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दुनिया मेरे आगे: सुनो कहानी

दरअसल, कहानियां दुनिया के बारे में हमारा नजरिया बनती हैं। ये हमें अलग-अलग जगहों, स्थितियों और पात्रों के जीवन के बारे में जानने का मौका देती हैं। विभिन्न कहानीकारों को पढ़ कर न सिर्फ हम उस कहानी को या उसके किरदारों को समझते हैं, बल्कि जिस जगह से वह कहानी जुड़ी होती है, उस जगह की सभ्यता, स्थितियां और संस्कार को भी जानते हैं।

Author December 7, 2018 6:31 AM
तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है। (Image Source: pixabay)

तनिष्का वैद्य

बचपन में मां रोज रात को मुझे सुलाने के लिए कई कहानियां सुनाती थी। उनमें से बहुत सारी तो मैं भूल गई, लेकिन कुछ याद रह गर्इं। अब समझ में आता है कि उन कहानियों में कई बातें छिपी होती थीं। एक कहानी में था कि भीषण गरमी के दिन थे और एक कौवा आकाश में उड़ रहा था। उड़ते हुए उसे प्यास लगी तो उसने अपने चारों ओर देखा। वहां से थोड़ी दूर उसे एक जगह मटका दिखाई दिया। वह झट से वहां पहुंचा और उसने पानी पीने की कोशिश की। लेकिन उसने जब उस मटके में देखा तो पानी बहुत नीचे था। इस कारण कौवे के लिए पानी पीना नामुमकिन था। उसने कुछ देर सोचा और फिर पास में रखे पत्थर अपनी चोंच से उठा कर उसमें डालने लगा। धीरे-धीरे पानी ऊपर आ गया और उसने पानी पी लिया। उसके बाद वह आसमान में उड़ गया।

दरअसल, हम बचपन से ही कहानियों से जुड़े होते हैं। हम कहानियों से कभी कुछ समझते हैं तो कभी कुछ समझाते है। बचपन की इन कहानियों से हमारा एक अलग रिश्ता बन जाता है जो पूरी जिंदगी हमारे साथ रहता है। जब हम छोटे होते हैं तो घर के बड़े हमें अक्सर राजा-रानी, परियों, जंगल के जानवरों, खूंखार शेर और भगवानों की रोचक कहानियां सुनाते हैं। उस दौर में हमारे सोचने-समझने की जो सीमा होती है, उसके मुताबिक हम तब के लिए उन्हें सच भी मान लेते हैं। जैसे-जैसे हम बड़े होते हैं, हमारी कहानियां भी बदल जाती हैं। कभी कहानियां स्कूलों में पढ़े जाने वाले पाठ तो कभी किस्सों के रूप में ढल जाती हैं।

दरअसल, कहानियां दुनिया के बारे में हमारा नजरिया बनती हैं। ये हमें अलग-अलग जगहों, स्थितियों और पात्रों के जीवन के बारे में जानने का मौका देती हैं। विभिन्न कहानीकारों को पढ़ कर न सिर्फ हम उस कहानी को या उसके किरदारों को समझते हैं, बल्कि जिस जगह से वह कहानी जुड़ी होती है, उस जगह की सभ्यता, स्थितियां और संस्कार को भी जानते हैं। यह ऐसी विधा है, जिससे कहानीकार हमारे विचारों को बनाता है। ये कहानियां कभी हमें परियों की लुभावनी फंतासी दुनिया में ले जाती हैं तो कभी दुनिया की कड़वी सच्चाइयों से रूबरू करवाती हैं।

जब हम मानव सभ्यता के शुरुआती पन्नों को खोल कर देखते हैं तो जानने को मिलता है कि इंसान का कहानियों से जुड़ाव तब से है जब से इस धरती पर इंसान आदिमानव के रूप में विकसित हो रहा था। कई जगह इसके प्रमाण भी मिलते हैं। कई गुफाओं में, पत्थरों पर आदिमानव द्वारा उकेरे हुए चित्र मिले हैं, जिसके जरिए वे कहानी बताते थे। इन चित्रों को आज भित्ति-चित्र कहा जाता है और पुरातत्त्व वैज्ञानिकों के लिए यह किसी खजाने से कम नहीं है, क्योंकि इससे वे उस वक्त के बारे में जानकारियां जुटा सकते हैं। धीरे-धीरे कहानियां पत्तों पर लिखी जाने लगीं और संगीत और नृत्य के रूप में बताई जाने लगीं। समय बदला और सिनेमा ने कहानियां कहने का तरीका भी बदल दिया। आज आधुनिक तकनीकी के दौर में कहानियां किताबों, ब्लॉग, सोशल मीडिया, यू-ट्यूब या सिनेमा के जरिये दिखाई सुनाई देती हैं।

कहानियां सिर्फ मनोरंजन का ही साधन नहीं हैं, बल्कि कई बड़ी क्रांतियों और जमीनी मुद्दों में लोगों को एकजुट करने में भी इनका बड़ा योगदान है। भारत की स्वाधीनता की लड़ाई हो या फ्रांस की क्रांति या कोई और मुद्दा, कहानियों की इनमें अहम भूमिका रही है। इन कहानियों ने लोगों को जोड़ा, उनके विचारों को बदला और इस तरह दुनिया में बदलाव लाने में भी इसने बड़ी भूमिका निभाई। यह बात साफ है कि हमें उन बातों में अधिक रुचि होती है जो कहानी के रूप में जाती हैं। यह तथ्य प्रमाणित है कि हमें वे बातें ज्यादा लंबे वक्त तक याद रहती हैं जो कहानी की तरह बताई जाती है, बजाय उन बातों के जो साधारण तौर से बताई जाती हैं।

कहानीकार, पत्रकार, फिल्म लेखक आदि बेहतरीन किस्सागो होते हैं। इनकी किस्सागोई में ऐसा जादू होता है कि हम अपना जरूरी काम छोड़ कर, सब कुछ भूल कर इनकी कहानियों में खो जाते हैं। सैकड़ों साल पहले के ‘महाभारत’ और ‘रामायण’ ऐसी ही बेहतरीन किस्सागोई के उदाहरण हैं। ये कहानियां आज भी लोगों को मुंहजबानी याद है और इसके मुख्य किरदार हमेशा के लिए अमर हो चुके हैं। लेकिन इस दौर का सच यह है कि अब कहानी भी हमारे जीवन से दूर होती जा रही है। दादी-नानी की कहानियां अब गुम हो चुकी हैं। किताबों की कहानियां भी बच्चों से दूर होती जा रही है। कहानियों का संसार बहुत बड़ा ओर मनमोहक है। इस संसार में खुशियां हैं तो आंसू भी, अपनापन है तो अकेलापन भी। हर भावना अपने साथ लिए कहानियां हर रोज कुछ नया बताती, जोड़ती और सिखाती हैं।

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