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दुनिया मेरे आगे

अंतिम संस्कार

अजेय कुमार जनसत्ता 9 अक्तूबर, 2014: रिश्ते में वे मेरे जीजा नहीं लगते थे, लेकिन पिता के जीजा होने के कारण घर में हम...

साफ सफाई

विजय विद्रोही जनसत्ता 8 अक्तूबर, 2014: मोदी सरकार ने स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत गांधी जयंती के दिन की। बहुत कम लोगों को पता...

जनेर के गीत

पंकज कुमार झा जनसत्ता 7 अक्तूबर, 2014: बिहार में बाढ़ प्रभावित इलाकों में जब तटबंध और बांध नहीं बने थे, तब वहां के लोकजीवन...

विज्ञापन का परदा

विष्णु नागर जनसत्ता 4 अक्तूबर, 2014: आर्थिक उदारीकरण का युग आने के बाद से खासतौर पर दिल्ली-मुंबई के बड़े अंग्रेजी अखबार बड़े शर्मीले-से हो...

साइप्रस में शादी

महेंद्र राजा जैन जनसत्ता 3 अक्तूबर, 2014: पिछले महीने साइप्रस पहुंचने पर पता चला कि वहां विवाह का ‘सीजन’ है। कुछ समझ में नहीं...

अहिंसा के अभिप्राय

शुभू पटवा जनसत्ता 2 अक्तूबर, 2014: चाहे हिंसा के बरक्स अहिंसा को एक अस्त्र के रूप में इस्तेमाल करने की बात हो धर्म-ध्वजा को...

जीते हुए हारे हुए

प्रदीप कुमार जनसत्ता 1 अक्तूबर, 2014: हॉकी के जादूगर ध्यानचंद के सम्मान में उनके जन्मदिन उनतीस अगस्त को खेल दिवस मनाया जाता है। इसका...

गांव का चेहरा

उमेश चतुर्वेदी जनसत्ता 30 सितंबर, 2014: कुछ घरेलू मजबूरियों के चलते पूर्वी उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में स्थित अपने गांव जाना पड़ा। ऐसा...

स्मार्ट की महिमा

सूर्यप्रकाश चतुर्वेदी जनसत्ता 29 सितंबर, 2014: आजकल ‘स्मार्ट’ शब्द की सभी क्षेत्रों में खूब चर्चा हो रही है। ‘स्मार्ट’ शहर चुने जाने की बात...

गांव में पुस्तकालय

राजेंद्र उपाध्याय जनसत्ता 26 सितंबर, 2014: गांव में एक पुस्तकालय था, पर कुछ लोगों के लिए उसके वहां होने का कोई अर्थ नहीं था।...

बालों का क्या

सूरज प्रकाश जनसत्ता 25 सितंबर, 2014: तब राजीव गांधी जिंदा थे और प्रधानमंत्री थे। उन्हीं दिनों बाजार में अनूप तेल आया था, सिर पर...

आमंत्रण का सम्मान

मृदुला सिन्हा जनसत्ता 24 सितंबर, 2014: हर व्यक्ति जीवन में कभी अभ्यागत तो कभी अतिथि की भूमिका में आता रहता है। आमंत्रण भेजने वाले...

सन्नाटा बुनती हवाएं

सुधीर विद्यार्थी जनसत्ता 23 सितंबर, 2014: लखनऊ के निशातगंज कब्रिस्तान में अपनी मां और बहन सफिया के बीच सोए मजाज़ से बातें करने के...

एक अघोषित हत्याकांड

राजकिशोर जनसत्ता 22 सितंबर, 2014: भारत की गायों ने नरेंद्र मोदी को वोट नहीं दिया है। न ही भैंसों और सूअरों ने। बकरों और...

जिंदगी की सांझ

दीपक मशाल जनसत्ता 19 सितंबर, 2014: स्वीडन में माल्मो शहर से कुछ दूरी पर ब्रिटेन के स्टोनहेंज की तरह का, लेकिन उसकी तुलना में...

मिट्टी से रचते हुए

सीरज सक्सेना जनसत्ता 18 सितंबर, 2014: बेजिंग से लगभग दो घंटे की हवाई यात्रा कर चांगचुन पहुंचा। दिल्ली हवाई अड्डे पर जम्मू के शिल्पकार...