रंग और उमंग त्योहारों के

भारत की सबसे बड़ी खूबसूरती इसकी विविधता है, जहां अलग-अलग जातियां, अलग-अलग धर्म और सबके अपने अलग-अलग रीति-रिवाज, परंपरा और पर्व-त्योहार भी हैं।

सांकेतिक फोटो।

भारत की सबसे बड़ी खूबसूरती इसकी विविधता है, जहां अलग-अलग जातियां, अलग-अलग धर्म और सबके अपने अलग-अलग रीति-रिवाज, परंपरा और पर्व-त्योहार भी हैं। ये पर्व और त्योहार हर वर्ष बड़ी धूमधाम से मनाए जाते हैं। हिंदुस्तान में अक्तूबर और नवंबर के महीने इसलिए बहुत महत्त्वपूर्ण होते हैं कि इस दौरान दशहरा, दीपावली से शुरू होकर एक के बाद एक गोवर्धन पूजा, भैया दूज और फिर छठ पूजा की धूम रहती है।

घर-आंगन से लेकर बाजार तक उत्सव का वातावरण रहता है। हर तरफ सजावट होती है। इसी महीने में सिखों का महत्त्वपूर्ण पर्व गुरुपर्व भी आने वाला है, तो उनके लिए भी यह महीना बहुत खास है। फिर इन त्योहारों की लहर कुछ मद्धिम पड़ेगी तो फिर क्रिसमस और नए साल के जश्न की तैयारियां शुरू हो जाएंगी। हिंदुस्तान में थोड़े-थोड़े अंतराल पर त्योहारों की कड़ी जुड़ी रहती है। मध्य भारत में त्योहारों का सिललिसा अलग चलता है, तो पूर्वोत्तर और दक्षिण में अलग। महाराष्ट्र में तो गणेशोत्सव से ही उत्सवों की शृंखला शुरू हो जाती है।

समानतापूर्ण सोच और एक समान शैक्षिक पाठ्यक्रम के बढ़ते प्रभाव के चलते अब अच्छी बात यह हो गई है कि पर्व चाहे किसी भी जाति-धर्म से संबंधित हों, लोग एक-दूसरे के त्योहारों में हिस्सा लेने लगे हैं और उनकी देखादेखी खुद भी उन पर्वों को मनाने लगे हैं। हमने कई जगहों पर देखा है कि दीपावली के अवसर पर सिर्फ हिंदू नहीं, हर जाति-धर्म के लोग अपने घर और बालकनी को बिजली की लड़ी से सजा लेते हैं, और पड़ोसी के साथ मिल कर त्योहार मनाने में भागीदारी करने लगे हैं। ऐसे ही गुरु पर्व में भी शामिल होने वाले लोगों के जाति-धर्म को देखा जाए, तो इसमें बाहर के लोग भी उत्सव मनाते मिल जाएंगे। ऐसे ही मुसलिमों के महत्त्वपूर्ण त्योहार ईद में भी दूसरे धर्मों के भारतीय लोग खुश होकर और बड़े उत्साह से शामिल होते हैं। क्रिसमस तो जैसे भारत के मुख्य त्योहारों में शामिल हो गया है।

इसीलिए कहा जा सकता है कि विभिन्न त्योहार हमारे देश की खास विशेषता हैं। इससे आने वाली पीढ़ियां हमारे देश की ऐतिहासिक धरोहरों और परंपराओं को जानती और उनसे जुड़ी वीरतापूर्ण और नीतिपरक कहानियां पढ़-समझ कर उनसे प्रेरणा लेती हैं। हमारा इतिहास और सामाजिक-सांस्कृतिक परंपराएं न केवल पुरानी चीजों से हमारा परिचय कराती हैं, बल्कि शुरुआत से लेकर अब तक के बदलाव के विभिन्न चरणों से भी रूबरू कराती हैं। त्योहार मनाने के पीछे यह सोच भी काम करती है कि इस बहाने हम स्वयं के सृजन से लेकर वर्तमान और वर्तमान की कोशिश से हम भविष्य कैसा बनाना चाहते हैं, उसकी नींव गढ़ते हैं।

सिर्फ इतना ही नहीं, त्योहार हमें अपने घर के साथ-साथ अपने आसपास की जगहों तथा मुहल्ले को भी स्वच्छ और सुंदर रखने के लिए प्रोत्साहित करते हैं, ताकि सब कुछ चकमक करें। इस कार्य में स्थानीय नेता और सरकार भी भागीदारी निभाते हैं, तभी पर्व त्योहार के आने से पहले ही हमारे नेतागण अपना पोस्टर लगवाते हैं और जताते हैं कि जनता के लिए महत्त्वपूर्ण पर्व-त्योहार उनके लिए भी महत्त्व रखते हैं, तभी इन पर्व-त्योहारों के अवसर पर हमारे नेतागण काफी काम करवाते हैं, रास्ते की साफ-सफाई, लाइटों का इंतजाम, पंडाल और भी बहुत कुछ। इस रूप में वे जनता की होने वाली भीड़ में अपनी राजनीति चमकाने का रास्ता भी ढूंढ़ते हैं। इसलिए भी कहा जा सकता है कि पर्व-त्योहार जनता के लिए ही नहीं, हमारे नेताओं के लिए भी बहुत महत्त्व रखते हैं।

बाजार और व्यापारियों के एक बड़े वर्ग के लिए भी त्योहार संजीवनी का काम करते हैं, क्योंकि पर्व-त्योहारों में इस्तेमाल होने वाले सामान की जबर्दस्त बिक्री इन दिनों होती है, जिससे उनकी अच्छी आमदनी होती है और साल भर की कम कमाई की इससे पूर्ति भी होती है। इस सबके अलावा एक और खास बात, निम्न और मध्यवर्गीय लोगों के लिए इसलिए भी त्योहार बहुत खास होता है कि इन त्योहार पर ही वे नए वस्त्र खरीदते और तरह-तरह के पकवान अपने घरों में बनाते हैं। इसलिए त्योहार घर के बड़ों और अभिभावकों के लिए जिम्मेदारी का भी नाम है कि वे इतना कमाएं कि अपने घर-परिवार का न केवल भरण-पोषण कर सकें, बल्कि कम से कम इतना कमाएं कि हर वर्ष त्योहार के अवसर पर अपने ऊपर निर्भर स्त्री-पुरुष, बच्चों की भी जरूरतों को पूरा कर सकें।

इस सब कारणों से त्योहार हम सभी के लिए बहुत सारी खुशियां लेकर आता है। अगर त्योहार जीवन से हट जाएं, तो बहुत-सी चीजें छूट जाएंगी जो कि किसी को भी अच्छा नहीं लगेगा। इसीलिए त्योहार चाहे कोई भी हो, हम सभी के लिए बहुत महत्त्व रखता है। इस दिन सज-संवर कर लगता है कि मानो जीवन ही संवर गया हो। ऐसा हो भी क्यों नहीं, क्योंकि इसमें जीवन को संवारने वाला तत्व जो मौजूद है।

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