ताज़ा खबर
 

दुनिया मेरे आगे

मुनाफे की दुनिया

मेरे बचपन में हमारे एक पड़ोसी थे। वे सुनारी का काम करते थे। जब तक उनके शरीर में दम रहा, तब तक वे दिन-रात...

मैगी और मणिपुर

Maggi and Manipur: क्या आपको नहीं लगता कि मैगी और मणिपुर में कहीं कोई संबंध है? म से मैगी और म से मणिपुर को...

निगरानी बनाम निजता

महेंद्र राजा जैन जब किसी भीड़ वाली जगह से गुजरता हूं तो सुरक्षा का सवाल मन के किसी कोने में मौजूद रहता है। बेशक...

दुनव के किनारे

सीरज सक्सेना मास्को से बेलग्रेड तक सफर सिर्फ दो घंटे का ही रहा, पर अधिक लंबा लगा। गंतव्य तक पहुंचने के ठीक पहले शायद...

प्यार का बिस्कुट

क्षमा शर्मा रविवार की एक सुबह घर की झाड़-पोंछ कर रही थी। बालकनी की खिड़कियों को बाहर से साफ करते हुए मेरी नजर नीचे...

सफर में कमीज

विनोद कुमार पिछले दिनों मुंबई जाना पड़ा। ट्रेन का सफर था, सो रास्ते में पढ़ने के लिए सलमान रुश्दी का उपन्यास ‘आधी रात की...

अफवाह का औजार

रागिनी नायक कुछ समय पहले नेपाल में भूकम्प के बाद अफवाहों का बाजार गरम हो गया। मोबाइल पर संदेशों से लेकर सोशल मीडिया का...

सात फेरे सात वचन

विष्णु नागर दूर के एक रिश्तेदार ने अपने बेटे के विवाह का लाल भड़कीला-चमकीला निमंत्रण-पत्र भेजा है। वे उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं...

कयास कीजिए

जाबिर हुसेन कयास कीजिए कि आप नालंदा से पाटलिपुत्र की दूरी सड़क-मार्ग से तय कर रहे हैं। शाम के साढ़े पांच-छह बज रहे हैं।...

लाल टाई का गणित

अभिषेक श्रीवास्तव गणितज्ञ जॉन नैश की एक सड़क हादसे में मौत की खबर जिस वक्त मिली, मैं दिल्ली के हिंदी भवन में बैठा था।...

सफर के रंग

निवेदिता जिंदगी ने दुनिया के कुछ मुल्कों के दो-चार शहरों को देखने का मौका दिया। जब कनाडा के एक प्यारे शहर मिसीसागा पहुंची तो...

अच्छे दिनों की आस

संपत सरल सोलहवीं लोकसभा का चुनाव लड़ते हुए भाजपा ने जुमला उछाला- ‘अच्छे दिन आने वाले हैं’ और मतदाता ने भरोसा करके अपना अमूल्य...

कुछ अभिकथन

राजकिशोर यह दंभ मत पालो कि दूसरों को तुमने पहचान लिया है। क्या तुम्हें कोई और पहचान पाया है? कुछ चीजें सोचने में सुंदर...

शोध का यथार्थ

सूर्यप्रकाश चतुर्वेदी पीएचडी की उपाधि किसी भी विषय के गहन अध्ययन और सूक्ष्म सोच-विचार के बाद अनेक पहलुओं को उजागर करने के लिए दी...

स्मृतियों में शरद भाई

यशवंत कोठारी वे 1977 की सर्दियों के दिन थे। शरद जोशी किसी कवि सम्मेलन के सिलसिले में उदयपुर आए और एक होटल में ठहरे...

वाह रे गर्व

पाणिनि आनंद गर्व बुखार हो जैसे। मुद्दत हुई, हुआ ही नहीं और अब आ गया है तो उतरता नहीं, चढ़ता चला जाता है। और...

समाज का सहयोग

प्रेमपाल शर्मा नई सरकार ने गद्दी संभालते ही बड़े धुआंधार ढंग से स्वच्छता अभियान शुरू किया है, गांधी से लेकर ईश्वर का नाम लेते...

हवा में विकास

प्रवीण कुमार सिंह दिल्ली से जब मैंने पश्चिम एक्सप्रेस से गुजरात का रुख किया तो मन में बहुत कौतूहल था। गुजरात के बारे में...