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दुनिया मेरे आगेः छोटा मगर काम का

फरवरी को प्रेम, प्रकृति और मौसम के खूबसूरत समय के रूप में भी मान्यता प्राप्त है। बासंती हवाओं के बीच हरेक हृदय में संवेदनाओं का मधुर सितार बजने लगता है। यही वह माह है जो आने वाली तपन और जीवन के कठिन समय में संघर्षों के लिए हमें सजग और तैयार रहने के लिए आगाह भी करने की कोशिश करता है। शुक्रिया हमारे हितचिंतक फरवरी..!

Author Published on: February 26, 2020 12:59 AM
फरवरी महीना बचत और सूझबूझ से निर्णय लेना भी सिखाता है।

एकता कानूनगो बक्षी

जीवन में अगर कुछ सीखना समझना चाहें तो हर चीज हमें यह मौका उपलब्ध करा देती है। वह चाहे प्रकृति हो या घर-परिवार और जीवनशैली। यहां तक कि साल का हर दिन कोई न कोई सीख हमें दे जाता है। अब कैलेंडर के ‘फरवरी’ जैसे छोटे माह की बात करें तो यह हमें सिखाने में कुछ पीछे नहीं है। जनवरी महीने से धूमधाम से शुरुआत करने वाला नया साल समय की डगर पर मार्च करता हुआ तीसरे पड़ाव ‘मार्च’ तक पहुंचने को है। नई उमंग और संभावनाओं की उम्मीद जगाता साल का सबसे पहला महीना जनवरी पूरे जोशोखरोश के साथ पूरे इकतीस दिन की शक्ति और सामर्थ्य के साथ आता है। एक संपूर्ण महीने के रूप में जनवरी महीना नए साल की खुशियों और उल्लास को नई उड़ान देने की कोशिश करता है। फिर जनवरी महीने के समाप्त होते ही आ जाता है आधा-अधूरा सा महसूस होता ‘फरवरी’ का महीना। कभी अट्ठाईस तो कभी उनतीस दिनों वाला यह महीना भी बड़ा खास और मजेदार होता है। कुछ लोग इस बात पर खुश हो जाते हैं कि महीने में कम काम करके पूरी तनख्वाह के हकदार बन जाएंगे, तो किसी को माह के बड़े लक्ष्यों के आगे समय की कमी खलने लगती है।

मोटे तौर पर समझा जाए तो कैलेंडर में फरवरी के दिनों की संख्या घटाना और बढ़ाना इसलिए भी जरूरी है, ताकि वर्ष, दिनमान, पृथ्वी और सूर्य की परिक्रमा आदि से सही-सही तालमेल बैठाया जा सके। इस संदर्भ में फरवरी का यह छोटा-सा दिखने वाला महीना बहुत महत्त्वपूर्ण हो जाता है। व्यापक संदर्भ में कहें तो इससे बड़े अभियान और बड़े लक्ष्यों की प्राप्ति में लघु के महत्त्व को स्वीकारने जैसी बात का संदेश भी मिल जाता है। इसी तरह के और भी बहुत से संदेश दे जाता है यह प्यारा फरवरी माह। यह समझ लेना भी बहुत जरूरी है कि जिस तरह अनावश्यक छप्पन पकवानों से सजी थाली से कहीं अधिक स्वास्थ्यवर्धक है पौष्टिकता से भरपूर थोड़े व्यंजनों वाला भोजन, उसी तरह कम दिनों वाले फरवरी के हर दिन को पूरी तैयारी और उद्देश्य के साथ बिताने से जो संतोष रस मिलेगा, वह जीवन को बल देने के साथ बहुत आनंददायक भी होगा।

फरवरी महीना बचत और सूझबूझ से निर्णय लेना भी सिखाता है कि कम समय में किस तरह बेहतर प्रबंधन किया जा सकता है। हम अक्सर ऐसे कई लोगों को देखते रहते हैं, जिनकी काफी अच्छी आय होते हुए भी उनका जीवन का निर्वाह ठीक से नहीं हो पाता और हमेशा उनके हाथ दूसरों के सामने मदद मांगते रहते हैं। वहीं कुछ लोग कम आमदनी में भी ठीक-ठाक गुजारा कर लेते हैं और अपना जीवन आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन से व्यतीत करते हैं। ये लोग निश्चित ही फरवरी महीने की तरह मितव्ययी होते हैं, जो अपनी चादर के हिसाब से ही पैर फैला कर सोते हैं। अनावश्यक दिखावे और आडंबर से दूर रह कर बड़े विवेकपूर्ण तरीके से भविष्य के लिए थोड़ा बहुत बचा भी लेते हैं। फरवरी महीना हमें क्षमताओं और साधनों की मितव्ययिता हर साल सिखा जाता है।

कठिन समय में ही हमें अपनी असली क्षमता की पहचान हो पाती है। जब हमारे सामने समय सीमा और लक्ष्य होता है, तब हमारे प्रदर्शन भी सर्वश्रेष्ठ हों, इसके लिए संघर्ष भी जरूरी होता है। फरवरी महीना हमें हमारी अंदरूनी क्षमता से हमारी पहचान करने का परोक्ष संदेश भी देता है। कम समय में बेहतर प्रदर्शन देने के लिए उत्साहित कर देता है।
फरवरी महीने की प्रकृति को अगर एक दार्शनिक की तरह समझें तो यह माह हमें हमारे अस्तित्व और जीवन में उपलब्ध सीमित समय का स्मरण करा देता है कि हम सबके पास गिनती के और निश्चित दिन ही होते हैं। जरूरी नहीं कि हमेशा हमें पूरे इकतीस या तीस दिन ही मिलें। कौन जानता है कि कौन-सा दिन हमारा आखिरी दिन होगा। जरूरी है कि जितना है, उसमें खुश रहना सीखें हम। प्राथमिकता के साथ अपने लक्ष्यों के अनुसार काम करने की समझ भी हमें समय रहते विकसित करने की कोशिश कर लेना चाहिए।

यह महीना ऊर्जा संरक्षण का भी जरूरी पाठ सिखा देता है। थोड़ी ऊर्जा को हमेशा बचा कर रखने से जरूरत पड़ने पर उसका सही जगह उपयोग किया जा सकता है। अगर हम पहलवानों या दूसरे खिलाड़ियों को देखें तो वे पूरे खेल के दौरान अपनी कुछ ऊर्जा विजय के लिए अंतिम क्षणों के लिए बचा कर रखते हैं। फरवरी माह के ये दो-तीन कम दिन उसी अदृश्य ऊर्जा का दृष्टांत कहे जा सकते हैं।

फरवरी को प्रेम, प्रकृति और मौसम के खूबसूरत समय के रूप में भी मान्यता प्राप्त है। बासंती हवाओं के बीच हरेक हृदय में संवेदनाओं का मधुर सितार बजने लगता है। यही वह माह है जो आने वाली तपन और जीवन के कठिन समय में संघर्षों के लिए हमें सजग और तैयार रहने के लिए आगाह भी करने की कोशिश करता है। शुक्रिया हमारे हितचिंतक फरवरी..!

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