबूरियों के चलते पूर्वी उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में स्थित अपने गांव जाना पड़ा। ऐसा...